1. प्रतिनिधि मंडल 2. प्रत्यायोजन 1. किसी सम्मेलन, संगठन या संस्था को भेजे जाने वाले प्रतिनिधि जिनमें एक सदस्य को नेता नामांकित कर दिया जाता है। 2. लोक प्रशासन ने उच्चाधिकारी और प्रशासकीय अंगों या निकायों द्वारा निर्दिष्ट अधिकारियों को विधि के अनुकूल अपने कार्य एवं अधिकार सौंप दिया जाना जिनके लिए वे प्रदाता के प्रति उत्तरदायी रहते हैं। प्रदाता का अंतिम रूप से उत्तरदायित्व बना रहता है।
Delimitation treaty
सीमांकन संधि दो या अधिक राज्यों के बीच की गई संधि जिसके अनुसार उनके विवादास्पद प्रदेशों का सीमांकन किया जाता है।
Demagogy
जनोत्तेजन भाषण की ऐसी शैली जिसके द्वारा लोगों की भावनाएँ भड़काकर राजनीतिक स्वार्थ-सिद्धि का प्रयास किया जाता है।
De Maoisation
प्रतिमाओवाद, माओवाद का निरस्त्रीकरण चीन में माओवाद को निष्प्रभावित करने की प्रक्रिया और कार्यक्रम। चीन में माओ-त्से-तुंग के देहांत के उपरांत, डेंग-ज्याओं-पिंग के नेतृत्व में आर्थिक व्यवस्था में किए गए परिवर्तन और लाल चीन के आधुनिकीकरण का अभियान जिसका लक्ष्य पश्चिमी राष्ट्रों से चीन के संपर्क बढ़ाना और पश्चिमी प्रौयोगिकी का लाभ उठाना है। डेंग की ये नीतियाँ माओ की नीतियों के विपरीत होने के कारण इनके सामूहिक प्रभाव को `प्रतिमाओवाद` कहा जाता है।
Demarche
डेमार्श, आपत्ति पत्र 1. राजनय में नीति को परिवर्तित करने वाला कोई कार्य। 2. कोई राजनयिक चाल, प्रतिचाल, अथवा युक्ति। 3. एक अथवा अनेक राज्यों द्वारा दूसरे देश को प्रेषित किया गया मौखिक या लिखित विरोध-पत्र। 4. किसी सरकारी अधिकारी को दिया गया औपचारिक या अनौपचारिक अभ्यावेदन अथवा वक्तव्य।
Denationalization
विराष्ट्रीयकरण राष्ट्रीयकृत उद्यमों पर से सार्वजनिक स्वामित्व हटा कर उन्हें पुनः निजी स्वामित्व के लिए खुला छोड़ देने की नीति।
Denunciation
प्रत्याख्यान किसी संधि, विराम संधि, अनुबंध आदि को औपचारिक रूप से समाप्त करने की घोषणा।
Dependency
आश्रित देश वह देश या प्रदेश जो किसी अन्य राज्य के अधीनस्थ हो परन्तु उसका संविधायी अंग न हो।
De-Stalinslation
प्रतिस्तालिनवाद, स्तालिनवाद का निरस्तीकरण, स्तालिनवाद का उन्मूलन 1956 की साम्यवादी दल की 20वीं कांग्रेस में तत्कालीन महासचिव निकिता खुश्चेव द्वारा स्तालिन की नीतियों की और विशेषकर उसकी क्रूरताओं की कटु आलोचना की गई और स्तालिनकालीन व्यक्ति-पूजा के स्थान पर यह वचन दिया गया कि तदुपरांत सामूहिक नेतृत्व के आधार पर ही भविष्य में सोवियत शासन-नीति और प्रशासन का संचालन किया जाएगा। इस प्रकार सोवियत राजनीति में एक नई प्रवृत्ति का जन्म हुआ जिसका लक्ष्य स्तालिनकालीन नीतियों का पूर्ण रूप से तिरस्कार कर सोवियत राजनीति को एक नई दिशा देना था।
Detente
वैमनस्य शौथिल्य, तनाव शैथिल्य द्वितीय विश्वयुद्ध के पश्चात् संसार जिन दो गुटों में बंट गया, उनके पारस्परिक संबंध तनावपूर्ण होते चले गए जिसे शीत युद्ध की स्थिति कहा जाने लगा। इस स्थिति में सुधार आने अथवा तनाव में कमी आने के क्रम को `शैथिल्य` कहा गया। शीत युद्ध और शैथिल्य के बीच बराबर उतार-चढ़ाव आता रहा। शैथिल्य की स्थिति का एक चरमबिन्दु यूरोप में शांति और सुरक्षा संबंधी सम्मेलन कहा जा सकता है जो 1975 में हेलसिंकी में हुआ था।