भारतीय भाषाओं द्वारा ज्ञान

Knowledge through Indian Languages

Dictionary

Definitional Dictionary of Philosophy (English-Hindi) (CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

A B C D E F G H I J K L M N O P Q R S T U V W X Y Z

Please click here to view the introductory pages of the dictionary
शब्दकोश के परिचयात्मक पृष्ठों को देखने के लिए कृपया यहाँ क्लिक करें।

Realism

यथार्थवाद
1. वह सिद्धांत कि सामान्यों का बाह्य जगत् में स्वतंत्र रूप से अस्तित्व होता है।
2. वह सिद्धांत कि बाह्य जगत् वास्तविक है, न कि मन की कल्पना अथवा यह कि प्रत्यक्ष की वस्तु सचमुच अस्तित्व रखती है अर्थात् उसका अस्तित्व ज्ञाननिरपेक्ष है।

Realistic Idealism

यथार्थवादी प्रत्ययवाद
वह सिद्धांत कि अनाध्यात्मिक या मानसिकेतर प्रकार की सत्ताएँ भी हैं, पर उनकी स्थिति आध्यात्मिक सत्ता की अपेक्षा गौण कोटि की है।

Realistic Value Theory

यथार्थवादी मूल्य-सिद्धांत
मूल्यों (सत्यता, शुभत्व इत्यादि) के अस्तित्व को ज्ञातृनिरपेक्ष माननेवाला सिद्धांत।

Reality

सत्
वह तत्त्व जो सृष्टि मात्र का उपादन है।

Realization

उपलब्धि, प्राप्ति, सिद्धि
किसी साध्य या लक्ष्य को प्राप्त करना या उसका बोध होना।

Realm Of Ends

साध्य जगत्
कृपया देखें “kingdom of ends”।

Real Proposition

वास्तविक प्रतिज्ञप्ति
वह प्रतिज्ञप्ति जो उद्देश्य के बारे में ऐसी जानकारी देती है जो उसकी परिभाषा में शामिल न हो।

Reals

सत्, तत्त्व
जर्मन दार्शनिक हर्बर्ट (Herbart, 1776-1841) के अनुसार, सत्ता के चरम तत्त्व जो परमाणुओं और लाइब्नित्ज़ के चिदणुओं के सदृश, गुण में समान, सरलतम, निरवयव तथा अविनाशी कल्पित किए गए हैं।

Reason

1. तर्कबुद्धि : वस्तुओं के पारस्परिक संबंधों को ग्रहण करनेवाली, अनुभवों को व्यवस्था प्रदान करनेवाली, तुलना, विश्लेषण और संश्लेषण करनेवाली, आधारवाक्यों से निष्कर्ष निकालने वाली, ज्ञात से अज्ञात और विशेषों से सामान्यों का ज्ञान करानेवाली मानसिक शक्ति।
2. हेतु : वह जो किसी निष्कर्ष, विश्वास, कथन या कर्म का तार्किक आधार होता है।

Reasoning

तर्क, तर्कणा
अनुमान करने अर्थात् ज्ञात से अज्ञात के बारे में निष्कर्ष निकालने की मानसिक प्रक्रिया।

Rebuttal Of Dilemma

उभयतःपाश-विखंडन
किसी उभयतःपाश के निष्कर्ष को एक प्रति-उभयतःपाश के द्वारा खण्डित करना : प्रति उभयतःपाश प्रायः मूल उभयतःपाश के अंशों को ही नए रूप में संयुक्त करके बनाया जाता है, परन्तु इस विषय में कोई बंधन नहीं है; केवल एक ऐसा उभयतःपाश चाहिए जिसका निष्कर्ष मूल के निष्कर्ष का व्याधाती हो। देखिए – “counter-dilemma”।

Redemption

उद्धार
पाप से अथवा (हिन्दू और बौद्ध धर्म की मान्यता के अनुसार) कर्म के, अर्थात् पाप और पुण्य दोनी ही के, बंधन से मुक्ति।

Reductio Ad Absurdum

प्रसंगापत्ति, व्याघात-प्रदर्शन, असंगति-प्रदर्शन
किसी प्रतिज्ञप्ति को यह दिखाकर सिद्ध करना कि उसके निषेध से असंगत, व्याघाती या अवांछित परिणाम उत्पन्न होते हैं।

Reductio Ad Impossible

असंभवापत्ति
किसी प्रतिज्ञप्ति को सिद्ध करने के लिए यह दिखाना कि उसे असत्य मानने से असंभव परिणाम निकलते हैं।

Reduction

आकृत्यंतरण, अपचयन
तर्कशास्त्र में, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ आकृतियों के किसी भी विन्यास को प्रथम आकृति के किसी विन्यास में बदलना (ऐरिस्टोटेलियन अर्थ), अथवा, अधिक विस्तृत अर्थ में, किसी भी आकृति के किसी भी विन्यास को किसी भी अन्य आकृति के किसी विन्यास में बदल देना। देखिए figure तथा mood। (यह प्रणाली विन्यास की वैधता को जाँचने में उपयोगी होती है।)

Reductionism

अपचयवाद
1. संवृत्तिशास्त्र (phenomenology) का एक पारिभाषिक शब्द, जिसके अनुसार हम जीवन की पूर्व-मान्यताओं, प्राक्-कल्पनाओं से मुक्त होकर किसी वस्तु के सारतत्त्व (essences) पर ध्यान केंद्रित करते हैं। हुसर्ल के अनुसार अपचय-क्रिया के तीन भेद हैं :
(i) मनोवैज्ञानिक (psychological) (ii) मूर्त्त-कल्पी (ridetic) (iii) अतीन्द्रिय (transcendental)
2. ‘ए. जे. एयर’, ‘जॉन विज्डम’ इत्यादि विश्लेषणवादियों के अनुसार किसी भौतिक वस्तु से संबंधित कथन की सार्थकता इस बात पर आधारित होती है कि उसको इंद्रिय-प्रदत्तों से संबंधित कथन में किस सीमा तक घटित किया जा सकता है।

Reductive Fallacy

अपचय-दोष
किसी जटिल घटना का सरल तत्त्वों में विश्लेषण करके अथवा किसी अधिक विकसित वस्तु के साथ कुछ निम्न कोटि के तत्त्वों का अस्तित्व दिखाकर यह मान लेने का दोष कि वह उनके अतिरिक्त कुछ है ही नहीं, जैसे यह कि ध्वनि वायु के कणों के क्रमिक संघनन और विरलन के अतिरिक्त कुछ है ही नहीं।

Reductive Materialism

अपचयी भौतिकवाद, अपचयी पुद्गलवाद
ब्रॉड (broad) के अनुसार, वह सिद्धांत कि भौतिक वस्तुओं का सचमुच अस्तित्व है और मन उन्हीं के स्थूल या सूक्षम् परिवर्तनों का नाम मात्र है, जैसा कि व्यवहारवाद में माना गया है।

Reductive Mentalism

अपचयी मानसवाद्
ब्रॉड के अनुसार, वह सिद्धांत (जो तर्कतः संभव है, पर माना कहीं नहीं गया है) कि मन का सचमुच अस्तित्व है और भौतिकता एक ऐसी विशेषता है जिसका मानसिकता में विश्लेषण किया जा सकता है।

Reductive Neutralism

अपचयी तटस्थवाद
ब्रॉड के अनुसार, वह सिद्धांत कि न भौतिकता और न मानसिकता किसी द्रव्य का गुण है, बल्कि दोनों ही एक मौलिक तटस्थ द्रव्य के विवर्त (आभास) मात्र हैं। बर्ट्रेन्ड रसल ने इसी दर्शन को तटस्थ एकतत्त्ववाद (neutral monism) की संज्ञा प्रदान की है।

Languages

Dictionary Search

Loading Results

Quick Search

Follow Us :   
  भारतवाणी ऐप डाउनलोड करो
  Bharatavani Windows App