निषेधतो दोष ऐसा कार्य जो परंपरा और नैतिकता के अनुसार अपराध न होने पर भी विधि तथा संविधान द्वारा निषिद्ध घोषित कर दिया गया हो।
Mandamus
परमादेश किसी न्यायालय द्वारा किसी लोक-कार्य के निष्पादनार्थ दिया गया विधिक आदेश। इस प्रकार के आदेश उच्च न्यायालय द्वारा किसी नीचे के अधिकरण निगम अथवा किसी व्यक्ति को भी दिए जा सकते हैं और उनसे लोक कार्यों को विधिवत् निष्पादित करने का आग्रह किया जा सकता है। ऐसा आदेश प्रायः उसी स्थिति में जारी किया जाता है जबकि संबंधित अधिकरण, निगम या व्यक्ति अपने लोक-कर्तव्य का जानबूझकर पालन न कर रहा हो।
Mandate
अधिदेश प्रथम विश्व युद्ध के बाद राष्ट्रसंघ के अधीन वह व्यवस्था जिसमें विजित राष्ट्रों के उपनिदेशों के नियंत्रण एवं शासन का अधिकार राष्ट्रसंघ द्वारा उन विजित राष्ट्रों को दिया गया था जो इसके लिए सहमत थे और जिसका उद्देश्य उन क्षेत्रों को स्वशासन के लिए तैयार करना था। जिस राज्य को यह उत्तरदायित्व सौंपा जाता था उसे अधिदेश प्राप्त राज्य (mandate power) कहते थे। इसके लिए राष्ट्रसंघ और अधिदेश प्राप्त राज्य के मध्य संपन्न समझैते के अधिदेशाधीन राज्य (mandate area) कहा जाता था।
Manifesto
घोषणापत्र किसी संस्था, राजनीतिक दल अथवा संप्रदाय की रीति-नीतियों अथवा विचारधारा की घोषणा करने वाला प्रपत्र। इस प्रकार का घोषणापत्र राजनीतिक दलों द्वारा प्रायः निर्वाचन के पूर्व जनता को अपनी नीतियों और कार्यक्रमों से अवगत कराके लोकमत को अपने पक्ष में करने के लिए जारी किया जाता है। इसे निर्वाचन घोषणा पत्र कहते हैं। 1848 में जारी किया गया `साम्यवादी घोषणापत्र` साम्यवादी साहित्य में एक विशिष्ट स्थान रखता है।
Manoeuvre
युक्तिचालन, स्थिति-परिवर्तन-कौशल चतुराई, धूर्तता अथवा मुस्तैदी के साथ किसी परिस्थिति विशेष को अपने अनुकूल करने अथवा उससे स्वयं को अलग करने के उपाय।
Maquis
माकी, फ्रासीसी गुरिल्ला सैनिक द्वितीय महायुद्ध के दौरान फ्रांस के जर्मन आधिपत्य वाले क्षेत्र में फ्रांसीसी गुरिल्ला दल जिसका उद्देश्य तोड़फोड़ की कार्रवाई द्वारा जर्मन अधिकारियों और सैनिकों का मनोबल गिराना था।
March land
सीमांतभूमि वह भूमि जो किन्ही दो या दो से अधिक राज्यों अथवा देशों के सीमावर्ती भू-भाग के मध्य स्थित हो।
Maritime belt
समुद्रतटवर्ती पट्टी, भूभागीय समुद्र किसी राज्य के तट से संलग्न वह समुद्रवर्ती क्षेत्र जो राज्य की संप्रभुता के अधीन माना जाता है और जिसे भूभागीय समुद्र अथवा प्रादेशिक समुद्र अथवा समुद्री पट्टी आदि अनेक नामों से जाना जाता है। परंपरा से इसकी दूरी तीन मील मानी जाती थी परन्तु अनेक राज्य उससे संतुष्ट नहीं थे और राष्ट्रीय दावे 12 से लेकर 200 मील तक की दूरी के थे। 1983 में स्वीकृत तृतीय समुद्र-विधि अनुबंध के अंतर्गत अब यह दूरी 12 मील निर्धारित कर दी गई है।
Maritime boundary
समुद्री सीमा किसी देश अथवा राज्य के तट से लगे समुद्र की वह सीमा जो अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के अनुसार संबंधित राज्य के नियंत्रण व क्षेत्राधिकार में हो। 12 मील की दूरी का भूभागीय समुद्र तटवर्ती राज्य की संप्रभुता के अधीन होता है। उससे आगे और 12 मील तक के संलग्न क्षेत्र में उसे अनेक उद्देश्यों के लिए नियंत्रण के अधिकार प्राप्त होते हैं। इसके अतिरिक्त 200 मील दूर के अनन्य आर्थिक क्षेत्र के आर्थिक दोहन का उसे अनन्य अधिकार होता है। अतः अंतर्राष्ट्रीय विधि अनेक समुद्रवर्ती सीमाओं व क्षेत्रों को मान्यता देती है।
Maritime court
समुद्री न्यायालय विभिन्न देशों के समुद्री सीमा क्षेत्रों तथा उनमें होने वाले व्यापार, नौवहन आदि संबंधी विवादों की सुनवाई करने वाला न्यायालय।