लघु राज्य
वह राज्य जो अपने भौगोलिक क्षेत्र, जनसंख्या अथवा आर्थिक साधनों की दृष्टि से इतना छोटा या अशक्त होता है कि अपने अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों को वहन करने का भी सामर्थ्य नहीं रखता । यहाँ तक कि कुछ दृष्टांतों में ऐसा राज्य अपने विदेशई मामलों का संचालन भी किसी दूसरे राज्य पर छोड़ देता है । एंडोरा, लाइकटेन्स्टाइन, सैन मेराइनो तथा मोनाको लघु राज्य के उदाहरण हैं । विश्व का सबसे छोटा राज्य संभवतः नौरो है जिसका क्षेत्रफल केवल 8.21 वर्गमील है ।
diplomacy
राजनय
राजनय को अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में कई अर्थों में प्रयुक्त किया जाता है । एक प्रचलित र्थ के अनुसार राजनय राज्यों के बीच संबंधों को वार्ताओं के माध्यम से संचालित करने की प्रक्रिया है । एक और अर्थ में यह विदेश संचालित करने की प्रक्रिया है । एक और अर्थ में यह विदेश संबंधों को संचालित करन की कला है ।
diplomatic agent (=diplomatic envoy)
राजनयिक अभिकर्ता,
राजनयिक एजेन्ट
राजदूतावास का प्रमुख किसी राज्य द्वारा किसी अन्य राज्य के साथ सम्पर्क स्थापित करने या वार्ता करने के लिए भेजा गया प्रतिनि राजनयिक प्रतिनिधियों की चार श्रेणियाँ 1961 के वियना कन्वेंशन में स्वीकार की गई हैं - (1) राजदूत जो पद और प्रतिष्ठा की दृष्टि से सर्वोपरि होते हैं (2) दूत एवं मंत्री (3) निवासी मंत्री तथा (4) कार्यदूत ।
इनमे से पहली तीन श्रेणियों के दूत राज्याध्यक्ष द्वारा प्रत्यायित होते हैं । परंतु कार्यदूत राज्याध्यक्ष द्वारा न भेजे जाकर देश के विदेश मंत्रालय द्वारा किसी दूसरे देश के विदेश मंत्रालय को प्रत्यायित किए जाते हैं । पोप द्वारा भेजे गए दूतों को नन्शियो अथवा लीगेट कहते हैं ।
diplomatic asylum
राजनयिक शरण
किसी राज्य द्वारा विदेश स्थित दूतावास, वाणिज्य दूतावास अथवा युद्धपोत में किसी व्यक्ति को अस्थायी रूप से और असाधारण परिस्थितियों में शरण देना । यह प्रदेश - बाह्य शरण का एक ढंग है । राजदूतावासों में विदेशइयों को शरण देने की परिपाटी विवादास्पद है । विद्वानों के अनुसार इस प्रकार की शरण अपवाद के रूप में दी जानी चाहिए और वह पूर्ण रूप से अस्थायी होनी चाहिए । लातीनी अमेरिकी राज्यों में दूतावासों में शरण दिए जाने की परिपाटी रही है परंतु पश्चिमी राज्य उसे स्वीकार नहीं करते । इस संद्रभ में हे डी ला टोरे के मामले में दाय गया अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का निर्णय महत्वपूर्ण है ।
diplomatic corps (=corps diplomatique)
राजनयिक दूर संवर्ग
किसी देश की राजधानी में कार्यरत या नियुक्त राजनयिक प्रतिनिधोयों का समूह ।
diplomatic doyen
राजनयिक प्रणेता
किसी निकाय अथवा राजनयिक निकाय का वरिष्ठतम सदस्य। वर्तमान काल मे इस शब्द का प्रयोग बहुधा किसी देश में विदेशई राजनयिक निकाय के प्रणेता के लिए होता ह ।
राजनयिक कार्य
वियना कन्वेंशन, 1961 के अनुच्छेद 3 के अनुसार राजनयिकों के निम्नलिखित कार्य निर्धारित किए गए हैं :-
1. अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करना:
2. अंतर्राष्ट्रीय विधि की परिधि में अपने राज्य तथा उसके नागरिकों के हितों की रक्षा करना:
3. ग्रहण करने वाले राज्य की सरकार से वार्ता करना :
4. उस राज्य में हुई घटनाओं तथा वहाँ की दशाओं की सभी वैध उपायों से जानकारी प्राप्त करन तथा उनका विवरण अपनी सरकार को भेजना: और
5. अपने राज्य और ग्रहण करने वाले राज्य के मध्य मैत्री संबंधों की अभिवृद्धि तथा दोनों में आर्थिक, सांस्कृतिक तथा विज्ञान विषयक संबंधों का विकास करना ।
diplomatic immunities and privileges
राजनयिक उन्मुक्तियां तथा विशेषाधिकार
अंतर्राष्ट्रीय विधि में राजनयिक उन्मुक्तियों के आधार को लेकर तीन सिद्धांतों का उल्लेख किया जाता है । पहले सिद्धांत के अनुसार राजनयिक को उन्मुक्तियाँ इसलिए प्राप्त होती हैं कि वह अपने राज्याध्यक्ष का प्रतिनिधित्व करता है और कोई राज्याध्यक्ष दूसरे राज्याध्यक्ष के अधीन नहीं माना जा सकता क्योंकि दोनों समान हैं । दूसरे सिद्धांत के अनुसार ये उन्मुक्तियाँ इसलिए मिली हुई हैं कि वह उस राज्य के प्रदेश में होते हुए भी उसके प्रदेश से बाहर माना जाता है और इसलिए उसके अधिकार क्षेत्र से भी वह बाहर होता है । तीसरे सिद्धांत के अनुसार इन उन्मुक्तियों की आवश्यकता इसलिए है कि ये राजनयिकों के लिए कुशलतः एवं निडरतापूर्वक कार्य करने हेतु आवश्यक हैं ।
राजनयिक उन्मुक्तियो से तात्पर्य उन विशेषाधिकारों और स्वतंत्रताओं से है जो राजदूतों तथा अन्य समकक्ष राजनयिक प्रतिनिधियों (जिनमें संयुक्त राष्ट्र संघ को भेजे जाने वाले प्रतिनिधि भी शामिल हैं ) को अंतर्राष्ट्रीय परिपाटी के अनुसार प्रदान की जाती रही है । संक्षेप मेम इन राजदूतों को स्थानीय दीवानी एवं फौजदारी क्षेत्राधिकार से उन्मुक्त माना जाता है और व्यक्तिगत रूप से उन्हें अथवा उनके सम्मान को किसी प्रकार से भी प्रहाक का विषय नही बनाया जा सकात । उनका व्यक्तित्व और उनकी संपत्ति को अलंघनीय माना जाता है । ये उन्मुक्तियाँ राजदूत के परिवार के सदस्यों को भी प राप्त होती हैं । दूतावास के कर्मचारियों को ये उन्मुक्तियाँ केवल दूतावास के कार्य करते समय ही दी जाती हैं अन्यथा नहीं ।
राजनयिक प्रतिनिधियों को दिए जाने वाले विशेषाधिकार तथा उनकी उन्मुक्तियाँ अब 1961 के वियना कनवेंशन मे संहिताबद्ध कर दी गई हैं ।
diplomatic intervention
राजनायिक हस्तक्षेप
किसी राज्य अथवा राज्यों द्वारा राजनयिक माध्यम से दबाव डालकर किसी अन्य राज्य की विदेश नीति को प्रबावित करन जैसे 1895 में रूस, फ्रांस और जर्मनी ने जापान पर अपना कूटनीतिक दबाव डालकर उसे इस बात के लिए विवश किया कि वह शीमोनोसेकी की संधि द्वारा लिया गया लिआओटुंग का प्रायद्वीप वीन को वापिस कर दें ।