स्थायी तटस्थता
विशेष संधियों द्वारा सदा के लिए तटस्थीकृत बना दिए गए राज्यों की थिति जैसे स्विटज़रलैंड की तटस्थता । इनके अधिकार और कर्तवव्य अन्य तटस्थ राजोयं जैसे होते हैं । अंतर केवल इतना है कि इनकी तटस्थता स्थायी है जबकि अन्य राज्य युद्ध छिड़ने पर तटस्थ रहने या युद्ध में सम्मिलित होने का निर्णय कर सकते हैं । इस प्रकार का निर्णय करने का अधिकार स्थायी तटस्थ राज्यों को नहीं होता ।
दे. neutralized state भी ।
perpetual neutrality
स्थायी तटस्थता
दे. Permanent neutrality.
personal jurisdiction
वैयक्तिक क्षेत्राधिकार
दे. Nationality theory of jurisdiction.
personal union
वैयक्तित संघ
दो राज्यों का एक राज्याध्यक्ष या सम्राट के अधीन हो जाना - जैसे ग्रेट ब्रिटेन और हनोवर (1814 - 1837) एक ही राजा के अधीन रहे । इसी प्रकार नीदरलैंड़स और लक्ज़ेमबर्ग 1815 से 1890 तक और ब ल्जडियम एवं कांगो 1885 से 1909 तक एक ही राजा के अधीन रहे ।
बहुधा ऐसा प्राकृतिक और उत्तराधिकारि संबंधी क़ानूनों द्वारा हुआ है - जैसे ब्रिटेन मं सन् 1814 में रानी ऐन (निः संतान होने के कारम) के देहावसान पर उनके निकटतम रक्त - संबंधी जर्मनी में हनोवर की शासक के पुत्र जार्ज प्रथम को इंग्लैंड का राज्य सिंहासन भी उत्तराधिकार में प्राप्त हुआ और इस प्रकार इंग्लैंड तथा हनोवर वैयक्तिक संघ बन गए ।
विद्वानों के मतानुसार इस प्रकार के संघ मे जुड़े राज्य अपना पृथक तर्राष्ट्रीय व्यक्तित्व और आंतरिक स्वायत्तता बनाए रखनते हैं । इसलिए स्टार्क का मत है कि वैयक्तिक संघ का कोई अंतर्राष्ट्रीय यक्तित्व नहीं होता ।
वर्तमान काल मे वैयक्तिक संघ का कोई दृष्टांत नही है ।
persona non grata
अवांछित व्यक्ति, अस्वीकार्य व्यक्ति
वह राजनयिक प्रतिनिधि या अधइकारी जो ग्राही राज्य को स्वीकार्य नहीं होता । ऐसा होने पर राज्य प्रत्यायित करने वाले राज्य से उसे वापिस बाल लेने का अनुरोध कर सकता है और इसके लिए उसे की कारम बताने की आवश्यकता नही है ।
किसी राजनयिक प्रतिनिधि से असंतुष्ट अथवा रूष्ट अथवा क्रुद्ध होने की अवस्थआ में उसे यही अधिकतम दंड दिया जा सकता है । इसके अतिरिक्त सउसके विरूद्ध स्थानीय राज्य द्वारा कोई कार्रवाई करना या उसे कोई शरीरिक या मानसिक हानि प हुंचाना या कोई यातना अथवा दंड देना राष्ट्रों की विधि और व्यवहार के प्रतिकूल होगा ।
piracy
जलदस्युता
प्रारंभ मे इसका आशय खुले समुद्र मे लूट - पाट करने या हत्या करने से था और ऐसा काम कनरे वाला संपूर्ण मानव - जाति का अपराधी माना जाता था । इस प्रकार के अपराध को अंतर्राष्ट्रीय विधि विरोधी अपराध माना जाता था और अपराधी को कोई भी राज्य दंड दे सकता था बशर्ते वह उसकी पकड़ में आ जाए । इस प्रकार दंड देते समय जलदस्यु की नागरिकता का प्रश्न नहीं खड़ा होता था । इस अपराध में लगे जलपोत की भी यही स्थिति थी ।
सन् 1982 के तृतीय समुद्र विधि अभइसमय के अंतर्गत जलपोतों के अतिरिक्त वायुयानों के कर्मियों अथवा यात्रोयों के द्वारा हिंसात्मक और लूट - पाट तथा अन्य अवैध कृत्यों को भी जलदस्युता की परिधि में सम्मिलित कर लिया गया है चाहे यह अपराध महासमुद्र में किसी जलपोत के यात्रियों अथवा उस पर लदे सामान के विरूद्ध किए गए हों या आकाश में किसी वायुयान के यात्रियों अथवा उस पर लदे सामान के विरूद्ध । स प्रकार की लूट - पा और हिंसा मे लगे जलपोत या वायुयान की संक्रियाओं में स्वेच्छआपीर्वक भागीदारी भी जलदस्युता की परिधि में आती है ।
जलदस्युता और विमान अपहरण की वस्तुतः समान प्रकृति है परंतु भेद केवल इतना है कि जलदस्युता प्रायः वैयक्तिक स्वार्थ से प्रेरित होती है जबकि विमान अपहरण में राजनीतिक प्रेरणा अथवा उद्देश्य होते हैं । यही कारण है कि वीमान अपहरम को मानवता के विरूद्ध अथवा अंतर्राष्रीय विधि के विरूद्ध अपराध घोषित करने में विधिवेत्ताओं को संकोच है ।
polar regions
ध्रुवीय क्षेत्र
इनसे तात्पर्य है उत्तरी ध्रुवीय क्षएत्र एवं दक्षइणी ध्रुवीय क्षेत्र जिन्हें क्रमशः आर्कटिक और अंटार्कटिक महाद्वीप भी कहा जाता है । जलवायु एवं भौगोलिक दशाओं के कारम इन क्षेत्रों में स्थायी रूप से मानवीय बस्तियों की स्थापना असंभव है । अतः इन पर स्वामित्व का दावा, आधिपत्य अथवा वास्तविक सत्ता प्रदर्शन के आधार पर नही किया जा सकता । आर्कटिक क्षेत्र पर सोवियत संघ और कनाडा ने और अंटार्कटिक क्षेत्र पर सात देशों (अर्जेन्टीना, आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, चिली, फ्रांस, न्यूजीलैंड और नार्वे) ने सेक्टर सिद्धांत के आधार पर अपने राष्ट्रीय दावे किए हैं । इन देशों के राष्ट्रीय दावों का आधार यह है कि ये देश ध्रुवीय क्षेत्रों की सीमाओं से निकटतम दूरी पर और उसकी दिशा में स्थिति हैं ।
इन राष्ट्रीय दावों को अंतर्राष्ट्रीय विधि कोई मान्यता नीहं देती और इनसे स्वतंत्रि अंटार्कटिक क्षेत्र के अन्वेषण और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय संधि पर 1 दिसंबर, 1959 को हस्ताक्षर हुए हैं । इसके पक्षकार राष्ट्रीय दावे वाले सात्रों राज्यों के अतिरिक्त बेल्जियम, जापान, दक्षिण अफ्रीका,सोवियत संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका भी हैं । इस संधि से राट्रीय दावे असंगत हो गए हैं और अंटार्कटिक क्षेत्र वस्तुः अतर्राष्ट्रीय क्षेत्र बन गया है ।
political asylum
राजनीतिक शरण
अपने मत या विश्वासों के कारम अथवा राज्य विरोधी कार्य करने के कारण तथा अत्पीड़न के डर से किसी व्य्कति का किसी अन्य राज्य में भाग जाना और वहाँ की सरकार द्वारा उसे आ(य दिया जाना । ऐसा व्यक्ति कभी - कभी इस प रकार का आश्रय अपने ही देश में स्थित किसी विदेशी दूतावास में भी ले सकता है । यद्यपि अंतर्राष्ट्यविधि दूतावासों में शरण लेने के अधिकार को सामान्यतः स्वीकृत नहीं है क्योंकि सामान्यतया यह स्वीकार किया जाता है कि आ(य देने का अधइकार प्रादेशिक संप्रभुता का एक गुण है । यदि आ(य किसी दूतावास या युद्धपोत या वाणिज्य दूतावास या अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय में लिया गया है तो वह प्रदेश बाह्य होगा ।
positivist school
यथार्थवादी संप्रदाय
इस मत के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय विधि एक सहमतिपरक विधि है । इसका अर्थ यह है कि इस विधि के नियम राज्यों की पारस्परिक सहमति से स्वीकार किए जाते हैं और जिन नियमों को राज्यों ने स्वीकार नहीं किया है, वे उन पर बाध्यकारी नहीं हैं ।
व्यवहार में सहमति का अर्थ है राज्यों की सामान्य सहमति न कि प्रत्येक नियम के लिए प्रत्येक राज्य की हमति
इसके समर्थकों में रिचर् जाउक, बिंकर शॉक, मॉर, सैमुअल राशेल और मार्टिस आदि के नाम उल्लेखनीय हैं ।
postliminium
परावर्तन नियम, युद्ध पूर्व अव स्था का नियम
दे. Jus postliminii.