अंतर्राष्ट्रीय विधि-निर्माण अंतर्राष्ट्रीय विधि जो मूलतः प्रथागत विधि थी वर्तमानकाल में संधिगत क़ानून को अधिक स्थान देती जा रही है। विधि-निर्मात्री संधियों का प्रारंभ 19वीं शताब्दी के मध्य से हुआ। परन्तु वर्तमान शताब्दी के प्रारंभ से अंतर्राष्ट्रीय विधि-निर्मात्री संधियों की संख्या बहुत तेज़ गति से बढ़ने लगी। इन संधियों का निर्माण प्रायः अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों के माध्यम से हुआ है जिससे इनके निर्माण की प्रक्रिया भी लगभग सुनिश्चित हो गई है। इस प्रकार अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय विधि-निर्मात्री संधियों का ग्रहण किया जाना `अंतर्राष्ट्रीय विधि-निर्माण` कहलाता है। मेनले ओ हडसन ने 1920 में प्रकाशित अपनी पुस्तक को यही नाम दिया था और जब से इस पद का अंतर्राष्ट्रीय विधि के स्रोतों के अध्ययन में एक विशिष्ट स्थान हो गया है।
International Monetary Fund
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष संयुक्त राष्ट्र संघ का एक विशिष्ट अभिकरण जिसकी स्थापना सन् 1944 के ब्रेटनवुड समझौते के अंतर्गत की गई थी। इसके मुख्य उद्देश्य निम्न हैं : (1) विभिन्न देशों की मुद्राओं के विनिमय मूल्य स्थिर करना ; (2) एक विश्वव्यापी बहुराष्ट्रीय अदायगी (भुगतान) प्रणाली की स्थापना करना ; और (3) राष्ट्रों के विदेशी व्यापार में संतुलन लाने के लिए उन्हें विदेशी मुद्रा द्वारा सहायता करना। यह कोष सदस्य राज्यों के पारस्परिक अनुदान से ही निर्मित हुआ है। उल्लेखनीय है कि इस कोष का लगभग एक चौथाई भाग संयुक्त राज्य अमेरिका के अनुदान का फल है। इसमें सदस्यों का मताधिकार भी उनके धनानुदान से निर्धारित होता है जिसका परिणाम यह हुआ है कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने विशेषकर विकासशील देशों को सहायता देने में अनेक शर्तें लगाई हैं और उनकी अर्थव्यवस्था एवं मुद्रा विनिमय दर निर्धारित करने में हस्तक्षेप किया है।
International organisation
अंतर्राष्ट्रीय संगठन ऐसा संगठन जिसकी सदस्यता एक राज्य तक सीमित न होकर अनेक राज्यों में व्याप्त हो और जिसका उद्देश्य मानव सुरक्षा एवं कल्याण तथा विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्राप्त करने के मंतव्य से एक संस्थात्मक व्यवस्था स्थापित करना हो। ऐसे संगठन दो प्रकार के हो सकते हैं। एक वे जिनके सदस्यगण केवल स्वतंत्र राज्य हों। ऐसे संगठनों को सार्वजनिक अंतर्राष्ट्रीय संगठन कहा जाता है। सार्वजनिक अंतर्राष्ट्रीय संगठन भी दो प्रकार के हो सकते हैं : (1) सर्वदेशीय जैसे, संयुक्त राष्ट्र संघ, विश्व बेंक आदि, और (2) क्षेत्रीय, जैसे अमेरिका राज्य संगठन, अफ्रीकी एकता संघ, अरब लीग, सार्क (दक्षेश) आदि। दूसरे अंतर्राष्ट्रीय संगठन वे हैं जिनके सदस्यगण राज्य, गैर सरकारी संस्थाएँ, संघ अथवा व्यक्ति होते हैं, जैसे, रेडक्रास, रोटरी इंटरनेशनल, ईसाई युवक संघ आदि।
International person
अंतर्राष्ट्रीय व्यवित्त वह इकाई जो अंतर्राष्ट्रीय विधि का विषय हो अर्थात् जिस पर अंतर्राष्ट्रीय विधि लागू होती हो और जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय विधि के अंतर्गत अधिकार और कर्तव्य प्राप्त होते हों। इन अधिकारों में विशेष रूप से ये उल्लेखनीय हैं :- (1) अपने अंतर्राष्ट्रीय अधिकारों के रक्षार्थ न्यायिक कार्रवाई कर सकने का अधिकार। (2) अंतर्राष्ट्रीय विधि की निर्माण-प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार। (3) अन्य अंतर्राष्ट्रीय इकाइयों से संधि करने का अधिकार। प्राय: राज्य एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठन अंतर्राष्ट्रीय विधि के विषय होते हैं किंतु कुछ सीमा तक और सीमित मात्रा में व्यक्ति तथा अनेक अन्य गैर राज्य इकाइयाँ भी अंतर्राष्ट्रीय व्यक्ति माने जाते हैं जैसे, संरक्षित प्रदेश, फिलिस्तीनी मुक्ति संगठन आदि।
International politics
अंतर्राष्ट्रीय राजनीति 1. विश्व के विभिन्न राष्ट्रों के पारस्परिक संबंधों से उत्पन्न स्थिति अथवा अन्त:क्रिया। 2. राजनीतिशास्त्र का वह अंग जो उन आंतरिक एवं बाह्य कारकों तथा तथ्यों का अध्ययन करता है जो राज्यों के पारस्परिक संबंधों को प्रभावित करते हैं।
International Red Cross
अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रास यह एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है जिसका उद्देश्य मूलतः युद्ध के बीमार और घायलों की चिकित्सा और उपचार करना तथा उनके उपचार में लगे डॉक्टरों, नर्सों, अस्पतालों, वाहनों आदि को संरक्षण प्रदान करना था। इसकी स्थापना 1864 में एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन द्वारा जेनेवा में की गई थी। इसकी स्थापना का श्रेय जीन हेनरी डयूनान नामक सज्जन को है। कालांतर में इसके विषय क्षेत्र में विस्तार हो गया और अब यह प्रत्येक मानवीय आपदा जैसे, महामारी, बाढ़, भूकम्प आदि में मानवीय सहायता पहुँचाने का कार्य भी करती है। इसकी राष्ट्रीय शाखाएँ लगभग सभी देशों में स्थापित हैं। इसका ध्वज सफेद धरती पर लाल क्रॉस का निशान है। कुछ देशों में इस संस्था को रेडक्रॉस की जगह रेड क्रेसेंट भी कहते हैं जैसे, तुर्की, ईरान इत्यादि में। इन देशों में लाल क्रास की जगह संस्था के ध्वज पर लाल अर्द्धचंद्र का निशान होता है। वास्तव में यह अंतर्राष्ट्रीय संरक्षण तथा तटस्थता का प्रतीक है।
International Refugee Organisation
अंतर्राष्ट्रीय शरणार्थी संगठन संयुक्त राष्ट्र संघ की एक विशिष्ट एजेंसी जो शरणार्थियों व विस्थापितों की देखरेख और सुरक्षा का कार्य करती है। इस संगठन का अधिकार पत्र 15 दिसम्बर, 1946 को तैयार किया गया था तथा यह एजेंसी औपचारिक रूप से 7 अप्रैल, 1948 को स्थापित की गई जब 27 राष्ट्रों ने अधिकार पत्र को अनुसमर्थित कर दिया। अब इस संस्था का स्थान संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्च आयोग (U.N.H.C.R.) ने ले लिया है।
International Telecommunication Union
अंतर्राष्ट्रीय दूर-संचार संघ सन् 1865 में स्थापित अंतर्राष्ट्रीय तार संघ का अनुवर्ती। सन् 1947 में अंतर्राष्ट्रीय दूर- संचार संघ, संयुक्त राष्ट्र संघ का एक विशिष्ट अभिकरण बना। यह संघ रेडियो, तार, टेलीफोन, टेलीविजन आदि के प्रसारण में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग व समन्वय स्थापित करता है। यह नियमित रूप से अंतर्राष्ट्रीय दूर-संचार की तकनीकों से संबंधित संकेत वर्णों, आवृति सूची व अन्य आँकड़े भी प्रकाशित करता है।
International treaty
अंतर्राष्ट्रीय संधि एक या अधिक राज्यों के मध्य लिखित रूप से किया गया संविधात्मक समझौता जिसके द्वारा हस्ताक्षरकर्ता राज्यों के अधिकार और कर्तव्य निर्धारित होते हैं। प्रायः हस्ताक्षरकर्ता राज्यों के लिए यह व्यवस्था क़ानूनी रूप से बाध्यकारी होती है। संधियों का वर्गीकरण कई आधारों पर किया जा सकता है :- (1) द्विपक्षीय-बहुपक्षीय। (2) विधि-निर्मात्री-संधि अनुबंध। वियना कन्वेंशन, 1969 के अनुसार संधि का लिखित रूप में होना अनिवार्य है किंतु प्रथागत राष्ट्रीय विधि के अंतर्गत अलिखित समझौते भी लिखित संधियों के समान बाध्यकारी माने जाते हैं। वर्तमान काल में संधियाँ न केवल राज्यों के बीच बल्कि राज्यों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों तथा एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन और दूसरे अंतर्राष्ट्रीय संगठन के बीच भी होती हैं। संधियों के लागू होने के लिए उन पर केवल हस्ताक्षर होना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि हस्ताक्षर के उपरांत उनकी विधिवत् संपुष्टि भी आवश्यक है।
Internee
नजरबंद वह व्यक्ति जो अपनी संभावित आपत्तिजनक गतिविधियों अथवा क्रियाओं के कारण किसी निर्धारित क्षेत्र या स्थान में रखा गया हो ताकि वह निर्धारित क्षेत्र या स्थान से बाहर न जा सके।