Bharatiya Bhasha Kosh (Multilingual, Devanagari Script)
हिंदी :किसी कार्य या उसके अंग को न करना या भूल से छोड़ देना
संस्कृत :अनवधानतया शेषीकृ
हिंदी :आंतिम सिरा, किनारा
मराठी :टोक, शेवट, सीमा, कांठ
बंगला :खुटे, प्रांत, किनारा
मणिपुरी :मतोल्, मताइ, मपाल्
ओड़िआ :किनारा, प्रांत, धार, पार्श्व
नेपाली :जुद्ध, युद्ध, लडाइँ
ओड़िआ :जुद्ध, समर, संग्राम
हिंदी :वायु और नमी के प्रभाव से उत्पन्न होकर लोहे पर जमने वाली मटमैली परत
गुजराती :काट (ळेखंड उपर लागेते)
ओड़िआ :जंगल, बन, बण, अरण्य
नेपाली :निर्जन स्थल, सुनसान ठाउँ
असमिया :निजान-ठाइ, निर्जन-ठाइ
ओड़िआ :निर्जन-स्थान, एकांत-स्थल
तमिल :जननडमाट्ट मट्ट॒इडम्
हिंदी :बरामदे, छज्जे आदि के किनारे-किनारे की गई रचना, जिसमें लोहे या लकड़ी की छड़ें या जाली लगी हो
संस्कृत :वारणम्, वितर्दिः
ओड़िआ :घेरेइ-होइथिबातार जालि अथवा काठजालि
हिंदी :धातु की बहुत-सी कड़ियों को एक-दूसरे में पहनाकर बनाई जाने वाली लड़ी, साँकल, श्रृंखला
मणिपुरी :योत्हौ-कोल्हौ, योत्ली
ओड़िआ :जंजीर, शिकुलि, श्रृंखल
गुजराती :जंतु, नानु जीवडुं
असमिया :जंतु, प्राणी, जीव
ओड़िआ :जंतु, प्राणी, मनुष्य एवं अन्यान्य-प्राणी
हिंदी :कोई चीज इस प्रकार कसकर पकड़ना या बांधना कि वह हिलडुल न सके
बंगला :शक्त करे धरा वा बांधा
मणिपुरी :फाजिन्बा, पुनसिन्बा
ओड़िआ :जाबुड़िबा, बंधिबा, बंधन-करिबा