संवहनी पादपों के स्फीनॉप्सिडा वर्ग के हाईनिएलीज़ गण का एक वंश। डिवोनियन युग के इन पादपों के दृढ़ राइजोमों में खड़े अक्ष सर्पिलतः विन्यस्त होते हैं। दूरस्थ शाखाएँ उर्वर होती हैं जिनमें बीजाणुधानीधर मिलकर एक शिथिल शंकु बनाते हैं।
Hyeniales
हाईनिएलीज़
संवहनी पादपों के स्फीनॉप्सिडा वर्ग का एक गण। डिवोनियन युग के इन पादपों में राइज़ोमों से द्विशाखित अक्ष निकलते हैं और शिथिल शंकुओं में समबीजाण्वी बीजाणुधानियाँ लगी होती हैं। इस गण में दो वंश हाईनिया और कैलैमोफाइटॉन हैं जिन्हें कुछ आचार्य फिलिकॉप्सिड़ा वर्ग के क्लैडोज़ाइलेलीज़ के अन्तर्गत रखते हैं।
Hyphodromous
लुप्तशिराल
(शिरा विन्यास) जिसमें मध्य शिरा तो स्पष्ट होती है किन्तु गौण शिराएँ मांसल पर्ण में छिप सी जाती हैं।
Hypostomatic
अधोरन्ध्री
(पत्तियाँ) जिनकी निचली सतह पर रंध्र हो। उदा. स्यूडोक्टेनिस वंश की पत्तियाँ।
Hystrichosphere
हिस्ट्रिकोस्फीयर
प्लावी जीव जिन्हें शैवालों में रखा जाता है। साइल्यूरियन से आधुनिक युग तक के ये जीवाश्म सींग वाले सिस्ट हैं।