वह नाग जिसके हजार फनों पर पृथ्वी ठहरी या टिकी हुई मानी गयी है।
संज्ञा
पुं.
(सं. शेषनाग)
सेषरंग
(शेषनाग-जैसा) सफेद या श्वेत रंग।
संज्ञा
पुं.
(सं. शेष + रंग)
सेसरेख, सेसरेखा
(शेषनाग के अवतार) लक्ष्मण द्वारा खींची गयी वह रेखा जो उन्होंने मरीच का 'हा लक्ष्मण' पद सुनकर, सीताजी को अकेला छोड़कर जाते समय खींची थी और जिसके बाहर जाने का उनको निषेध कर दिया था। रावण ने उस रेखा को लाँघने का साहस नहीं किया था और सीताजी जब उस रेखा के बाहर आ गयी थीं, तभी उसने उनका हरण किया था।