न्यायिक अधिकरण विवादास्पद विषयों या मामलों पर विचार कर न्यायिक निर्णय देने वाला कानूनी निकाय।
Judiciary
न्यायपालिका, न्यायांग सरकार के तीन प्रमुख अंगों (व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका) में से एक अंग जिसे विधि की समीक्षा एवं निर्णय करने का अधिकार होता है। साधारण, दीवानी व फौजदारी मुकदमों की सुनवाई के अतिरिक्त न्यायपालिका :- (1) क़ानूनों व संविधान की व्याख्या करती है। (2) नागरिकों के मूल अधिकारों की व्याख्या करती है। (3) संविधान की रक्षा करती है विशेषकर संघात्मक व्यवस्था में संघांतरित इकाइयों के अधिकार क्षेत्र की। (4) अन्य विविध कार्य करती है जो क़ानून और न्याय से संबंधित हो जैसे नाबालिगों के संरक्षक नियुक्त करना आदि। प्रायः प्रजातांत्रिक देशों में संविधान द्वारा या परंपरा से न्यायपालिका को व्यवस्थापिका तथा कार्यपालिका के प्रभाव से मुक्त रखा जाता है ताकि वह अपना कार्य निष्पक्षता से कर सके। व्यक्ति और संस्थाओं के स्वातंत्र्य को बनाए रखने का उत्तरदायित्व न्यायपालिका का होता है।
Junta
जुंटा, शासक गुट 1. प्रायः सैनिक अधिकारियों का एक छोटा-सा सुगठित गुट जिसने बलात् सत्ता - परिवर्तन के पश्चात शक्ति प्राप्त की हो। 2. राजनीतिक अथवा प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए गठित परिषद् या समिति।
Jurisdiction
अधिकार क्षेत्र, क्षेत्राधिकार, अधिकारिता 1. प्रशासनिक प्राधिकारी के अधिकार का सीमा-क्षेत्र। 2. न्यायालय अथवा न्यायाधीश का मामलों व विवादों को सुनने व निर्णय देने का अधिकार अथवा सीमाक्षेत्र।
Jurisprudence
विधिशास्त्र, न्यायशास्त्र वह शास्त्र जिसमें विधि के दर्शन अथवा विज्ञान का विवेचन हो।
Jury
जूरी किसी फौजदारी के मुकदमों में साधारण नागरिकों में से गठित एक निकाय जो न्यायाधीश के मार्गदर्शन में मुकदमें के तथ्यों की सत्यता का पता लगाने का प्रयास करता है।
Jus civile
सिविल विधि, सिविल क़ानून, जस सिवीले 1. रोम का क़ानून अथवा रोमन क़ानूनों से व्युत्पन्न क़ानून। 2. व्यक्तियों पर लागू होने वाले राज्यकृत क़ानून जो प्राकृतिक क़ानून से भिन्न होते हैं परंतु उनके प्रतिकूल नहीं।
Jus gentium
1. वैदेशिक क़ानून, विदेशियों का क़ानून, 2. अंतर्राष्ट्रीय विधि, जस जेंशियम 1. रोमन नागरिकों के विदेशियों के साथ और विदेशियों के आपसी संसर्ग से संबंधित नियम। 2. स्वतंत्र राज्यों के आपसी व्यवहार अथवा संसर्ग को नियमित करने वाली नियमावली।
Jus naturale
नैसर्गिक विधि, प्राकृतिक नियम, जस-नैचुरल मानव विवेक से उद्भूत नियम या विधि जो संस्थापित विधि के अभाव में या उसके अलावा मानव आचरण और समाज पर स्वभावतः ही लागू होते हैं। इसका कारण यह है कि ये मानव प्रकृति के अनुरूप होते हैं।
Jus soli
जन्मभूमि-संबंधी नियम, जस सोली विधि का एक सिद्धांत जिसके अंतर्गत किसी व्यक्ति की नागरिकता उसके जन्मस्थान अथवा जिस देश में वह उत्पन्न हुआ है, उससे निर्धारित होती है। यह सिद्धांत ग्रेट ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका तथा बहुत-से अन्य देशों में नागरिकता का आधार है।