एक दानी राजा जिन्होंने अनजाने ही एक ब्राह्मण की गाय अपनी सहस्त्र गौओं के साथ दूसरे ब्राह्मण को दान मे दे दी। गाय हरण के पाप का फल भोगने के लिए राजा नृग को सहस्त्र वर्ष के लिए गिरगिट होकर कुएँ में रहना पड़ा। इस योनि से श्रीकृष्ण ने उनका उद्धार किया।
संज्ञा
[सं.]
नृध्न
नरघातक।
वि.
[सं.]
नृतक
नाचनेवाला।
संज्ञा
[सं. नर्तक]
नृतकारी
नृत्यकला, नृत्यकौशल।
उ.-इंद्रसभा थकित भई, लगी जब करारी। रंभा कौ मान मिट्यौ, भूली नृतकारी-६४९।