गिंक्गो-पादपों की पत्तियों के विकास की प्रारंभिक अवस्था। माना जाता है कि डिक्ट्रियोफिलम जैसे पौधो के विभाजित अक्ष के पतले से खंडों ने जालिकाभवन के फलस्परूप एक पत्ती का रूप धारण कर लिया।
Preleaves
प्राक्पर्ण
पुरातन प्रोजिम्नोस्पर्मोप्सिड़ा के त्रिविम शाखा विन्यास के अंत्य अपांग, जिनकी तुलना पत्तियों से की जा सकती है।
Preovule
प्राक् बीजाण्ड
बीजाण्ड जैसी संरचना जिसमें बीजाण्डद्वार नहीं होता। यह बीजाण्ड के विकास का आरंभिक चरण है। उदा. आकइओस्पर्मा।
Prepinus
प्रीपाइनस
संवहनी पादपों के जिम्नोस्पर्मोप्सिड़ा वर्ग के कोनीफरेलीज गण का एक अनंतिम वंश। क्रिटशस युग की इन वामन शाखाओं में सुई जैसी पत्तियों के आधार सर्पिलतः विन्यस्त होते हैं।
Prepollen
प्राक्पराग
पुरातन लक्षणों वाला टेरिडोस्पर्मों का पराग। यह क्रिप्टोगैमों के लघुबीजाणु से अधिक विकसित था किन्तु अंकुरण-रंध्र सन्निकट पार्श्व में स्थित होता था न कि सामान्य पराग की तरह दूरस्थ पार्श्व में।
Primary vein
प्राथमिक शिरा
पत्ती की सबसे मोटी निचली शिरा या इतनी ही मोटाई की एक से अधिक शिराओं में से कोई एक।
Primicorallina
प्राइमीकोरैलाइना
एक हरित शैवाल वंश। ऑर्डोविशियन युग के इन पौधों में एक केन्द्रीय अक्ष पर द्वितीयक शाखाओं का एक गुच्छा-सा लगा होता है।
Proangiosperms
प्राक्आवृतबीजी
मीसोज़ोइक युग के कुछ पादप समूह जिन्हें आवृतबीजियों का पूर्वज माना जाता है। इनमें ये संभाव्य गण हैं- केटोनिएलीज, ग्लॉसोप्टेरिडेलीज, साइकैडिऑइडेलीज़ आदि।
Proaraucaria
प्रोऐरोकैरिया
संवहनी पादपों के जिम्नोस्पर्मोप्सिड़ा वर्ग के कोनीफरेलीज़ गण का एक अनंतिम वंश। इओसीन युग के ये शंकु आधुनिक वंश ऐरोकैरिया सरीखे होते हैं।
Problematospermum
प्रॉब्लेमैटोस्पर्मम
संवहनी पादपों के एन्जियोस्पर्मोप्सिडा वर्ग का एक अनंतिम वंश। जुरैसिक युग के इन अण्डाकार बीजों के एक सिरे पर पैपस लगा होता है।