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Braj Bhasha Soor-Kosh (Vol-X)

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सोंट, सोंटा
भंग घोटने का मोटा डंडा।
संज्ञा
पुं.
(सं. शुण्ड या हिं. सटना, सोंटा)

सोंठ, सोंठि
सुखाया हुआ अदरक।
संज्ञा
स्त्री.
(सं. शुण्ठी)
उ.- (क) अति प्यौसर सरस बनाई। तिहिसोट-मिरिच रुचि नाई-१०-१८३। (ख) कूट काइफर सोंठि चिरैतौ कटजीरा कहुँ देखत-११०८।

सोंठौरा
(प्रसूता स्त्री के लिए) सोंठ तथा कुछ मेवा-मसालों का बना हुआ लडडू।
संज्ञा
पुं.
(हिं. सोंठ + औरा)

सोंध
सामने, सम्मुख।
अव्य.
(हिं. सौंह)

सोंधा
खुशबूदार, सुगंधित।
वि.
(हिं. सुगंध)

सोंधा
तपी हुई भूमि पर वर्षा का पहला पानी पड़ने या भुने हुए चने या बेसन की सुगंध के समान।
वि.
(हिं. सुगंध)

सोंधा
एक तरह का सुगंधित मसाला जिससे स्त्रियाँ केश धोती हैं।
संज्ञा
पुं.

सोंधा
एक मसाला जो तेल को सुगंधित करने के लिए उसमें मिलाया जाता है।
संज्ञा
पुं.

सोंधा
खुशबू, सुगंध।
संज्ञा
पुं.

सोंधी
सुगंधित।
वि.
स्त्री.
(हिं. सोंधा)
उ.- बासौंधी सिखरनि अति सोंधी-२३२१।


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