ताश के तीन-तीन पत्तों से खेला जानेवाला एक तरह का जुआ।
संज्ञा
पुं.
(फ़ा. सेह = तीन + सर = बाजी)
सेसर
चालबाजी, जालसाजी, छलकपट, धूर्तता।
संज्ञा
पुं.
(फ़ा. सेह = तीन + सर = बाजी)
सेसर
जाल।
संज्ञा
पुं.
(फ़ा. सेह = तीन + सर = बाजी)
सेसरिया
चालबाजी या छल-कपट करनेवाला।
वि.
(हिं. सेसर + इया)
सेसरिया
जाल-फरेब करनेवाला।
वि.
(हिं. सेसर + इया)
सेसरेख, सेस-रेखा
(शेषवतार) लक्ष्मण द्वारा, मारीच का 'हा लक्ष्मण' पद सुनकर और सीताजी को अकेली छोड़कर जाते समय, खीची गयी वह रेखा जिसको लाँघने का सीता जी को निषेध था और जिसके बाहर आ जाने पर ही उनको रावण हर सका था।