logo
भारतवाणी
bharatavani  
logo
Knowledge through Indian Languages
Bharatavani

Braj Bhasha Soor-Kosh (Vol-VI)

Please click here to read PDF file Braj Bhasha Soor-Kosh (Vol-VI)

नेत
किसी बात की स्थिरता या ठहराव।
संज्ञा
[सं. नियति=ठहराव]

नेत
निश्चय, संकल्प।
उ.-आजु न जान देहुँ री ग्वालिनि बहुत दिननि को नेत-१०३५।
संज्ञा
[सं. नियति=ठहराव]

नेत
(३) प्रबंध, व्यवस्था।
संज्ञा
[सं. नियति=ठहराव]

नेत
मथानी की लस्सी।
उ.-को उठि प्रात होत लै माखन को कर नेत गहै-२७११।
संज्ञा
[सं. नेत्र]

नेत
एक गहना।
उ.-कहुँ कंकन कहुँ गिरी मुद्रिका कहुँ ताटंक कहूँ नेत-३४५६।
संज्ञा
[देश.]

नेतक
चूनर, चुँदरी।
संज्ञा
[देश.]

नेता
अगुआ, नायक।
संज्ञा
[सं. नेतृ]

नेता
प्रभु, स्वामी।
संज्ञा
[सं. नेतृ]

नेता
प्रवर्तक, निर्वाहक, संचालक।
संज्ञा
[सं. नेतृ]

नेता
मथानी की रस्सी।
संज्ञा
[सं. नेत्र]


logo