logo
भारतवाणी
bharatavani  
logo
Knowledge through Indian Languages
Bharatavani

Definitional Dictionary of International Law (English-Hindi)
A B C D E F G H I J K L M N O P Q R S T U V W X Y Z

particular internationa law
विशिष्ट अंतर्राष्ट्रीय विधि विशिष्ट अंतर्राष्ट्रीय कानून राष्ट्रों के आचारण की नियमित करने वाले ऐसे क़ानून जो सामान्य रूप से सभी राज्यों पर लागू न होकर किसी क्षेत्र विशेष अथा महाद्वीप विशेष के राज्यों के पारस्परिक संबंधों मे ही लागू होते हैं । उदाहरणतः अमेरिकी गणराज्यों के आपसी संबंधों मे लागू होने वाले कुछ विशिअट नियम, जैसे दूतावासों में शरणाधिकार इसका एक उदाहण हैं ।

passive nationality principle
परोक्ष राष्ट्रिकता सिद्धांत दे. active nationality principle.

peace keepting operations.
शांतिस्थापन कार्रवाइयाँ दे. U.N. peace keeping operations.

peace time blockade.
शांतिकालीन नाकाबंदी दे. pacific blockade.

peace treaty
शांति संधि ऐसी संधि जो युद्ध समाप्ति के लिए युद्धकारियों के मध्य संपादित की जाती है । प्रायः इस प्रकार की संधि के उपरांत ही युदध की विधिवत समाप्ति मानी जाती है । उदाहरणार्थ जापान के साथ सशस्त्र कार्रवाई सन् 1945 मे ही समाप्त हो गई थी परंतु जापान के साथ युद्ध का अंत सन् 1951 में हुई सानफ्रांसिसको संधि से ही माना जाता है । सन् 1971 के भारत - पाकिस्तान युद्ध का अंत सन् 1972 मे संपादित शिमली समझौते से हुआ जो वैधिक दृष्टि से शांति संधि का ही एक उदाहण है ।

peace zpne
शांति क्षेत्र शांति क्षेत्र से तात्पर्य यह है कि राज्यों की पारस्परिक सहमति से किसी निर्धारित क्षएत्र को सैनिक गतिविधियों से पूर्णतया मुक्त कर दिया जाए जिसके फलस्वरूप वहाँ कोई सैनिक कार्यालय अथवा सैनिक अड्डा या सैनिक भंडार अथवा कोई सैनिक प्रतिष्ठान स्थापित नहीं किया जा सकता है । ऐसा बहुधा उस क्षेत्र को भावी युद्धों से अलग रखने के लिए किया जाता है । इस प्रकार के अनेक प्रयासों को सफलता भी प्राप्त हुई है जैसे एंटार्कटिका महाद्वीप को 1959 की संधि के अंतर्गत सैनिक गतिविदि रहित क्षेत्र बना दिया गाय है । चन्द्रमा की भी यही स्थिति है । हिन्द महासागर को शांति - क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव महासभा पारित कर चुकी है और इसे व्यावहारिक रूप देने के प्रायस हो रहे हैं ।

perfect neutrality
पूर्ण तटस्थता दे. absolute neutality

Permanent Court of Arbitration
स्थायी विवाचन न्यायालय इसीक स्थापना सन् 1899 के प्रथम हेग सम्मेलन में स्वीकृत एक अभइसमय के अंतर्गत की गई थी । इसका मुख्यालय हेग में है । वास्तव में यदि देखा जाए तो यह न तो स्थायी है और न कोई न्यायालय । वास्तविकता यह है कि प्रत्येक हस्ताक्षरकर्ता राज्य चार ऐसे व्यक्तियों का नामांकन कर सकता है, जो अंतर्राष्रीय विधि में दक्ष हो और इस प्रकार मनोनीत विधिवेत्ताओं के समूह में से आवश्यकता पड़ने पर विवाचकों अथवा पंचों की नियुक्त कर ली जाती है । जैसाकि एक लेखक ने लिखा है कि यह कोई न्यायालय नहीं है । यह केवल संभावित विवाचकों अथवा पंचों का समुदाय है । इस समुदाय के सदस्यों का एकमात्र कार्य यह है कि जब कभी विवाचन नायायदिकरण गठित किए जाने की आवश्यकता हो तब ये सेवा के लिए उपलब्ध रहें । प्रक्रिया यह है कि जब कभी कोई मामला इस न्यायालय के निर्णयार्थ रखा जाता है तब प्रत्येक पक्ष द्वारा दो पंच चुने जाते हैं जिनमें से केवल एक उसके द्वारा मनोनीत सदस्यों में से हो सकता है । इस प्रकार पंच नियुक्त होने के उपरांत ये सदस्य स्वयं अपने सरपंच का चुनाव करते हैं । पंच - निर्णय, जिसे पंचाट कहते हैं, बहुमत से दिया जाता है । स्टार्क ने लिखा है (1989) कि लघभग 20 मामले अभी तक इस प्रकार गठित न्यायाधिकरणों के समक्ष रखे जा चुके हैं जिनमें सन् 1911 का फ्रांस और ब्रिटेन के मध्य वीर सावरकर का भी मामला था ।

Permanent Court of International Justice
स्थायी अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय दिसंबर, 1920 मे स्थापित अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय जो अंतर्राष्ट्रीय विवादों के निपटारे और सलाह देने के लिए गठित किया गया था । यह इस प्रकार का प्रथम न्यायालय था । इसमें 15 न्यायाधीश होते थे जिनका निर्वाचन राष्ट्र संघ की सभा द्वारा किया जाता था । इसका मुख्यालय हेग में था । द्वितीय महायुद्ध के प्रारंभ होने पर इस न्यायालय का अंत हो गाय । अपने कार्याकाल में (1922- 1939) इसने कुल मिलाकर 20 निर्णय और 27 परामर्शी मत दिए । इनमें लोटस के मामले और बिंबिल्डन मामले में दिए गए निर्णय सुविख्यात हैं । वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय वस्ततः इसी न्यायालय का उत्तराधइकारी और रूपांतरण माना जा सकात है ।

Permanent Mandates Commission
स्थायी अधिदेश आयोग राष्ट्र संघ द्वारा अपनाई गई अधिदेश पद्धति के अंतर्गत गठित वह आयोग जो अधइदेशक राज्यों से उनके अधइदेशाधीन भूभागों की प्रगति तथा विकास से संबंधित वार्षिक विवरण प्राप्त करता था और उनकी जाँच - पड़ताल करता था । अधिदेशों के संबंध में यह आयोग राष्ट्रसंघ का मुख्य सहायक एवं परामर्शदाता अंग था ।


logo