विषयनिष्ठवाद, वस्तुनिष्ठवाद
बाह्य जगत् का मन से स्वतंत्र अस्तित्व मानने वाला सिद्धांत।
Object Language
1. वस्तु भाषा : वह भाषा जिसका प्रयोग वस्तुओं, घटनाओं और उनकी विशेषताओं की चर्चा करने के लिये किया जाता है।
2. विषय-भाषा : वह भाषा जो चर्चा का विषय होती है अथवा जिसकी छानबीन अधिभाषा (metalanguage) करती है।
Objecto-Centric Predicament
वस्तुकेंद्रिक विषमावस्था, वस्तुकेंद्रिक विप्रतिपत्ति
नव-यथार्थवादियों की यह युक्ति कि जो वस्तुएँ ज्ञान के विषय हैं उनके अतिरिक्त किसी के संबंध में कुछ नहीं कहा जा सकता, इसलिए केवल इन वस्तुओं का ही वास्तव में अस्तित्त्व है।
Object Of Moral Judgement
नैतिक निर्णय का विषय
वह कर्म या विषय जिस पर नैतिक निर्णय दिया जाता है।
Obligation
बाध्यता
नैतिक दृष्टि से कर्म करने की वह मनः स्थिति, जो बाह्य दबाव के कारण न हो कर 'चाहियेपन' की आन्तरिक प्रेरणा के कारण हो।
Obliteration Philosophy
अपमार्जन दर्शन
नव यथार्थवादियों द्वारा प्रत्ययवादी दर्शन को दिया गया अनादरसूचक नाम, जो उनके कथनानुसार वस्तु-जगत् के स्वतंत्र अस्तित्व का लोप ही कर देता है।
Obscure Definition
अस्पष्ट परिभाषा
वह दोषयुक्त परिभाषा जिसमें दुर्बोध भाषा का प्रयोग किया गया हो, जैसे `जीवन शरीरान्तर्गत एकत्रीभूत अभौतिक पदार्थ है।`
Obstacularity
प्रतिघता
प्राइस (Price) के अनुसार, बाह्य वस्तु में पाई जाने वाली यह विशेषता कि वह उसकी स्थिति में परिवर्तन चाहने वाले की चेष्टा का प्रतिरोध करती है।
Obverse
प्रतिवर्तित
वह निष्कर्ष जो प्रतिवर्तन के द्वारा प्राप्त होता है।
Obversion
प्रतिवर्तन
अनन्तरानुमान का वह रूप जिसमें आधारवाक्य के विधेय का व्याघाती पद निष्कर्ष वाक्य का विधेय होता है और निष्कर्ष वाक्य का
गुण आधारवाक्य के गुण से भिन्न होता है। अर्थात् आधारवाक्य यदि विध्यात्मक हो तो निष्कर्ष निषेधात्मक और यदि आधारवाक्य निषेधात्मक हो तो निष्कर्ष विध्यात्मक होता है किन्तु आधारवाक्य एवं निष्कर्ष के अर्थ और परिमाण में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
जैसे : सभी मनुष्य मरणशील हैं - प्रतिवर्त्य (आ वा)
कोई मनुष्य अमरणशील नहीं है - प्रतिवर्तित (निष्कर्ष)
यह आ, ए, इ एवं ओ में वैध होता है।