नियम-प्रतिज्ञप्ति
वह प्रतिज्ञप्ति जो प्रकृति के किसी नियम को व्यक्त करे, जैसे : `समुद्र की सतह पर पानी 32 डिग्री फा. पर जमकर बर्फ बन जाता है,` `प्रत्येक भौतिक पिंड प्रत्येक अन्य भौतिक पिण्ड को उपनी ओर खींचने की शक्ति रखता है` इत्यादि।
Non-Centre Theory
अ-केन्द्र-सिद्धांत
सी. डी. ब्रॉड के अनुसार, मानसिक एकता का कारण किसी एक केन्द्र भूत सत्ता को न मानकर एक काल में होने वाली मानसिक घटनाओं का सीधे पारस्परिक संबंधों से जुड़े होने को मानने-वाला सिद्धांत।
Non-Cogitative Substance
अचिंतक द्रव्य
लॉक के अनुसार, ऐसा द्रव्य जिसमें चिंतन की शक्ति न हो।
Non-Cognitivist Theory
निःसंज्ञानवादी सिद्धांत
स्वीडन, इंग्लेण्ड और अमेरिका में विकसित अधि-नीतिशास्त्र का एक सिद्धांत जिसके अनुसार नैतिक निर्णय नैतिक तथ्यों को स्वीकार नहीं करता है। यह सिद्धांत यह भी मानता है कि नैतिक अन्तर्ज्ञान के द्वारा कुछ भी नहीं जाना जा सकता है।
Non-Collective Term
असमूह-पद
पारंपरिक तर्कशास्त्र में, वह पद जो किसी समूह के लिए प्रयुक्त न हो, जैसे 'मनुष्य'।
Non-Connotative Term
अ-वस्तुगुणार्थक पद
जॉन स्टुअर्ट मिल के अनुसार, वह पद जिसका या तो केवल वस्त्वर्थ हो या केवल गुणार्थ, न कि दोनों, जैसे `जेम्स` (केवल वस्त्वर्थ) या `श्वेतत्व` (केवल गुणार्थ)।
Non-Dualism
अद्वैतवाद
भारतीय दर्शन के `अद्वैतवाद` का अंग्रेजी पर्याय। अद्वैतवाद में ब्रह्म को एकमात्र सत्य माना गया है और जगत् को मिथ्या। नानात्व माया के कारण प्रतीत होता है और इसलिए पारमार्थिक दृष्टि से असत् है। सत्य केवल ब्रह्म है, पर उसे 'एक' न कहकर अद्वैत कहा गया है : 'एक' इसलिए नहीं कि ब्रह्म निर्विशेष है; 'एक' कहना उसे सविशेष बना देने के समान है, अतः उसके लिए अद्वैत इत्यादि निषेधात्मक शब्दों का प्रयोग अधिक समीचीन है।
Non-Ethical
निर्नीतिशास्त्रीय
वह जिस पर नीतिशास्त्रीय संप्रत्यय लागू ही न हों।
Non-Inferential Fallacies
अनानुमानिक दोष
निगमन के वे दोष जो अनुमान से संबंधित नहीं है, जैसे परिभाषा और विभाजन के दोष।
Non-Logical Fallacies
नासतः किंचित् (असत् से सत्)
`असत् से कुछ उत्पन्न नहीं होता`। यह सूत्र पर्याप्त-हेतु सिद्धांत का निषेधात्मक रूप है।