logo
भारतवाणी
bharatavani  
logo
Knowledge through Indian Languages
Bharatavani

Braj Bhasha Soor-Kosh (Vol-X)

Please click here to read PDF file Braj Bhasha Soor-Kosh (Vol-X)

सोस्मि
वह अर्थात ब्रह्म मैं ही हूँ।
पद.
(सं. सोऽहमस्मि)

सोहँ
सामने सम्मुख।
क्रि. वि.
(हिं. सौंह)

सोहं, सोहग, सोहंगम
वह अर्थात् ब्रह्म मैं ही हूँ।
पद.
(सं. सोऽहम)

सोहई
शोभित है।
क्रि.अ.
(हिं. सोहना)
उ.- मोरमुकुट सिर सोहई-४३७।

सोहगी
ब्याह की एक रीति जिसमें लड्के का तिलक चढ. जाने के बाद उसके यहॉं लड़की के लिए फल, मिठाई, गहने, कपड़े आदि चीजें भेजी जाती हैं।
संज्ञा
स्त्री.
(हिं. सोहाग)

सोहगी
सिंदूर, मेंहदी आदि सुहाग-सूचक वस्तुएँ।
संज्ञा
स्त्री.
(हिं. सोहाग)

सोहगैला
(सुहाग-सूचक) सिंदूर रखने की डिबिया, सिंदूरा।
संज्ञा
पुं.
(हिं. सुहाग)

सोहत
शोभित होता है।
क्रि.अ.
(हिं. सोहना)
उ.- सीस मुकुट सिर सोहत-५६५।

सोहत
अच्छे लगते हैं।
क्रि.अ.
(हिं. सोहना)
उ.- वृदाबन बिहरत नँदनंदन ग्वाल सखा सँग सोहत-६४५।

सोहति
शोभित है।
क्रि.अ.
(हिं. सोहना)
उ.- कान्ह गरैं सोहति मनि-माला-१०-९४।


logo