राज विधि किसी राज्य के क़ानून जिनका पालन करना प्रत्येक नागरिक के लिए अनिवार्य हो।
Liberal
उदारवादी, उदारमना अभिजातवर्गीय अथवा राजतंत्रीय व्यवस्था के प्रतिकूल वैयक्तिक अधिकारों एवं स्वतंत्रताओं को राज्य-व्यवस्था में प्रधान स्थान दिए जाने का पक्षघर व्यक्ति, दल या चिन्तन।
Liberalism
उदारवाद सत्रहवीं-अठारहवीं शताब्दियों में निरंकुशतावादी विचारधारा के विरोध में प्रतिपादित वह सिद्धांत जिसके अनुसार :- 1. राज्य व्यवस्था का केन्द्र बिन्दु व्यक्ति है; 2. राज्य का निर्माण वैयक्तिक अधिकारों और स्वतंत्रताओं के रक्षार्थ किया गया है ; 3. राज्य का कार्य-क्षेत्र अत्यन्त सीमित है और किसी भी दशा में उसे आर्थिक क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए ; 4. आर्थिक क्षेत्र में व्यक्तियों को उद्योगों और उद्यमों के संचालन एवं संस्थापन में पूर्ण स्वतंत्रता होनी चाहिए ; 5. यह सिद्धांत राज्य को साधन और व्यक्ति को साध्य मानता है। उदारवाद का उदय वर्तमानकाल में अंग्रेज विद्वान जान लॉक से होता है और अनेक दार्शनिकों ने जिनमें बेंथम, जॉन स्टुअर्ट मिल, हर्बर्ट स्पेंसर, एडमस्मिथ आदि के नाम शामिल हैं, इसके सिद्धांतों का विकास किया। वर्तमान समय में, आर्थिक क्षेत्र में इसके दुष्परिणामों को देखते हुए इसके मूल सिद्धांतों में अनेक संशोधन हुए और उदारवाद के इस परिवर्तित तथा संशोधित स्वरूप को अब नवउदारवाद (neo-liberalism) कहा जाता है।
Liberty
स्वतंत्रता, स्वातंत्र्य स्वतंत्रता के प्रति दो दृष्टिकोण हैं, जो परस्पर विरोधी हैं ; (1) नकारात्मक (2) सकारात्मक। नकारात्मक दृष्टिकोण की अभिव्यक्ति उदारवाद में होती है, जिसे व्यक्तिवाद भी कहा जाता है। इसके अनुसार स्वतंत्रता का अर्थ है बंधनों से मुक्ति। व्यवहार में इसका अर्थ है कि प्रत्येक व्यक्ति को उस सीमा तक स्वेच्छानुसार कार्य करने का अधिकार है जिस सीमा तक वह किसी दूसरे व्यक्ति के इसी प्रकार के अधिकार में बाधक न हो। सकारात्मक दृष्टिकोण की व्याख्या ग्रीन और लास्की जैसे विचारकों ने की है। इसके अनुसार स्वतंत्रता का अर्थ है कि मनुष्य को उन सामाजिक व आर्थिक दशाओं को पाने का अधिकार प्राप्त होना चाहिए जिनमें वह आत्म-विकास के अधिकतम अवसर प्राप्त कर सकें। अतः स्वतंत्रता का अर्थ है वह सामाजिक और आर्थिक वातावरण जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को अपने व्यक्तित्व के विकास के समुचित अवसर उपलब्ध हों।
List system (of voting)
(मतदान की) सूची-प्रणाली इस प्रणाली के अनुसार विभिन्न राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों की वरीयता के क्रमानुसार सूची तैयार करते हैं। मतदाता किसी एक उम्मीदवार को मत न देकर किसी एक सूची के पक्ष में मत देते हैं। प्राप्त मतों की संख्या के अनुपात में प्रत्येक सूची में उम्मादवारों को वरीयता के क्रमानुसार निर्वाचित घोषित कर दिया जाता है। इस निर्वाचन प्रणाली का प्रचलन यूरोप के कई देशों में है।
Lobbying
लौबींग विधान मंडलों के कक्षों में जाकर निहित स्वार्थों तथा दबाव समूहों अथवा हित समूहों के अभिकर्ताओं द्वारा किसी विधेयक, प्रस्ताव, नीति अथवा कार्यक्रम के पक्ष अथवा विपक्ष में विधायकों को प्रभावित करने के प्रयास। व्यवहार में, ये प्रयास विधान मंडल कक्ष तक ही सीमित नहीं रहते अपितु विभिन्न प्रकार के प्रलोभन, दबाव और धमकियों आदि का रूप भी ले सकते हैं। वर्तमान काल में ये अभिकर्ता प्रशासकीय कार्यालयों में भी कार्यरत होने लगे हैं।
Local administration
स्थानीय प्रशासन किसी स्थान या क्षेत्र विशेष की प्रशासनिक व्यवस्था।
Local autonomy
स्थानीय स्वायत्ता किसी क्षेत्र विशेष को क्षेत्रीय अथवा स्थानीय मामलों में विधि द्वारा निर्धारित परिधि में स्वतंत्रतापूर्वक प्रबंध एवं प्रशासन करने का अधिकार।
Local body
स्थानीय निकाय किसी जिले, नगर या ग्राम आदि के प्रशासन के लिए संगठित प्रशासी उपकरण या संस्था।
Local government
स्थानीय शासन `स्थानीय शासन` से तात्पर्य है किसी राज्य को प्रादेशिक भूखंडों में बाँट कर प्रत्येक भूखंड के लिए शासन-व्यवस्था स्थापित करना। उस स्थिति में जबकि स्थानीय शासन के अंगों एवं अधिकारियों का गठन स्थानीय जनता द्वारा निर्वाचनों के माध्यम से होता है, ऐसी स्थानीय शासन व्यवस्था को `स्थानीय स्वशासन व्यवस्था` कहा जाता है। जैसे, भारत में नगरपालिकाएँ और पंचायती राज की संस्थाएँ।