अलिखित संविधान वह संविधान जिसके अधिकांश उपबंध कभी लेखबद्ध नहीं होते तथा जिसे न कोई सँविधान सभा किसी निश्चित समय पर बनाती ही है। अलिखित संविधान का शनैः शनैः विकास होता है और वह मुख्यतः अभिसमयों, रूढ़ियों, लोकाचारों, परंपराओं, न्यायिक निर्णयों और पूर्वोदाहरणों में निहित होता है। अलिखित संविधान का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण इंग्लैंड का संविधान है। परंतु फिर भी उसके कुछ विशिष्ट अंग उदाहरणार्थ, मैग्नाकार्टा (सन् 1215), पिटिशन ऑफ राइट्स (सन् 1628) और पार्लियामेंट एक्ट (सन् 1911) लेखबद्ध हैं। इंग्लैंड के अधिकांश संवैधानिक नियम परंपराओं और अभिसमयों के परिणाम हैं और उनका शनै: शनै: विकास हुआ है।
Upheaval
महापरिवर्तन समाज में उग्र घोर अथवा प्रचंड आंदोलन या हलचल एवं अव्यवस्था और उसके परिणामस्वरूप घटित मूल अथवा महत्वपूर्ण परिवर्तन।
Uprising
विद्रोह, विप्लव किसी राज्य की सत्तारूढ़ सरकार या शासन को अपदस्थ करने के लिए किसी सैनिक अथवा असैनिक गुट, संगठन अथवा दल द्वारा किया गया सशस्त्र प्रयास अथवा छेड़ा गया अभियान।
Usurpation
बलात्ग्रहण, हड़पना, हथियाना वैध सरकार अथवा सत्ता को बलपूर्वक अथवा चालबाज़ी से अपदस्थ करके सत्ता अथवा शासन शक्ति का अवैध अथवा अनधिकृत रूप से हथिया लिया जाना।
Utilitarianism
उपयोगितावाद एक आधुनिक राजनीतिक विचारधारा के रूप में `उपयोगितावाद` का प्रतिपादन करने वाले इंगलैंड के विख्यात दार्शनिक जर्मी बैन्यम थे। इनके अनुयायियों में जैम्स मिल और जॉन स्टुअर्ट मिल के नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। बैन्थम के अनुसार प्रकृति ने मानव जाति को सुख और दुःख दो संप्रभुओं के अधीन रख छोड़ा है। वे ही यह निर्धारित करते हैं कि मनुष्य क्या करता है और वे ही यह बताते है कि उसे क्या करना चाहिए। कार्य-कारण की श्रृंखला तथा कर्तव्याकर्तव्य का आधार, दोनों ही उनसे बंधा हुआ है। इस सिद्धांत के अनुसार मनोविज्ञान तथा आचारशास्त्र, दोनों में कोई तार्किक भेद नहीं है। बैन्थम ने सुखों और दुःखों के अनेक भेद बताए और उनके आयामों का भी विश्लेषण किया। इनके आधार पर उसने सुखों और दुःखों के मापक अथवा गणक का भी प्रतिपादन किया। वैन्थम के अनुसार राज्य का कर्तव्य है कि वह ऐसे कार्य करे जिनसे `अधिकतम व्यक्तियों को अधिकतम सुख` प्राप्त हो सके। क़ानून-निर्माण में भी यही ध्येय होना चाहिए। एक प्रकार से बैन्थम ने भौतिक सुखवाद को ही आदर्श माना, परंतु उनके शिष्य जॉन स्टुअर्ट मिल ने सुख के गुणों और उसकी आध्यात्मिकता पर बल देकर `उपयोगितावाद` को उस आलोचना से बचाने का प्रयास किया जिसके अनुसार यह केवल `सुअरों का दर्शन है`। परंतु मिल के संशोधन में भी अनेक तार्किक असंगतियाँ थीं। अतः राजनीतिक विचारधारा पर `उपयोगितावाद` का कोई स्थायी प्रभाव नहीं रहा। वैन्थम ने विधि और जेल सुधार संबंधी अनेक सुझाव दिए जो बहुत उपयोगी सिद्ध हुए।
Utopia
यूटोपिया, कल्पनालोक सन् 1516 में सर टॉमस मूर द्वारा लिखित विश्वविख्यात कृति जिसमें लेखक ने `यूटोपिया` नाम के एक काल्पनिक देश का चित्रण किया है जो उसके स्वप्नों का स्वर्ग है, परंतु जिसे धरती पर उतारना अव्यावहारिक और असंभव है। तब से किसी भी अव्यावहारिक विचार, योजना अथवा कार्यक्रम को कल्पनालोकीय अथवा यूटोपियन कह कर निबटा दिया जाता है।
Utopian socialism
कल्पनालोकीय समाजवाद कार्ल मार्क्स से पूर्ववर्ती समाजवादी चिंतकों व दार्शनिकों को कल्पनालोकीय कहा गया है क्योंकि समाज विषयक उनका विश्लेषण और उसका उपचार, दोनों उनकी अपनी कल्पना, संवेदना और परमार्थ भावना पर आधारित थे, किसी वैज्ञानिक विश्लेषण पद्धति पर नहीं। कल्पनालोकीय, समाजवादियों में मुख्यतः सन्त साइमन, चार्ल्स फूरियर, विलियम गॉडविन तथा रॉबर्ट ओवेन के नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। ये सभी अपने समकालीन सामाजिक अन्याय और आर्थिक शोषण से दुःखी थे और इनके कटु आलोचक थे। ये एक ऐसे आदर्श समाज का निर्माण करना चाहते थे जो स्वतंत्रता, समानता और न्याय पर आधारित हो और जहाँ शोषण या किसी प्रकार का भेदभाव न हो। परंतु इन विचारकों के पास अपने विचारों को कार्यरूप देने के लिए कोई ठोस कार्यक्रम नहीं था। रॉबर्ट ओवेन ने अपने व्यक्तिगत प्रयास एवं संसाधनों से अपने स्वप्नों के आदर्शों को कार्य रूप देने का प्रयास भी किया परंतु वह अधिक दिनों तक चलनेवाला नहीं था। कुल मिलाकर, समाज और राजनीतिक एवं आर्थिक व्यवस्था के पुनर्निर्माण की ये सभी योजनाएँ अव्यावहारिक थीं। इसलिए इनको `कल्पनालोकीय समाजवाद` कहा गया है।
Vacillating policy
अस्थिर नीति, ढुलमुल नीति वह नीति जिसमें स्थिरता एवं आत्मविश्वास का अभाव हो।
Vatican City
वेटिकन नगर इटली में रोम के निकट एक नगर-राज्य जिसका प्रधान ईसाइयों का धर्मगुरु पोप है। इसका क्षेत्रफल लगभग 100 एकड़ है और जनसंख्या केवल दो सौ। यद्यपि पोप को परंपरा और राज व्यवहार के अंतर्गत वे सभी अघिकार प्राप्त हैं जो अन्य राज्याध्यक्षों को अंतर्राष्ट्रीय विधि के अंतर्गत प्राप्त होते हैं परंतु इस नगर के क्षेत्रफल व जनसंख्या और विशिष्ट उद्देश्यों को देखते हुए यह विवादग्रस्त है कि इस नगर को एक राज्य कहा जा सकता है या नहीं।
Very Important Person (VIP)
अति विशिष्ट व्यक्ति (वी.आई.पी.) ऐसे महत्वपूर्ण पदाधिकारी जिन्हें प्रशासन के द्वारा विशेष सम्मान एवं संरक्षण तथा सुविधाएँ दी जाने की व्यवस्था रहती है।