logo
भारतवाणी
bharatavani  
logo
Knowledge through Indian Languages
Bharatavani

Braj Bhasha Soor-Kosh (Vol-X)

Please click here to read PDF file Braj Bhasha Soor-Kosh (Vol-X)

सोवा
एक तरह का साग।
संज्ञा
पुं.
(हिं. सोआ)
उ.- (क) सरसौं मेथी सोवा पालक-३९७। (ख) सोवा अरु सरसौं सरसाई-२३२१।

सोवाना, सोवानो
सोने को प्रवृत्त करना।
क्रि.स.
(हिं. सुलाना)

सोवाना, सोवानो
मार डालना।
क्रि.स.
(हिं. सुलाना)

सोवावति
सुलाती या शयन कराती है।
क्रि.स.
(हिं. सोवाना)
उ.- रुचिर सेज लै गइ मोहन कौं भुजा उछंग सोवावति-१०-७३।

सोवावै
सुलाती या शयन कराती है।
क्रि.स.
(हिं. सोवाना)
उ.- जसुदा मदन गुपाल सोवावै-१०-६५।

सोवै
सोती या शयन करती है।
क्रि.अ.
(हिं. सोना)
उ.- भरि सोवै सुख-नींद मैं तहँ सुजाइ जगावै।¨¨¨¨¨¨। एकनि कौं दरसन ठगै, एकनि के सँग सोवै-१-४४।

सोवैया
सोनेवाला।
वि.
(हिं. सोवना)

सोवौं
नींद लूँ, शयन करूँ।
क्रि.अ.
(हिं. सोना)
उ.- आजु न सोवौं नंद-दुहाई, रनि रहौंगौ जागत-४२०।

सोवौ
शयन करो।
क्रि.अ.
(हिं. सोना)
उ.-तुम सोवौ, मैं तुम्हैं सुवाऊँ-१०-२३०।

सोपक
सोखने या सुखानेवाला।
वि.
(सं. शोषक)


logo