किसी एन्ज़ाइम या एन्ज़ाइम तंत्र के द्वारा उत्प्रेरित अभिक्रिया में अनिवार्य रुप से भाग लेने वाला कार्बनिक यौगिक, जो इस प्रक्रिया में स्वयं व्यय नहीं होता।
Cold blooded
असमतापी, अनियततापी
(दे. Poikilothermal)
Coleoptera
कोलियोप्टेरा (वर्मपंखी गण)
सूक्ष्म से लेकर बड़े आकार तक के कीट जिनके अग्रपंख श्रृंगीय या चर्मिल प्रवर्म (elytra) में रुपांतरित होते हैं और जो कीट के बैठने की स्थिति में मिल जाते हैं तथा जिसके फलस्वरुप एक सीधी मध्य पृष्टीय सीवन ( suture) बन जाती है। पश्चपंख झिल्लीमय और प्रवर्मो के नीचे वलित रहते हैं तथा लघूकृत या अनुपस्थित होते हैं तथा अग्रवक्ष बड़ा और गतिशील, मध्यवक्ष बहुत लघूकृत। इनकी विशेषताएँ हैं -पूर्ण कायांतरण; डिंभक कैम्पोडियारुपी अथवा क्रॉस रुपी, बिरले ही अपादी होते हैं, कोशित अक्रियचिबुक (adecticous) और अबद्ध, मुखांग आंदश(bitting) प्रकार के होते हैं। उदा. भृंग।
Collagen
कोलैजन
अत्यधिक तनन-सामर्थ्य वाला बहुव्यापी प्राणि-प्रोटीन जो कोशिका-बाह्य आधात्री तथा रेशेदार ऊतकों (कंडरा, उपास्थि और त्वचा) का एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक अवयव होता है। इसके अणु का एक-तिहाई भाग ग्लाइसीन और एक-तिहाई प्रोलीन या हाइड्रॉक्सीप्रोलीन होता है। इसकी द्वितीयक संरचना त्रिक-कुंडलिनी के रुप में होती है।
Collar
कॉलर
वलयाकार पट्टी का तरह की कोई संरचना; जैसे- 1 कीपकोशिकाओं (कोयनोसाइट) में कशाभ के आधार के चारों ओर कीप-जैसी आकृति की संरचना। 2. हेमिकॉर्डेटा में शुंड के ठीक पीछे स्थित मांसल क्षेत्र। 3. सर्पिल कवच वाले गैस्ट्रोपोडों में मांसल प्रावार (मैन्टल) का छोर या किनारा, जो कवच के बाहर निकला पढता है।
Collembola
कोलेम्बोला
अपंखी कीट जिनके अंतःसृतहनु (endognathus) मुखांग आदंश के लिए अनुकूलित होते हैं। सुयुक्त नेत्र अनुपस्थित; उदर 6 खंडीय, जिसमें प्रायः तीन जोड़ी उपांग होते हैं जैसे कि एक अधर-नलिका, सूक्ष्म उपबंधनी (retinaculum) और एक द्विशाखी (forked) स्प्रिंग अंग। वातकतंत्र और मैलपीगी नलिकाएँ नहीं होती। उदा. कुंडलपुच्छ (spring-tail)।
Colletrial gland
श्लेषक ग्रंथि
मादा की वे सहायक ग्रंथियाँ जो अंडों को किसी आधार से चिपकोन वाले आसंजक पदार्थ का स्रवण करती हैं।
Colon
बृहदाँत्र, कोलन
कशरुकियों में छोटी आँत और मलाशय के बीच का भाग, जहाँ अपचे भोजन से पानी का अवशोषण होता है।
Colonization
उपनिवेशन
नये आवास में कीटों के समुदाय की स्थापना का प्रक्रम। यह उस कार्यक्रम को भी दर्शाता है जिसमें परजीवियों/परजीव्याभों की लाभदायक विदेशी जाति को हानिकारक पीड़क समाष्टियों का दमन करने के लिए कृषि पारितंत्र ढंग से मोचित किया जाता है।
Colony hybridization
निवह संकरण
स्वस्थाने संकरण के उपयोग द्वारा जीवाणु निवहों के किसी विशेष डी.एन.ए. अनुक्रम की पहचान करने की विधि। इसे क्लोनन प्रयोग के बाद किया जाता है। इसे गुरुनस्टाइन-होगनेस पद्धाति भी कहते हैं।