नौबत झड़ना (बजना)- (१) आंनदोत्सव होना। (२) प्रताप की घोषणा होना।
नौबत बजावत- (१) खुशी मनाता है। उ.-निंदा जग उपहास करत, मग बंदीजन जस गावत। हठ, अन्याय अघर्म, सूर नित नौवत द्वार बजावत-१-१४१। (२) प्रताप या ऐश्वर्य की घोषणा करता है।
नौबत बजाकर (की टकोर)- डंके की चोट पर, खुल्लमखुल्ला।