संपूर्ण सदन समिति किसी विशिष्ट विधेयक या मुद्दे पर विचारार्थ सदन का एक समिति के रूप में कार्य करना। इंग्लैंड में प्रायः ऐसी समिति का गठन वित्त विधेयक पर विचार करने के लिए किया जाता है। यह समिति अपना पृथक् अध्यक्ष चुनती है तथा इसकी कार्यवाही के लिए इसके अपने अनौपचारिक नियम होते हैं।
Committee on Ways and Means
अर्थोपाय समिति इंग्लैड में वित्तीय साधनों को जुटाने के प्रश्न पर विचार करनेवाली समिति जो वास्तव में पूरे सदन का ही परिवर्तित रूप होती है।
Common good
सामान्य हित दे. General good.
Common law
सामान्य विधि ब्रिटेन के न्यायालयों द्वारा मान्यता-प्राप्त जनता के अधिकारों और कर्तव्यों को विनियमित करने वाली अलिखित विधि जो सामान्य नीति-रिवाज़ों पर आधारित है।
Commonwealth
राष्ट्रमंडल, कॉमनवेल्थ स्वतंत्र राष्ट्रों का एक ऐसा संघ जिसके सदस्य किसी समय ब्रिटिश साम्राज्य के अंग थे और जो अब पूरी तरह प्रभुतासंपन्न हैं। ब्रिटेन के सम्राट या सम्राजी को राष्ट्रमंडल का प्रतीकात्मक अथ्यक्ष माना जाता है। संप्रति इसके सदस्यों की संख्या 50 है।
Communal electorate
सांप्रदायिक निर्वाचक वर्ग विशेष रूप से भारत में अंग्रेजी शासनकाल में प्रचलित एक प्रकार की निर्वाचन पद्धति जिसके अंतर्गत प्रमुख संप्रदाय-यथा, हिंदू (सामान्य), मुसलमान, सिख-अपने प्रतिनिधि पृथक रूप से चुनते थे।
Communalism
सांप्रदायिकता, सांप्रदायिकतावाद किसी धर्म या संप्रदाय विशेष के ही हितों पर बल देने वाली विचारधारा एवं आचरण। वह गुट मानसिकता जो स्वयं को किसी धार्मिक संप्रदाय के ऊपर आधारित करती है लेकिन जिसका वास्तविक उद्देश्य संबद्ध गुट के लिए राजनीतिक शक्ति और संरक्षण प्राप्त करना होता है।
Communique
विज्ञप्ति सरकार द्वारा ज़ारी की गई किसी नीति संबंधी औपचारिक सूचना अथवा राजनीतिक वार्ता आदि का आधिकारिक विवरण।
Communist Manifesto
साम्यवादी घोषणापत्र काल मार्क्स तथा फ्रेडरिक ऐंजल्स द्वारा लिखित विख्यात नीतिघोष जिसका प्रकाशन फरवरी, 1848 में लंदन में हुआ। इसमें साम्यवाद के सिद्धांतों तथा कार्यक्रमों का विवरण दिया गया है। साम्यवादी साहित्य में यह एक मूल या आधारभूत रचना मानी जाती है।
Community
समुदाय समान हितों वाले जैसे, धार्मिक, सांस्कृतिक, बौद्धिक अथवा अथवा व्यावसायिक लोगों का ऐसा संगठित समूह जिनमें पारस्परिक सतत एवं बहुमुखी संसर्ग पाया जाए। इसके संगठन का आधार स्थानिक, राष्ट्रीय अथवा अंतर्राष्ट्रीय कोई भी हो सकता है। आज के युग में अंतर्राष्ट्रीय समाज को भी एक `समुदाय` की संज्ञा दी जा सकती है।