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Definitional Dictionary of International Law (English-Hindi)
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prize court
नौजित माल न्यायालय ये विशेष न्यायालय होते हैं जिनकी स्थापना युद्ध - काल में की जाती है । इनका उद्देश्य नौसैनिक युदध में पकड़े गे तटस्थ जल - पोतों की गतिविधियों और उन पर लदे माल की वैधता निर्धारित करना होता है । वर्तमान काल में वायुयान और उन पर पाया जाने वाला माल भी इन न्यायालयों के क्षेत्राधिकार में माना जाता है अर्थात् नौजित माल न्यायालय जलपोतों एवं विमानों तथा इन पर लदे सामान के परिग्रहण की वैधता निर्धारित करता है । ये न्यायालय राष्ट्रीय न्यायालय होते हैं, परंतु निर्णय अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के अनुसार ही किए जाते हैं ।

prize law
नौजित माल विधि युद्ध -व धि का वह भाग जिसका पालन नौजित माल न्यायालय द्वारा किया जाता है । यह कोई संहिताबद्ध विधि नहीं है यद्यपि सन् 1909 के लंदन सम्मेलन में इस दिशा में प्रयास किया गया था । सम्मेलन के अन्त में जो घोषणा - पत्र जारी किया गया वह यद्यपि राज्यों की संपुष्टि प्राप्त नहीं कर सका, किंतु फिर भी वह राज्य - व्यवहार का प्रामाणिक संकलन माना जा सकता है । वास्तव में नौजित माल विधि को विकसित करने का श्रेय अमेरिका और ब्रिटेन के न्यायाधीशों को है जिनमें लार्ड स्टोवेल तथा सर सेम्युअल इवांस के नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं ।

process -v erbal
प्रामाणिक विवरण इस पद का मूल अर्थ है किसी राजनयिक सम्मेलन की कार्यवाही और उसमें लिए गए निर्णायों का आधिकारिक संक्षिप्त विवरण । आजकल इसके अंतर्गत उन शर्तो आदि का भी उल्लेख काय जाता है जिनके आधार पर कोई भावी समझौता किया जाना है । वास्तव में यह राजनयिक वार्ताओं का लिखित विवरण होता है किंतु राज्यों द्वारा इसके अनुसमर्थन की आवश्यकता नहीं होती ।

protective principle
संरक्षण सिद्धांत इस सिद्धांत के अनुसार क्षएत्राधिकार का दावा राज्य के मार्मिक हितों के संरक्षण के ध्येय के आधार पर किया जा सकता है अर्थात् उन स्थितियों में जहाँ राज्य के मार्मिक हित आहत होते हों परंतु अपारधी न तो राज्य का नागरिक हो और न ह राज्य के प्रादेशिक क्षेत्राधिकार में हो तो उन परिस्थितियों मे अपराधी को दंड देने के लिए इस सिदधांत का प्रयोग किया जा सकता है । उदाहरणार्थ फ्रांस की दंसंहिता विदेशियों द्वारा फ्रांसीसी प्रादेशिक सीमा के बाहर फ्रांस की सुरक्षा के विपरीत अपराध करने, जाली राजकीय मोहर बनाने अथवा जाली फ्रांसीस सिक्के अथवा नोट बनाने के लिए फअरांसीसी कानून के अनुसार दंडित करने की व्यवस्था करती है, यदि अपराधी फ्रांसीसी सरकार के हाथों में आ जाए । सन् 1965 मे यूरोपीय राज्यों ने एक समझौते के अंतर्गत प्रादेशिक समुद्र की सीमाओं से पर स्थित जलपोतों पर से रेडियो - प्रसारण को रोकने के लिए तटवर्ती क्षेत्राधिकार की व्यवस्था स्वीकार की थी । इसे भी संरक्षण सिद्धांत का एक व्यावहारिक उपाय माना जा सकता है क्योंकि इस प्रकार के प्रसारण प्रायः तटवर्ती राज्य में असंतोष, विप्लव और विद्रोह भड़काने का प्रायस करते ह ए पाए गए थे ।

protectorate
संरक्षित राज्य ऐसा राज्य ज स्वयं किसी संधि के अंतर्गत किसी अन्य शक्तिशाली राज्य के संरक्षण में आ जाए । इस प्रकार की संधि के फलस्वरूप संरक्षित राज्य के अंतर्राष्ट्रीय एवं विदेशी मामलों पर संरक्षक राज्य का पूर्णाधिकार व नियंत्रण हो जाता है, परंतु आंतरिक मामलों में उसकी स्वायत्ता बनी रहती है । संरक्षक राज्य द्वारा की गई संधियाँ संरक्षित राज्य पर स्वतः लागू नहीं होती और न ही संरक्षक राज्य के युद्थ में संरक्षित राज्य स्वतः युद्धकारी बन जाता है । सके लिए विशेष रूप से व्यवस्था या घोषणा करना आवश्यक होता है । संरक्षित राज्य के राज्याध्यक्ष को ग्रेट - ब्रिटेन के न्यायालयों ने पूर्ण संप्रभुतासंपन्न राज्याध्यक्षों के समान स्थानीय क्षेत्राधिकार से उन्मुक्त माना है ।

protocol
उपसंधि, पूर्वसंधि उपसंदि या पूर्वसंधि एक ऐसे विवरण - पत्र को कहा जाता है जो कि राजनयिक वार्ताओं के ब्यौरे के रूप मे रखा जाता है और जिसके आधार पर आगे चलकर कोई संधि की जा सकती है । यह संधि से कम औपचारिक हैम ता ह जिस पर साधारणतया शासनाध्यक्ष हस्ताक्षर नहीं करते । यह निम्नलिखित प्रलेखों की ओर संकेत करता है :- 1. किसी संधि का सहायक प्रपत्र जिस पर वार्ताकार ही हस्ताक्षर करते ह । इसमें साधारणतया आनुषंगिक विषयों का समावेश होता है जिसे किसी अभिसंधि की विशिष्ट धाराओं की व्याख्या, विशेष महत्व रखने वाले सहायक उपबंध, कुछ ऐसी औपचारिक धाराएँ जिनका समावेश अभिसंधि में नहीं किया जाता, हस्ताक्षरकर्त्ता राज्यों की कोई विशिष्ट शर्तों राज्यों द्वारा अभइसमय का समर्थन इसका समर्थन माना जाता है । 2. अभिसंधि का आनुषंगिक प्रपत्र जिसका विषय अभिसंधि के विषय से पृथक और स्वतंत्र होता है और जिसका अनुसमर्थन पृथक रूप से किया जाता है । 3. यह संधि का ही पर्यायवैची है जैसे सन् 1925 का जेनेवा प्रोटोकोल । 4. कुछ विषयों पर हुई मौखिक सहमतियों का विवरण - पत्र ।

provisional government
अस्थायी सरकार राज्य व्यवहार में अनेक ऐसे दृष्टांत मिलते हैं जिनमें राज्य के विद्रोहकारी तत्वों या संगठनों ने स्वयं को वैध सरकार से स्वतंत्र घोषित करके राज्य का वास्तविक शासक होने का दावा काय और किसी अन्य देश की सहमति से उस देश में अपना मुख्यालय स्थापित करने की घोषणा की । कभी - कभी ऐसी सरकार को अस्थायी सरकार कहा जाता है । परंतु अंतर्राष्ट्रीय विधि की दृष्टि से यह कोई सुनिश्चित या स्वीकृत स्थिति नहीं है ।

psychological warfare
मनोवैज्ञानिक युद्ध युद्ध मं युद्धकारी अपने शत्रु का मनोबल तोड़ने के लिए प्रायः अनेक उपायों का प्रयोग करते हैं, जिनका लक्ष्य शत्रु - राज्य की सेना और जनता पर मनोवैज्ञानिक दबाव डालना होता है । इन उपयों में झूठा प्रचार तता आंतक एवं भय फैलाने वाली क्रियाएँ शामिल हैं । इन उपायों के प्रयोग को सामूहिक रूप से मनोवैज्ञानिक युद्ध कहा जा सकता है ।

public international law
सार्वजनिक अंतर्राष्ट्रीय कानून सार्वजनिक अंतर्राष्ट्रीय विधि प्रभुतासंपन्नि राज्यों के पारस्परिक संबंधों में लागू होने वाली नियमावली । दे. International law भी ।

public vessel
सार्वजनिक जलपोत, सार्वजनिक पोत वे जलपोत जो राज्य के स्वामित्व अथवा नियंत्रण में होते हैं, जैसे युद्धपोत, डाक ले जाने वाले पोत, सीमा - शुल्क विभाग के पोत तता सार्वजनिक व्यापारिक पोत । युद्धपोतों को अन्य राज्यों के भूभागीय समुद्र में भी तटवर्ती राज्य के क्षएत्राधिकार से उन्मुक्त माना जाता है । युद्धकाल में तटस्था राज्यों के युद्धपोत युदधकारी अधिकारों से उन्मुक्त होते हैं अर्थात् न उन्हें रोका जा सकता है और न उनकी तलाशी ली जा सकती है । अन्य सार्वजनिक जलपोत भी महासमुद्रों में अपने ध्वज राज्य के प्रदेश के ही भाग माने जाते हैं । परंतु अन्य राज्यों के भूभागीय समुद्रि में उनको प्राप्त होने वाली उन्मुक्तियाँ युद्धपोतों के समरूप नही है और सन् 1926 में पारित ब्रुसेल्स अभिसमय के अंतर्गत यह स्पष्ट कर दिया गया है कि विदेशी बंदरगाहों और भूभागीय समुद्र में उनकी स्थिति निजी वणिक पोतों के समरूप होंगी ।


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