वाणिज्यदूत क्षेत्राधिकार विदेशों में वाणिज्यदूतों को अंतर्राष्ट्रीय विधि एवं वियना कन्वेशन के अंतर्गत प्राप्त अधिकार जिनमें अपने देश के नागरिकों के विवाह और तलाक संबंधी मामलों को तय करना, अपने देश के लिए वीजा जारी करना तथा स्थानीय बंदरगाहों में आनेवाले अपने देश के जलपोतों से संबंधित मामलों को तय करना इत्यादि शामिल हैं।
Consular treaty
वाणिज्यदूतीय संधि, कांसुली संधि राज्यों के बीच संपन्न वह संधि अथवा समझौता जिसके अंतर्गत वे एक दूसरे के भूभाग पर अपने वाणिज्यिक अथवा व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए कांसुल अथवा वाणिज्यदूत भेजने का प्रबंध करते हैं।
Consulate
वाणिज्यदूतावास 1. वाणिज्य दूत या कांसुल का कार्यालय अथवा रहने का स्थान। 2. वाणिज्य दूत का पद।
Consules electi
निर्वाचित वाणजियदूत, निर्वाचित कांसुल किसी देश की सरकार द्वारा किसी विदेशी राज्य में रहने वाले व्यापारियों में से नियुक्त कांसुल जो प्रेषक देश के नागरिक हो सकते हैं या नहीं भी हो सकते।
Consules missi
प्रेषित वाणिज्य दूत, प्रेषित कांसुल कांसुली कार्य के लिए ही विशेष रूप से भेजे या नियुक्त किए गए अधिकारी जो प्रेषक राज्य के नागरिक ही होते हैं।
Consul general
महावाणिज्यदूत किसी कांसुलावास का सर्वोच्च पदाधिकारी।
Consultant
परामदर्शदाता ऐसा सलाहकार जिसे उसकी विशेषज्ञता के कारण किसी विशेष प्रयोजन अथवा समस्या के समाधान हेतु विचार-विमर्श के लिए आमंत्रित अथवा तदर्थ नियुक्त किया जाता है।
Containment
परिरोधन नीति द्वितीय महायुद्ध के पश्चात संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा अपनाई गई वह नीति जिसका लक्ष्य साम्यवाद एवं साम्यवादी राज्यों के प्रसार को उनकी भौगोलिक सीमाओं तक सीमित करके रखना था। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए न केवल साम्यवादी राज्यों की सैनिक दृष्टि से घेराबंदी करने का प्रयास किया गया बल्कि उनसे संलग्न राज्यों के आर्थिक विकास के लिए भी खुलकर सहायता दी गई और उनकी प्रतिरक्षा के लिए सैनिक संगठनों का निर्माण किया गया। यह नीति शीतयुद्ध में एक महत्वपूर्ण कारक बन गई।
Contempt of court
न्यायालय-अवमान किसी न्यायालय या न्यायाधीश की सत्ता की जानबूझकर अवहेलना या उसके प्रति अपमानपूर्ण व्यवहार या उसके आदेश को मानने से इंकार करना। यह एक दंडनीय अपराध है।
Contempt of the House
सदन की अवमानना किसी व्यक्ति का सदन के सदस्य द्वारा विधायिका के किसी सदन या उसके किसी सदस्य की मानहानि करना या उसके कार्य में जानबूझकर बाधा डालना या उसके संबंध में अपमानजनक बातें कहना, लिखना या अन्य किसी प्रकार से सदन का अपमान करना। सदन इसके लिए स्वयं दंड दे सकता है। अनेक बार भारतीय लोक सभा ने सदन के अपमान के लिए व्यक्तियों को बुलाकर उनकी भर्त्सना की है।