महाद्वीपीय जलमग्न सीमा
किसी देश के समुद्र तट से संलग्न दो सौ मीटर पानी की गहराई तक फैली समुद्र की तलहटी जिस पर तटवर्ती राज्य का क्षेत्राधिकार एवं नियंत्रण माना जाता है । परंतु ऊपरी जल की अंतर्राष्ट्रीय स्थिति इससे प्रभावित नहीं होती । वर्तमान मे मयह सीमा महाद्वीपीय ढाल तक बढ़ा दी गई है अथवा 200 मील की दूरी तक मान ली गई है । इस जल क्षेत्र में राज्यों को नौपारिवहन की पूर्ण स्वतंत्रता रहती है । तटवर्ती राज्य को केवल समुद्री संसाधनों के अन्वेषण तथा दोहन का ही अधिकार होता है ।
continental slope
महाद्वीपीय ढलान
महाद्वीपीय जलमग्न तट भूमि (सामान्यतः 200 मीटर गहराई ) से प्रारंभ होने वाला समुद्र तल का वह भाग जहाँ से जल की गहराई बहुत अधिक हो जाती है महाद्वीपीय ढलान कहलाता है ।
continuity theory
सातत्य सिद्धांत
अविच्छिन्नता सिद्धांत
साम्राज्यवादी युग मे राज्यों द्वारा प्रदेशों पर आधिपत्य किए जाने की स्थिति में आधिपत्य करने वाले राज्य बहुधा यह दावा करते थे कि उनकी प्रभुसत्ता का विस्तार उस सीमा तक माना जाए जो उनके आधिपत्य के अधीन क्षेत्र से संलग्न है और जो उनके आधिपत्य के अधीन प्रदेश की सुरक्षा एवं उसके स्वाभाविक विकास के लिए आवश्यक है ।
contraband
विनिषिद्ध सामयी
1. ऐसी वस्तु या व्यापारिक सामग्री जिसका व्यापार या उसे लाना - लेजाना कानून के अनुसार निषिद्ध घोषित कर दिया गया हो ।
2. वे वस्तुएँ जिनका युद्ध छिड़ने पर शत्रु को निर्यात करना किसी युद्धकारी द्वारा वर्जित घोषित किया जाता है । इसकी विधिवत घोषणा की जानी चाहिए । इस घोषमा में उन वस्तुओं के नाम दिए जाने चाहिए जिनके निर्यात को विनिषिद्ध घोषित किया गया है । इस प्रकार के विनिषिद्ध माल को ले जाने वाले जलपोतों को युद्धकारी रोक, पकड़ एवं दंडित कर सकता है ।
contracting states
संविदाकारी राज्य
वे राज्य जो किसी संधि के हस्ताक्षरकर्ता होने के कार्म उसकी व्यवस्था से बंधे होते है ।
convention
1. अभिसमय, कन्वेंशन
2. सम्मेलन
1. विभिन्न राज्यों द्वारा पारस्परिक महत्व के नियमों को सहमेति प्रदान करने वाला समझौता । प्रायः ये समझौते बहुपक्षीय सम्मेलनों में निष्पादित किए जाते हैं । इस दृष्टि से दूसरे विश्वयुद्ध के बाद राजनयिकों से संबंधित 1961 का वियना अभिसमय और समुद्र विधि से संबंधित 1958 के जिनेवा अभिसमय उल्लेखनीय हैं । इसमें विभिन्न अंतर्राषअटीरय संगठनों यथा अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन आदि द्वारा लिए गए बहुपक्षीय निर्णय भी शामिल होते हैं । अभिसमय की संधि के रूप में भी व्याख्यि की जाती है । इस रूप में वे अंतर्राष्ट्य विधि के स्त्रोत होते ह और नए आचरण को जन्म देते हैं ।
2. पारस्परिक महत्व के विषयों पर दो या अधिक राज्यों का समागम ।
conventional international law
अभिसमयात्मक अंतर्राष्ट्रीय विधि
अंतर्राष्ट्रीय विधि को दो रूपों में विशअलेषित किया जाता है । पहला परंपरागत और दूसरा अभिसमयात्मक अंतर्राष्ट्रीय विधि । दूसरे रूप मे वे नियम सम्मिलित होते हैं जिनका निर्माण अथवा विकास विभिन्न अभिसमयों के माध्यम से होतै है । दूरसे विश्व युद्ध के बाद अंतर्राष्ट्रीय विधि का विकास अभिसमयों के माध्यम से ज्यादा हुआ है क्योंकि तेजी से बदलती हुई अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों और विधि के बीच के अंतराल को अभिसमयात्मक विधि से ही पूरा किया गया है ।
Convention on genocide (=genocide convention)
जनसंहार - अभिसमय
संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 9 दिसंबर, 1948 को स्वीकार किया गया अभिसमय जिसके अनुसार राज्य इस ब त के लिए सहमत हुए कि किसी राष्ट्रीय, संजातीय, प्रजातीय या धार्मिक वर्गसमूहों को पूर्णतः या आंशिक रूप से नष्ट करने की भावना से किया गया जनसंहार अथवा उसके लिए षड्यंत्र करना या ऐसा करने के ले उकसाने का काम दंडनीय होगा और इसके लिए राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधिकरमों में मुकदमा चलाया जा सकेगा, फिर चाहे ऐसे व्यक्ति शासक, सरकारी अधिकारी या गैर सरकारी किसी भी प्रकार केलोग क्यों ने हों । इस अभिसमय द्वारा व्यक्ति को अंतर्राष्ट्रीय विधि का विषय बनाया गया ।
convention on terrorism
आतंकवाद अभिसमय
2 फरवरी 1971 को सं. रा. महासभा द्वारा स्वीकृत किया गया आतंकवादी कार्रवाई निरोधक तथा देंडित करने वाले अभिसमय के अनुसार राज्यों का यह कर्तव्य निर्धारित किया गया कि वे अपने भूभाग में किसी अन्य राज्य के विरूद्ध आतंकवादी कार्रवाइयों को न तो प्रश्रम देंगे और न प्रोत्साहित करेंगे अर्थात् वे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप मे इस तरह की कार्रवाईयों को कोई सहायता प्रदान नही करेंगे । इसी दिशआ में यूरोपीय परिषद् ने आतंकवाद के दमन के लिए 1977 में एक यूरोपीय अभिसमय हस्ताक्षरार्थ तैयार किया और 1991 में दक्षेस (SAARC) ने भी इस पर विभिन्न नियमों को स्वीकार किया है ।
Convention on the High Seas
खुला समुद्र अभिसमय,
महासमुद्र अभिसमय
राज्यों के बीच सन् 1958 मे की गई वह अभिसंधि जिसके अनुसार खुले समुद्र की समग्र विधिक व्यवस्था संहिताबद्ध कर दी गी है और जिसमें निम्नलिखित चार स्वतंत्रताएँ सम्मिलित हैं :-
1. नौपरिवहन की स्वतंत्रता;
2. मत्स्याग्रहण की स्वतंत्रता;
3. समुद्र मे तार तथा पाइपलाइनें बिछाने की स्वतंत्रता; और
4. खुले समदुर पर उड़ान की स्वतंत्रता ।
दे. common heritage of mankind भी ।