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Braj Bhasha Soor-Kosh (Vol-VI)

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पंचवटी
दंडकारण्य का वह स्थान जहाँ श्रीराम वनवास-काल में रहे थे और जहाँ से सीता-हरण हुआ था।
संज्ञा
[सं.]

पंचवाण
काम के पाँच वाण-द्रवण, शोषण, तापन, मोहन और उन्माद।
संज्ञा
[सं.]

पंचवाण
काम के पाँच पुष्पबाण-कमल, अशोक, आम्र, नवमल्लिका और नीलोत्पल।
संज्ञा
[सं.]

पंचवाण
कामदेव।
संज्ञा
[सं.]

पंचशब्द
मंगलोत्सव में बजनेवाले पाँच बाजे-तंत्री, ताल, झाँझ नगारा और तुरही।
संज्ञा
[सं.]

पंचशब्द
पाँच प्रकार की ध्वनि-वेदध्वनि, बंदीध्वनी, जयध्वनि, शंखध्वनि और निशानध्वनि।
संज्ञा
[सं.]

पंचशर
कामदेव।
संज्ञा
[सं.]

पंचांग
पाँच अंग।
संज्ञा
[सं.]

पंचांग
तिथिपत्र।
संज्ञा
[सं.]

पंचांक्षर
जिसमें पाँच अक्षर हों।
वि.
[सं.]


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