चौदह सूत्र प्रथम विश्व-युद्ध के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति विल्सन द्वारा प्रतिपादित वे चौदह सूत्र जो महायुद्ध की समाप्ति के पश्चात् शांति संधि का आधार बने। इन सूत्रों में से प्रमुख सूत्र इस प्रकार थे :- (1) गुप्त कूटनीतिक वार्ता समाप्त करके शांति के सभी समझौते खुले रूप में किए जाएँगे। (2) युद्ध और शांतिकाल में, महासमुद्रों में नौवहन की सुविधा सभी राष्ट्रों को प्राप्त होगी। (3) युद्ध की समाप्ति पर सभी राष्ट्रों का एक संगठन बनाया जाएगा जिसमें सभी छोटे- बड़े राष्ट्रों को समान रूप से राजनीतिक स्वतंत्रता की पारस्परिक प्रत्याभूति प्राप्त होगी। (4) राष्ट्रीय सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सभी राष्ट्र निःशस्त्रीकरण की ओर अग्रसर होंगे। (5) आर्थिक बंधनों में ढील दी जाएगी। (6) सभी जातियों को आत्मनिर्णय का अधिकार प्राप्त होगा।
Fourth estate
चौथा वर्ग, प्रेस/पत्रकार वर्ग समाचारपत्रों के लिए एक गौरवपूर्ण पद। इसका प्रयोग सर्वप्रथम थामस वैविंगन मकाले ने ब्रिटिश पार्लियामेंट में 1848 में किया था। उन्होंने कहा था `जिस दीर्घा में रिपोर्टर बैठते हैं वह राज्यमंडल का चतुर्थ वर्ग बन गई है।` उस समय राज्यमंडल के तीन वर्ग थे लाईस स्पिरिचुअल (धर्माधिपति), लाईस टेम्पोरल (सामंती प्रभु) और कामन्स (लोक प्रतिनिधि)।वर्तमान प्रयोग में विधि पालिका (लेजिस्लेटिव), कार्यपालिका (एक्जीक्यूटिव) और न्यायपालिका (जुडीशियरी) को शासन के तीन आधार स्तंभ माना जाता है और चौथा स्तंभ यह (प्रेस) है।
Franchise du quartier
शरण अधिकार किसी राज्य के भागे हुए व्यक्ति को शरण देने का अधिकार। इसका प्रयोग बहुधा राष्ट्रीय विधि अथवा अंतर्राष्ट्रीय विधि द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार ही किया जाता है।
Freedom of association
संघ-निर्माण की स्वतंत्रता नागरिकों को संघ, समुदाय या संवास बनाने का अधिकार। यह एक मूल अधिकार माना जाता है। भारतीय संविधान में भी अनुच्छेद 19 में इसका प्रावधान किया गया है।
Freedom of speech and expression
वाक् स्वातंत्रय और अभिव्यक्ति स्वातंत्रय, भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता इस अधिकार के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति वाणी, लेखनी, चित्र तथा मुद्रण-प्रकाशन आदि के माध्यम से अपने विचार अभिव्यक्त कर सकता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) के अंतर्गत सभी भारतीय नागरिकों को यह अधिकार प्राप्त है परंतु अन्य अधिकारों की भांति यह अधिकार भी असीमित नहीं है और इस पर राज्य द्वारा उचित प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
Freedom of the press
प्रेस स्वातंत्रय, समाचार पत्रों की स्वतंत्रता लोकतंत्रीय शासन पद्धति वाले राज्यों में कुछ भी मुद्रित और प्रकाशित करने का अधिकार। भारतीय संविधान के अंतर्गत समाचार पत्रों की स्वतंत्रता व्यक्ति की विचार तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का एक अंग है। इस पर संविधान में निर्दिष्ट आधारों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
Freedoms of the open sea
मुक्त सागर स्वातंत्र्य अंतर्राष्ट्रीय विधि के अंतर्गत सब राज्यों को समान रूप से महा समुद्रों में नौपरिवहन, ऊपरी आकाश से उड़ान, मछली पकड़ने, समुद्री तार बिछाने तथा वैज्ञानिक शोध करने के अधिकार प्राप्त हैं। इन अधिकारों को महासमुद्र की स्वतंत्रताएँ भी कहते हैं। महासमुद्र के इन उपयोगों के वास्ते सभी राज्यों के लिए खुला होने के कारण महासमुद्र को खुला समुद्र भी कहते हैं।
Functional representation
वृत्तिगत प्रतिनिधान किसी राज्य के राजनीतिक निकायों के आर्थिक तथा व्यावसायिक समूहों द्वारा निर्वाचन किए जाने की प्रणाली। इस प्रकार का निर्वाचन राज्य क्षेत्र की जनसंख्या के आधार पर नहीं बल्कि विभिन्न आर्थिक या व्यावसायिक वर्गों को निर्वाचन क्षेत्र मानकर किया जाता है।
Functus officio
अधिकारहीन वह व्यक्ति, अधिकारी, संस्था अथवा अभिकरण जिसने अपना निर्धारित कार्य अथवा उद्देश्य विशेष पूर्ण कर लिया है और जिसके पास सत्ता, प्राधिकार अथवा विधिक कार्यक्षमता नहीं रही है।
Fundamentalism
धार्मिक कट्टरतावाद धार्मिक संप्रदायों द्वारा विशुद्ध धर्म और धार्मिक विश्वासों के आधार पर समाज व राज्य की संस्थाओं के पुनर्गठन का अभियान जो आधुनिकीकरण का विरोध करता है। उदाहरणार्थ पाकिस्तान में शरियत को देश का सर्वोच्च कानून माना जाता है जिसका उल्लंघन किसी संसदीय क़ानून द्वारा भी नहीं किया जा सकता। ख़ोमेनी के अंतर्गत ईरान धार्मिक- कट्टरपंथी राज्य का एक प्रतिमान बन गया है।