किसी वंश में जाति-विशेष का कालानुक्रम के अनुसार शामिल किया जाना।
Cibarium
सिबेरियम
मुख-बाह्य की खाद्य कोटरिका या मुखपूर्व मुखगुहा, जो अधोग्रसनी के आधार और मुखपालि (clypeus) के अधर तल के बीच स्थित होती है।
Cicada
साइकेडा
साइकेडिडी कुल का कीट जिसके नर, उदर के नीचे स्थित कंपमान झिलियों की सहायता से तीव्र ध्वनि उत्पन्न करते हैं।
Cilia (cilium)
पक्ष्माभ
कोशिकाद्रव्य से निकली हुई रोम या शूक जैसी संरचनाएँ जो पैरामीशियम आदि कुछ एक-कोशिक प्राणियों में और कई अन्य प्राणियों का उपकला (एपीथीलियम), जैसे मेंढक में मुख-गुहा की उपकला, में पाई जाती हैं। संचलन और पानी या अन्य तरल पदार्थों की धारा उत्पन्न करके भोजन कण ले जाना इनका प्रमुख कार्य है।
Ciliata
सिलिएटा
प्रोटोजोआ संघ का एक वर्ग। इनके शरीर पर पक्ष्माभिकाएं और भीतर लघुकेंद्रक तथा गुरुकेंद्रक पाए जाते हैं। उदा. वॉर्टीसेला, पैरामिशियम।
Ciliates
पक्ष्माभ, सिलएट
सिलिएटा अथवा सिलियोफोरा के प्राणियों का सामान्य नाम।
Cilium
पक्ष्माभ
संचलनी कोशिकांगक जो सूक्ष्मनलिकाओं के पूलों और संबद्ध प्रेरक प्रोटीनों से बना होता है। पक्ष्माभी स्पंदन से या तो कोशिकाएँ चलती-फिरती हैं (जैसे प्रोटोजोआन प्राणी) अथवा विभिन्न पदार्थ कोशिकाओं के आर-पार आते-जाते हैं (जैसे श्वसन-क्षेत्र के जरिए श्लेष्मा, अथवा अंडवाहिनी के जरिए अंडाणु)। (दे. centriole)
Circular muscle
वर्तुल पेशी
प्राणियों, जैसे केंचुए की देहभित्ति, में बाह्य त्वचा के अंदर की ओर तथा मेंढक की आहार नाल में पर्युदर्या (पेरिटोनियम) के अंदर स्थित, वृत्ताकार पेशी स्तर। इन पेशियों के संकुचन से ही संचलन आदि की क्रियाएं होती हैं।
Circulation
परिसंचरण
रक्त का हृदय से धमनियों , कोशिकाओं और शिराओं में होते हुए चक्रीय रुप से लगातार बहते रहने की व्यवस्था। इसके द्वारा श्वसनीय गैसों, पोषण एवं वर्ज्य पदार्थों तथा हॉर्मोन आदि का घुली अवस्था में विभिन्न अंगों को पहुंचाया जाना और उनसे वापास लाया जाना संभव होता है।
Cirrus
सिरस, कुरल
तंतुमय या रोम-जैसी विभिन्न संरचनाएं; जैसे कुछ प्रोटोजोआ प्राणियों में संचलन तंतु, कुछ चपटे कृमियों के मैथुन अंग आदि।