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Definitional Dictionary of Philosophy (English-Hindi) (CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

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Positivism

प्रत्यक्षवाद, भाववाद
फ्रेंच दार्शनिक कोंत (Auguste Comte; 1798-1857) का यह सिद्धांत कि दर्शन को इंद्रियानुभविक विज्ञानों की प्रणालियों का अनुसरण करते हुए प्राकृतिक तथ्यों के वर्णन और कार्य-कारण संबंधों तक ही सीमित रहना चाहिए। इस सिद्धांत का आधार कोंत की यह मान्यता थी कि ज्ञान के विकास में पहली दो अवस्थाएँ, जिन्हें ‘धर्मशास्त्रीय’ और ”तत्त्त्वमीमांसीय” कहा गया है, अपूर्णता की होती हैं, जबकि उसमें पूर्णता तीसरी और अंतिम अर्थात् तथ्यपरक विज्ञान-वाली अवस्था में आती है।

Possibility

संभवता
उस प्रतिज्ञप्ति की विशेषता जिसका निषेध अनिवार्य नहीं होता, उस घटना की विशेषता जो हो सकती है अथवा जिसके होने की स्वतोव्याघात के बिना कल्पना की जा सकती है।

Post Hoe Ergo Propter Hoe

यत् पूर्वम् तत्कारणम्’ काकतालीय दोष
यह एक अनौपचारिक (informal) तर्कदोष है। दो घटनाओं के बीच केवल पूर्वापर-क्रम मात्र के आधार पर जब उनमें कारण-कार्य संबंध की स्थापना की जाती है तो उस युक्ति में उपर्युक्त दोष का आरोपण कर दिया जाता है, जो सही नहीं है। उदाहरण के लिए यदि यात्रा प्रारम्भ करते समय बिल्ली रास्ता काट दे और बाद में कोई दुर्घटना घटित हो जाए तो बिल्ली द्वारा रास्ता काटने को उस दुर्घटना का कारण मान लिया जाता है, जो सही नहीं है।

Postulate

पूर्वमान्यता
ज्ञान के किसी क्षेत्र विशेष में स्वीकृत सत्य, सिद्धांत, सूत्र तथा तथ्य जिनके आधार पर उस क्षेत्र के अन्यान्य प्रत्यय सिद्धांत एवं विचार-प्रणाली की संरचना की जाती है। ‘यथाः ”कारणता-सिद्धांत”, प्रकृति की समरूपता का सिद्धांत आदि।

Potentiality

शक्यता
किसी वस्तु अथवा विषय में अन्तर्निहित क्षमता जो उसे अपने स्वरूप की प्राप्ति में सहायक और प्रेरक होती है (अरस्तू) यथा : बीज-वृक्ष में बीज वृक्ष की शक्यता है।

Practical Imperative

व्यावहारिक नियोग, व्यावहारिक आदेश
कांट के अनुसार, व्यवहार में मार्ग दर्शन करने वाला नैतिक बुद्धि का यह आदेश : ”इस प्रकार काम करो कि मानवता सदैव साध्य रहे, मात्र साधन कदापि नहीं”।

Practical Reason

व्यावहारिक तर्कबुद्धि
तर्कबुद्धि का वह पक्ष जो व्यवहार का पथप्रदर्शन करता है। विशेषतः कांट के अनुसार नैतिक जीवन की समस्याओं के समाधान में लगी हुई तर्कबुद्धि।

Pragmatic Realism

अर्थक्रियापरक यथार्थवाद
वह सिद्धांत कि ज्ञान, कर्म के द्वारा प्राप्त होता है : जानने का तात्पर्य यह है कि व्यक्ति प्राक्कल्पनाओं के आधार पर काम करता है और इसके फलस्वरूप उसे पर्यावरण के साथ अनुकूलन में सफलता प्राप्त होती है या उसकी व्यावहारिक निपुणता में वृद्धि होती है।

Pragmatism

अर्थक्रियावाद, व्यावहारिकतावाद
बीसवीं शताब्दी में अमेरिका में चलाया गया एक वैचारिक आंदोलन जिसके नेता पर्स (Peirce) और जेम्स थे। तदनुसार किसी भी संप्रत्यय का अर्थ उसके व्यावहारिक प्रभावों में ढूँढा जाना चाहिए : विचार का काम व्यवहार का पथ प्रदर्शन होता है और सत्य वह है जो व्यवहारोपयोगी हो। आगे चलकर जॉन ड्यूई एवं एफ.सी.एस. शिलर ने इस विचारधारा को अग्रसरित किया।

Preception

पूर्वग्रहण, पूर्वोपलंभ
वास्तविक प्रत्यक्ष से पहले होने वाला वस्तु का आभास जो प्रत्यक्ष का सहायक और मार्गदर्शक होता है।

Precognition

प्राक्संज्ञान, प्राग्बोध
भविष्य में घटने वाली किसी घटना का परामानसिकीय बोध।

Predesignate Proposition

पूर्वनिर्दिष्ट प्रतिज्ञप्ति
वह प्रतिज्ञप्ति जिसका परिमाण (अर्थात् सर्वव्यापित्व या अंशव्यापित्व) पूर्णतः व्यक्त होता है, जैसे ”सभी मनुष्य मरणशील हैं”, ”कुछ अपराधी बुद्धिमान होते हैं” इत्यादि।

Predestination

पूर्वनियति
वह नैतिक एवं धार्मिक विश्वास कि मनुष्य के कर्म एवं उत्थान-पतन ईश्वर द्वारा निर्धारित होते हैं।

Predicables

विधेय-धर्म, वाच्यधर्म
एरिस्टॉटल के अनुसार, विधेय के वे पाँच प्रकार जिनका किसी उद्देश्य के बारे में कथन या निषेध किया जा सकता है। ये हैं : परिभाषा, जाति, अवच्छेदक, गुणधर्म और आकस्मिक गुण। पॉर्फीरी और बाद के तर्कशास्त्रियों ने परिभाषा के स्थान पर उपजाति को लिया।

Predicament

दशा, वर्ग, पदार्थ
कांट के दर्शन में, बोधशक्ति (understanding) के सहज, प्रागनुभविक, आकारों के लिए प्रयुक्त शब्द। ऐसा प्रत्येक आकार निर्णय या विधेयन का एक रूप है और चूँकि निर्णय बारह प्रकार के हैं अतः ये भी बारह माने गए हैं, जो इस प्रकार हैं : समग्रता, अनेकता; एकता; अस्तित्व, नास्तित्व, सीमितत्व; द्रव्यत्व (समवाय); कारणत्व (आश्रितत्व), अन्योन्यत्व; संभवता, सत्ता, अनिवार्यता।

Predicative View

विधेय-मत
उद्देश्य और विधेय के संबंध के विषय में वह मत कि प्रतिज्ञप्ति के उद्देश्य को उसके वस्त्वर्थ (denotation) में और विधेय को उसके गुणार्थ (connotation) में लेना चाहिए। तदनुसार “सभी मनुष्य मरणशील हैं” का अर्थ यह होगा कि राम, श्याम इत्यादि जितने भी मनुष्य हैं उनमें मरणशीलता नामक गुण पाया जाता है।

Pre-Established Harmony

पूर्वस्थापित सामंजस्य
लाइब्नित्ज़ के अनुसार, सभी चिदणुओं के मध्य और विशेषतः मन और शरीर के मध्य पहले से ही स्थापित सामंजस्य, जिसके फलस्वरूप उनके परस्पर स्वतंत्र होते हुए भी उनकी क्रियाओं में उसी प्रकार सामंजस्य पाया जाता है जिस प्रकार विभिन्न वाद्य यंत्रों में स्वतंत्र क्रिया होते हुए भी एकतान संगीत का निर्माण होता है।

Preformationism

पूर्वरचनावाद
वह सिद्धांत कि जीव के सभी अवयव पहले से निर्मित होते हैं और सूक्ष्म रूप में जनन-कोशिका या बीज के अंदर विद्यमान होते हैं।

Prehension

प्राग्ग्रहण
ए. एन. ह्वाइटहेड (1861-1947) के द्वारा उपलब्धि (संवेदन, प्रत्यक्ष) के आद्य रूप के लिए प्रयुक्त शब्द।

Premise

आधारिका
वह प्रतिज्ञप्ति जो दी हुई होती है या जिसे सत्य मानकर चला जाता है और जिससे तर्कशास्त्र के नियमों के अनुसार एक नई प्रतिज्ञप्ति निष्कर्ष के रूप में प्राप्त की जाती है। एक या अधिक ऐसी प्रतिज्ञप्तियाँ निष्कर्ष का आधार बन सकती हैं।

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