डाइप्रोपिलीन ग्लोइकॉल: प्रोपिलीन ऑक्साइड के जलयोजन अथवा प्रोपिलीन ऑक्साइड और प्रोपिलीन ग्लाइकोल की सीधी अभिक्रिया से बना रंगहीन द्रव। इसका उपयोग नाइट्रोसेलुलोस, शेलाक और सेलुलोज ऐसीटेट के विलायक के रूप में, लेकर के निर्माण में तथा प्लास्टिककारी के रूप में होता है।
Diluent
तनुकारी: द्रव को तनु करने के लिए प्रयुक्त विलायक।
Dimer
द्वितय: किसी सरल यौगिक या मूलक के दो अणुओं के संयोग से बना यौगिक।
Diolefin
डाइओलिफिन: एक विवृतशृंखल हाइड्रोकार्बन, जिसके प्रत्येक अणु में दो आबंध होते हैं। इनका सामान्य सूत्र Cn H2n-2 है, जैसे ब्यूटाडाईन।
Diolefin hydrogenation
डाइओलिफिन हाइड्रोजनन: एक स्थिर संस्तर उत्प्रेरकी प्रक्रम जिसमें ऐल्किलन के भरण स्टॉक में C4 व C5 प्रभाजों का हाइड्रोजनन होता है और मोनोओलिफीन बनते हैं।
Directional drilling
दिशिक वेधन: ऊर्ध्वाधर रेखा से एक निश्चित कोण पर कूप खोदना। यह दलदल आदि बाधाओं को दूर करके टेढ़े-मेढ़े तलीय छिद्र के स्थान को ठीक करने के लिए किया जाता है।
Disc and doughtnut
डिस्क और डोनट: प्रभाजक टावर की एक विशेष रचना जिसमें डिस्क और डोनट आकार की प्लेटें एकांतरतः लगी रहती हैं। ये मिश्रण क्रिया को संपन्न करती है।
Distillate
आसुत: आसवन से प्राप्त उत्पाद। यह आसोत्र से निकली गैस के संघनन से बनता है।