नैतिक कर्तव्य
वह कर्तव्य जिसका पालन करने के लिए कानून तो बाध्य नहीं करता परन्तु समाज की नैतिकता के अनुसार जिसका पालन करने की व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है।
Moral Evil
नैतिक अशुभ, नैतिक बुराई
पैट्रिक के अनुसार, वह बुराई जो नैतिकता के उल्लंधन से पैदा होती है, जैसे अन्याय, शोषण, चोरी, घूसखोरी इत्यादि।
Moral Expiation
नैतिक प्रायश्चित
किसी अनुचित या अनैतिक कर्म करने के पश्चात् उसका बोध होने पर ग्लानि होना।
Moral Fanaticism
नैतिक मतांधता
केवल अपने नैतिक मूल्यों को ही सत्य एवं सर्वश्रेष्ठ मानने वाला तथा दूसरों के नैतिक मूल्यों को अस्वीकृत करने वाला मत।
Moral Indifferentism
नैतिक उदासीनतावाद
शुभ-अशुभ आदि नैतिक प्रत्ययों के प्रति तटस्थता का भाव रखने वाला मत।
Moral Indignation
नैतिक आक्रोश
अन्याय, अनाचार एवं दुराचार के प्रति अवहेलना-मिश्रित उचित क्रोध का भाव।
Moral Institutions
नैतिक संस्थाएँ
वे सामाजिक संस्थाएँ जिनका निर्माण व्यक्ति की श्रेय, पुरूषार्थ या नैतिक शुभ की प्राप्ति में सहायता करने के प्रयोजन से हुआ है, जैसे परिवार, विद्यालय, चर्च आदि।
Moral Judgement
नैतिक निर्णय
किसी भी ऐच्छिक कर्म को नैतिक दृष्टि से शुभ या अशुभ, उचित या अनुचित बताना नैतिक निर्णय है।
Morality
1. नैतिकता : व्यक्ति के कर्म, आचरण या चरित्र की वह विशेषता जो उसके नैतिक आदर्श के अनुरूप होने से या उसका अनुसरण करने से उसमें आती है।
2. नीति : नैतिक आदर्श की दृष्टि से आचरण का अध्ययन करने वाला शास्त्र अथवा मुख्य रूप से मानव-स्वभाव, आदर्श और उसका अनुसरण करने के लिए बनाए गए नियमों से संबंधित विचारों का तंत्र विशेष।
Moral Scepticism
नैतिक संशयवाद
वह मत जिसके अनुसार, नैतिक नियमों या मापदण्डों को बौद्धिक तर्क द्वारा उचित नहीं ठहराया जा सकता है। अतः उन पर विश्वास या अविश्वास नहीं किया जा सकता।