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Braj Bhasha Soor-Kosh (Vol-X)

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सोहाती
मनभावनी, रुचिकर।
वि.
स्त्री.
(हिं. सोहाता)
उ.- बात बिचारि सोहाती कहियै-३२३१।

सोहाना, सोहानो
सुंदर लगना, शोभित होना।
क्रि.अ.
(हिं. सोहना)

सोहाना, सोहानो
प्रिय लगना, रुचना।
क्रि.अ.
(हिं. सोहना)

सोहाय
अच्छा लगता है।
क्रि.अ.
(हिं. सोहाना)
उ.- तब हरि कहथौ, मोहिं राधा बिन पल-छिन कछु न सेहाय-सारा. ७२२।

सोहाया, सोहायो, सोहायौ
मनभावना, रुचिकर।
वि.
(हिं. सोहाना)
उ.- मिल्यौ सोहायो साथ श्याम कौ कहाँ कंस, कहाँ काग-३०९५।

सोहारद
सज्जनता।
संज्ञा
पुं.
(सं.) सौहार्द)

सोहारद
मित्रता, प्रेम-भाव।
संज्ञा
पुं.
(सं. सौहार्द)

सोहारी
सादी पूरी।
संज्ञा
स्त्री.
(सं. सु + आहार)

सोहारी
बहुत छोटी-छोटी सादी या मीठी पूरियाँ जो देवी-देवताओं के पुचापे के लिए की जाती हैं।
संज्ञा
स्त्री.
(सं. सु + आहार)
उ.- कान्ह कुँवर कौ कनछेदन है हाथ सोहारी भेली गुर की-१०-१८०।

सोहाल
एक तरह का सादा या नमकीन पकवाल जो मैदे का बनता है।
संज्ञा
पुं.
(सं. सु + आहार)


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