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Braj Bhasha Soor-Kosh (Vol-X)

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सोहिनी
सुहावनी, सुंदर।
वि.
स्त्री.
(हिं. सोहना)

सोहिनी
प्रिय लगनेवाली, रुचिकर।
वि.
स्त्री.
(हिं. सोहना)

सोहिनी
करुण रस की एक रागिनी।
संज्ञा
स्त्री.

सोहिल
अगस्त्य तारा।
संज्ञा
पुं.
(हिं. सुहेल)

सोहिला, सोहिलो, सोहिलौ
बच्चे के जन्म पर गाए जानेवाले गीत।
संज्ञा
पुं.
(हिं. सोहला)
उ.- गावौं हरि कौ सोहिलौ मन-आखर दै मोहिं- १०-४०।

सोहिं, सोहीं, सोहें, सोहैं
सामने, आगे, सम्मुख।
क्रि. वि.
(हिं. सोह)

सोहैं
सोहते हैं।
क्रि.अ.
(हिं. सोहना)
उ.- संग-संग बल मोहन सोहैं- १०-११७।

सोहै
शोभित होता है, सुंदर लगता है।
क्रि.अ.
(हिं. सोहना)
उ.- (क) सेत उपरना सोहै-१-४४। (ख) मोर मुकुट पीताम्बर सोहै-३-१३। (ग) भृकुटि पर मसि-बिंदु सोहे-१०-२२५।

सौं
कसम, शपथ।
संज्ञा
स्त्री.
(हिं. सौंह)
उ.- सुंदर स्याम हँसत सजनी सों नंद बबा की सौं री।

सौं
समान, तुल्य।
अव्य.
(हिं. सा.)
उ.- (क) तिनुका सौं अपने जन कौ गुन मानत मेरु समान- १-८। (ख) हरि सौं ठाकुर और न जन कौं-१-९।


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