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Definitional Dictionary of Philosophy (English-Hindi) (CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

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Naïve Realism

सहज यथार्थवाद
जन-साधारण का मत जो किसी छान-बीन के बिना ही बाह्य जगत् के अस्तित्त्व को सहज रूप से स्वीकार कर लेता है। सामान्य बुद्धि पर आधारित होने के कारण इसे सामान्य बुद्धि वस्तुवाद भी कहा जाता है और मनुष्य का स्वाभाविक दृष्टिकोण होने से इसे स्वाभाविक वस्तुवाद भी कहा जाता है।

Narrative Proposition

आख्यानात्मक प्रतिज्ञप्ति
जॉनसन के अनुसार, वह प्रतिज्ञप्ति जिसके उद्देश्य-पद के पहले कोई निर्देशात्मक या उपस्थापक विशेषण लगा होता है, जैसे, “एक छाताधारी सैनिक नीचे उतरा”, “वह व्यक्ति बड़े गुस्से में था” इत्यादि। इस तरह की प्रतिज्ञप्तियाँ उपन्यासों कथा-कहानियों और इतिहास की पुस्तकों में प्रायः होती हैं। जॉनसन ने “टीका-प्रतिज्ञप्ति” (commentary proposition) अर्थात् कोई सामान्य बात बताने वाली प्रतिज्ञप्ति से इसका भेद किया है।

Nativism

सहज ज्ञानवाद, प्रकृत ज्ञानवाद
जर्मन विचारक हेल्महोल्स (1821-1894) के द्वारा प्रतिपादित मत जिसके अनुसार मानवीय ज्ञान में निस्सन्देह कुछ ऐसे तत्त्व विद्यमान रहते हैं जो संवेदना से प्राप्त नहीं होते वरन् ये आनुवंशिक होते हैं। इसलिये ये प्रत्येक व्यक्ति को अनुभव-निरपेक्ष रूप से जन्म से ही प्राप्त होते हैं।

Natural Deduction System

प्राकृतिक निगमन प्रणाली
स्वयंसिद्धों के बिना निगमनात्मक युक्तियों की संरचना के लिए नियमों के समुच्चय के लिए प्रयुक्त।

Natural Dualism

प्राकृत द्वैतवाद, सहज द्वैतवाद
वह सिद्धांत जो यह मानता है कि मनस् और भौतिक द्रव्य की सत्ता एक-दूसरे से भिन्न एवं स्वतंत्र है।

Natural Experiment

प्राकृतिक प्रयोग
प्राकृतिक घटनाओं पर आधारित वह प्रयोग जो प्रयोगशाला में कृत्रिम रूप से संभव नहीं होता। वैज्ञानिक प्रेक्षण के लिये प्रकृति स्वयं ऐसी घटनाओं को उत्पन्न करती है, यथा, सूर्य या चन्द्रग्रहण।

Naturalism

प्रकृतिवाद
1. वह विचारधारा कि विश्व में होने वाली किसी भी प्रक्रिया या घटना के पीछे किसी अतिप्राकृतिक शक्ति का हाथ नहीं है, सभी कुछ प्रकृति से व्युत्पन्न है और कार्य-कारण-नियम के द्वारा व्याख्येय है, प्रकृति के अन्दर कोई प्रयोजन काम नहीं कर रहा है, तथा मानवीय व्यवहार और नैतिक तथा सौंदर्यमीमांसीय मूल्यों को समझने के लिए भी किसी आध्यात्मिक सत्ता का आश्रय लेने की जरूरत नहीं है।
2. सौंदर्यशास्त्र में वह मान्यता कि कलाकार को अपने भौतिक पर्यावरण का सूक्ष्म प्रेक्षण करके केवल प्रकृति की विशेषताओं का ही स्पष्टतः चित्रण करना चाहिए।

Naturalistic Ethics

प्रकृतिवादी नीतिशास्त्र
नीतिशास्त्र को प्रकृतिवादी विज्ञान मानने वाला वह सिद्धांत जो यह मानता है कि नैतिक प्रत्ययों की व्याख्या प्राकृतिक विज्ञान के संप्रत्ययों द्वारा की जा सकती है।

Naturalistic Fallacy

प्रकृतिवादी दोष
नीतिशास्त्रीय प्रत्ययों की व्याख्या करने में प्रकृतिवादियों द्वारा किया गया वह दोष जो “शुभ” की व्याख्या प्रकृतिवादी दृष्टिकोण से करते हैं, जबकि “शुभ” एक अप्राकृतिक गुण है। यह मत जी. ई. मूर का है, जिनके अनुसार, “शुभ” नैतिक गुण है जो सुख या इच्छा की मनोवैज्ञानिक प्रतीतियों से भिन्न है।

Naturalistic Humanism

प्रकृतिवादी मानववाद
उन दार्शनिकों का मत जो समस्त मानवों के हित को सर्वोच्च नैतिक आदर्श मानते हैं तथा मानव से संबंधित समस्त समस्याओं का निराकरण अतिप्राकृतिक शक्तियों से न करके तर्क, विज्ञान एवं लोकतांत्रिक प्रणालियों द्वारा करते हैं।

Natural Philosophy

प्रकृतिदर्शन
प्रकृति का सामान्य अध्ययन करने वाला शास्त्र।

Natural Realism

नैसर्गिक यथार्थवाद, प्राकृत यथार्थवाद
ज्ञानमीमांसा में वह सिद्धांत कि संवेदन और प्रत्यक्ष ज्ञान के विश्वसनीय साधन हैं और इनसे बाह्य जगत् के वास्तविक अस्तित्व का असंदिग्ध प्रमाण मिल सकता है।

Natural Sanction

प्राकृतिक अंकुश, भौतिक अंकुश
बेन्थम द्वारा प्रतिपादित चार नैतिक अंकुशों में से एक। इसके अनुसार शारीरिक स्वास्थ्य के लिये प्राकृतिक अथवा भौतिक नियमों का पालन करना आवश्यक है क्योंकि इनका पालन न करने से मनुष्य को शारीरिक कष्ट, रोग आदि होते हैं। जैसे : सन्तुलित आहार न होने पर विभिन्न प्रकार के रोगों का होना।

Natural Slave Doctrine

प्राकृतिक-दास-सिद्धांत
अरस्तू का वह सिद्धांत कि व्यक्तियों की कार्य-क्षमता में भिन्नता होने के कारण समाज में दास और स्वामी के वर्ग नैसर्गिक रूप से बन जाते हैं।

Natural Theology

प्राकृतिक ईश्वर मीमांसा, प्राकृतिक धर्मशास्त्र
वह ईश्वर-मीमांसा जो यह मानती है कि प्राकृतिक तत्त्व एवं घटनाएँ ईश्वरीय ज्ञान का आधार हैं तथा मनुष्य की तर्कबुद्धि, जो प्रकृतिप्रदत्त है, उस ज्ञान का साधन है।

Natura Naturans

कारण-प्रकृति, कारण मूलक
यह पद इस अर्थ में प्रयुक्त होता है कि ईश्वर समस्त व्यावहारिक जगत् का कारण अथवा उसका अधिष्ठान है, और ईश्वर जगत् से अभिन्न है। इस पद का प्रयोग इब्न रूश्द (Ibn-Rushd), निकॉलस कूसेनस (Nicholas Cusanus), ब्रूनो आदि मध्ययुगीन दार्शनिकों ने किया है। आधुनिक युग में इस मत का प्रयोग स्पिनोजा ने अपने दर्शन में किया है।

Natura Naturata

कार्य-प्रकृति, कार्यमूलक (स्पिनोजा)
यह पद इस अर्थ में प्रयुक्त होता है कि ईश्वर ही जगत् के समस्त पदार्थों में कार्यरूपेण विद्यमान है। कार्य-कारण से अभिन्न है, ईश्वर कारण भी है और कार्य भी है। दोनों में अभेद है। इस पद का प्रयोग मध्ययुगीन दार्शनिकों ने किया। आधुनिक युग में स्पिनोजा ने भी इस पद का प्रयोग किया है।

Nature Philosophers

प्रकृति-दार्शनिक
भौतिक विद्याविदों तथा यूरोपीय पुनर्जागरण युग में टेलेसिओ, ब्रूनों एवं काम्पानेला जैसे उन दार्शनिकों को दिया गया नाम जिन्होंने भौतिक अध्ययन में रूचि को पुनः जाग्रत किया।

Nature-Religion

प्रकृति-प्रधान धर्म
एक वर्गीकरण के अनुसार, नीतिप्रधान धर्म (morality religion) से भिन्न वह धर्म जिसमें प्राकृतिक शक्तियों की उपासना और उससे संबंधित कर्मकांड को प्रधानता दी जाती है।

Nature Worship

प्रकृति-पूजा
मूलतः सभ्यता के प्रारंभिक काल में समुचित ज्ञान के अभाव में मानव के द्वारा प्रकृति की उपकारक शक्तियों की कृतज्ञता-प्रकाशन तथा अधिक अनुग्रह के लिए देवता मानकर की जाने वाली उपासना और दुष्ट शक्तियों की उनके कोप की शांति के लिए उपासना।
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