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Definitional Dictionary of Philosophy (English-Hindi) (CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

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Metempsychosis

देहांतर, देहांतर-प्राप्ति
(एक मान्यता के अनुसार) आत्मा का मृत्यु के समय एक देह को छोड़ कर दूसरी मानवीय या पशु-देह में प्रवेश कर जाना।

Method Of Agreement

अन्वय-विधि
एक आगमनिक विधि जिसका आधारभूत नियम मिल के अनुसार इस प्रकार है : “यदि विचाराधीन घटना के दो या अधिक दृष्टांतों में केवल एक बात समान हो तो केवल वह समान बात ही निर्दिष्ट घटना का कारण (या कार्य) है।”

Method Of Difference

व्यतिरेक-विधि
एक आगमनिक विधि जिसका आधारभूत नियम मिल के अनुसार यह है : “यदि दो दृष्टांत ऐसे हों जिनमें से एक में विचाराधीन घटना होती है और दूसरे में नहीं होती, और दोनों में एक को छोड़कर शेष सभी तथ्य बिल्कुल तुल्य हों, तथा वह तथ्य पहले दृष्टांत में उपस्थित और दूसरे में अनुपस्थित हो, तो वह तथ्य जिसमें दोनों दृष्टांत भिन्न हैं विचाराधीन घटना के साथ कारण, कार्य अथवा कारण के एक अनिवार्य अंश के रूप में संबंधित है”।

Method Of Elimination

निरसन विधि
कारण-कार्य का आवश्यक संबंध स्थापित करने के लिए आकस्मिक या अनावश्यक तत्त्वों को निकालने की विधि।

Method Of Residues

अवेशष-विधि
मिल की एक आगमनात्मक विधि जिसमें अवशिष्ट कार्य से कारण का अनुमान किया जाता है। जैसे : “यदि यह ज्ञात हो कि क ख ग कार्य क1 ख1 ग1 का कारण है और यह भी ज्ञात हो कि क क1 और ख ख1 का कारण है, तो शेष ग, ग1 का कारण है”।

Methodological Solipsism

पद्धतिपरक सर्वाहंवाद
एक ज्ञानमीमांसीय सिद्धांत जो दार्शनिक विवेचन का एकमात्र संभव आरंभ-बिन्दु अहं (आत्मा) और उसकी अवस्थाओं को मानता है।

Methodology

1. प्रणालीतंत्र : विज्ञानों में अपनाई गई-प्रणालियों का समूह।
2. प्रणालीविज्ञान : तर्कशास्त्र की शाखा-विशेष जो उन विधियों या प्रक्रियाओं का विवेचन-विश्लेषण करती है जिनका अध्ययन के विशेष क्षेत्रों में अनुसरण किया जाना चाहिए।

Microcosm

पिण्ड
ब्रह्माण्ड का लघुतम स्वरूप।

Millenniarism

सहस्राब्दवाद
ईसाइयों की एक मान्यता जिसके अनुसार ईसा मानव-शरीर धारण करके संसार में आकर एक हजार वर्ष तक शासन करेंगे।

Mimesis

अनुकृति
प्लेटो ने प्रतिपादित किया है कि “काल शाश्वतता की गत्यात्मक अनुकृति” है, जिसका अर्थ यह है कि विश्व प्रत्ययों अथवा शाश्वत आकारों की छाया या अनुकृति है।

Mind-Stuff Theory

मनोद्रव्यवाद
वह सिद्धांत कि मन चिद् कणों से निर्मित होता है जो भौतिक परमाणुओं के सदृश होते हैं।

Minima Naturalia

भौतिक लधिष्ठ, प्राकृतिक लघिष्ठ
अरस्तू के अनुसार, परमाणु, जो कि भौतिक द्रव्य के विभाजन के अंत में प्राप्त लघुतम अंश हैं और जिनका सिद्धांततः आगे विभाजन नहीं हो सकता।

Minor Arts

गौण कलाएँ, लघु कलाएँ
मूर्तिकला एवं चित्रकला से भिन्न लघुरूप वस्त्र, मृद्भाण्ड आदि बनाने की कलाएँ।

Misoneism

नवीन के प्रति विकर्षण
नवीन के प्रति घृणा की भावना अथवा नई परिस्थिति से भयभीत होने की प्रवृत्ति।

Mixed Effect

मिश्र कार्य
जब विभिन्न प्रकार के कार्य इस प्रकार मिले हों कि वे एक ही प्रकार का प्रभाव उत्पन्न करें, उसे मिश्र कार्य कहते हैं।

Mixed Hypothetical Syllogism

मिश्रित हेतुफलात्मक न्यायवाक्य
वह न्यायवाक्य जिसका साध्य-आधारवाक्य हेतुफलात्मक, पक्ष-आधारवाक्य निरूपाधिक तथा निष्कर्ष भी निरूपाधिक होता है।
उदाहरण : यदि वर्षा होती है तो उपज अच्छी होती है;
वर्षा हुई है;
∴ उपज अच्छी होगी।

Mnemic Causation

स्मृतिक कारणता
वह कारणता जिसमें अव्यवहित पूर्ववर्ती तत्त्वों के अतिरिक्त सुदूर अतीत में घटी हुई कोई घटना भी कार्योत्पत्ति के लिए उत्तरदायी होती है, (जैसा कि स्मृति के प्रसंग में होता है)।

Modalism

पर्यायवाद
द्वितीय एवं तृतीय शताब्दी ईसवी में ईसाई लोगों द्वारा मान्य एक सिद्धांत जिसके अनुसार “त्रयी” में सम्मिलित पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा एक ही द्रव्य के तीन पर्याय (रूप) हैं।

Modality

निश्चयमात्रा
(क) प्रतिज्ञप्तियों की वह विशेषता जिसके अनुसार वे आवश्यक, सम्भाव्य, सांयोगिक, असंभव हो सकती हैं।
(ख) आधुनिक तर्कशास्त्र में इसे प्रतिज्ञप्ति अथवा कथन का कतिपय “अधितार्किक मूल्यांकन मानते हुए उसके विश्लेषण की संभावना को प्रस्तुत करने वाला गुण माना गया है।
(ग) परम्परागत तर्कशास्त्र में प्रतिज्ञप्तियों को अनिवार्यता, सम्भाव्यता तथा वास्तविकता में विभाजित किया जाता है।
कांट के मत में भी इसी अर्थ को स्वीकार किया गया है।

Modal Logic

निश्चयमात्रक तर्कशास्त्र, प्रकारात्मक तर्कशास्त्र
वह तर्कशास्त्र जिसमें अनिवार्यता, संभाव्यता, असंभाव्यता की अवधारणाओं के तार्किक लक्षणों का अध्ययन किया जाता है। एक निश्चयमात्रिक कथन वह है जिसमें अनिवार्यता या संभाव्यता के संदर्भ में कुछ कहा जाता है। निश्चयात्मक तर्कशास्त्र के मूल प्रत्यय क्रिया-विशेषणों, सहायक क्रियाओं एवं क्रिया वाक्यांशों में व्यक्त होते हैं।

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