मुहा.- सौ बातन की एक बात- सारांश, तात्पर्य। उ.- सौ बातन की एकै बात-१० उ.-१२६। सौ की सीधी एक-सबका निचोड़ या सार। सौ बार कहना- बार-बार या अनेक बार कहना। उ.-जो पे जिय लज्जा नहीं, कहा कहौं सौ बार-१-३२५।
सौ
समान, तुल्य।
अव्य.
वि.
(हिं. सा)
सौक
सपत्नी।
संज्ञा
स्त्री.
(हिं. सौत)
सौक
एक सौ।
वि.
(हिं. सौ + एक या क)
सौक
सौ के लगभग, लगभग सौ।
क्रि. वि.
सौक
किसी वस्तु की प्राप्ति या सुख के उपभोग की प्रबल इच्छा।