संधि - व्याख्या, संधि - निर्वचन
संधियों के अर्थ और आशय के विषय में हस्ताक्षरकर्ता राज्यों के मध्य मतभेद होने की स्थिति में उसके समाधान के नियमों को संधि की व्याख्या करना कहा जाता है । संधि की व्याख्या करने में दो सर्वमान्य नियमों का पालन किया जाता है :-
1. व्याख्या संधि - संपादन के समय के संदर्भ में की जाती है, विवाद के समय के संदर्भ में नहीं; तथा
2. व्याख्या भूत - प्रभावी होती है । शवारजनबारगर ने संधि की व्याख्या संबंधी सात पद्धतियों का उल्लेख किया है जो इस प्रकार हैं: (i) संक्षेपत व्याख्या; (ii) शाब्दिक व व्याख्या; (iii) क्रमबद्ध व्याख्या; (iv) तर्कानुकूल व्याख्या; (v) ऐतिहासिक व्याख्या; (vi) कार्यात्मक व्याख्या; और (vii) प्रामाणिक व्याख्या; ।
intervention
हस्तक्षेप
एक देश द्वारा किसी दूसरे देश के आंतरिक अथवा बाह्य मामलों में उसकी इच्छा अथवा सहमति के विरूद्ध इस प्रकार का निर्देशात्मक निर्देशन जिससे उसकी स्वतंत्रता, संप्रभुता अथा प्रादेशिक अखंडता का खंडन होता है । यहाँ निर्देशात्मक निर्देशन से तात्पर्य यह है कि निर्देशन के पीछे बल प्रयोग का भाव या धमकी हो और उसके फलस्वरूप वह देश अपनी घरेलू और विदेश नीति में परिवर्तन लाने अथवा उसे यथावत रखने के लिए विवश किया गाय हो ।
दे. external intervention lLe internal intervention भी ।
invasion
आक्रमण
किसी राज्य की सशस्त्र सेना द्वारा किसी दूसरे राज्य के प्रदेश मे उस पर आधिपत्य करने के उद्देश्य से किया गया प्रहार । दूसरे राज्य द्वारा प्रत्युत्त्र में सशस्त्र बल का प्रयोग करने पर दोनों राज्यों के मध्य यूद्ध - अवस्था उत्पन्न हो सकती है, परंतु यह आक्रमणकारी राज्य के प्रयोजन पर निर्भर करता है । अंतर्राट्रीय विधि के अनुसार अग्र - आक्रमण की कार्रवाई अवैध है ।
irredenta
समुद्धरणीय क्षेत्र
किसी देश की जनता में व्याप्त यह भावना कि निकटस्थ प्रदेश अथवा प्रदेशों को उनके साथ मिला दिया जाए क्योंकि भाषा, संस्कृति ऐतिहासिक संदर्भ से ये प्रदेश उनके देश के ही भाग हों । इस पद का प्रयोग सर्वप्रथम इटली में हुआ जहाँ 1870 में इटली के एकीकरण के पश्चात इस आंदोलन ने जन्म लिया कि ऑस्टिया और अन्य देशों के अधीनस्थ इटली के प्रदेश विदेशी नियंत्रण से मुक्त कराए जाएँ । इस आंदोलन को Italia Irredenta (इटालियान देशओं का मुक्तिकरण) कहा जाता था ।
island fringes
द्वीपमाला
किसी राज्य के समुद्रतट के निकट स्थित छोटे - छोटे द्वीपों की श्रृखला जो तट से समीपवर्तिता के कारण मुख्य भूभाग का ही विस्तार मानी जाती है और राज्य का भूभागीय समुद्र इस द्वीपमाला के किनारे से ही प्रारंभ हुआ माना जाता है ।