ध्यान
1. रहस्यवादी अर्थ में, ज्ञाता का ज्ञेय वस्तु से आंशिक या पूर्ण तादात्म्य जिसमें उसकी व्यष्टित्व की चेतना लुप्त हो जाती है।
2. सैमुएल अलेक्जेंडर (Samuel Alexander) के द्वारा आत्म-चेतना (enjoyment) के विपरीत वस्तु के ज्ञान के लिये प्रयुक्त शब्द।
Contensive
पूर्वानुभवाश्रित (प्रत्यय)
पहले के अनुभव द्वारा ज्ञात या उस पर आधारित।
Content
विषय, अंतर्वस्तु, विषयवस्तु
ब्रैडले के दर्शन के अनुसार प्रत्येक वस्तु में दो घटक तत्त्व निहित होते हैं। प्रथम अस्तित्त्व (existence) एवं द्वितीय अन्तर्वस्तु (content)। ये दोनों अवियोज्य होते हैं। साधारण भाषा में अस्तित्व का तात्पर्य द्रव्य और अन्तर्वस्तु का तात्पर्य गुणों से होता है। अतः अन्तर्वस्तु से उनका अभिप्राय उस गुण से है जो किसी वस्तु में निहित होता है।
Contentious Syllogism
वैतंडिक न्यायवाक्य
वह दोषपूर्ण न्यायवाक्य जो एक पक्ष के द्वारा बाद में विजय प्राप्ति की इच्छा मात्र से प्रयुक्त होता है।
Contextual Definite
संदर्भ-निश्चयवाचक
जॉनसन के तर्कशास्त्र में, वह उपपद ('the, this' इत्यादि) जिसके आगे आने वाले शब्द का किसी विशेष संदर्भ में एक निश्चित वस्तु के लिये प्रयोग हुआ हो।
Contextualism
दृष्टिसृष्टिवाद, संदर्भवाद
1. ज्ञानमीमांसा में, एक मत जिसके अनुसार ज्ञान के विषय या वस्तु का ज्ञान के विषय या वस्तु का ज्ञान क्रिया के द्वारा निर्माण होता है; उसका बाह्य जगत् में कोई स्वतंत्र अस्तित्व नहीं होता।
2. वह मत कि किसी भी कलाकृति के सम्यक मूल्यांकन के लिए उसे संपूर्ण संदर्भ में, अर्थात् जिस पृष्ठभूमि में उसकी रचना हुई है उसे पूरी तरह ध्यान में रखते हुए, देखा जाना चाहिए।
Continence
संयम
मनुष्य की अपनी दैहिक इच्छाओं को विवेक के द्वारा नियंत्रित करने की क्षमता।
Contingent Proposition
आपातिक प्रतिज्ञप्ति
वह प्रतिज्ञप्ति जो अनिवार्य न होकर संभाव्य होती है।
जैसे : प . क, प V क, एवं प כ क।
Continuant
अनुवर्ती
विभिन्न परिवर्तनों के बीच निरंतर समान रूप में विद्यमान वस्तु (डब्ल्यू. ई. जॉनसन)।
Contraction Of A Genus
जाति-संकोच, जाति-परिच्छेद
स्कॉलेस्टिक दर्शन में, एक जाति (genus) का किसी उपजाति (species) के लिए प्रयोग, जैसे : `मनुष्य` दयावान प्राणी है में `प्राणी का मनुष्य` के लिए।