मिश्रधारणानुमान
एक प्रकार का अव्यवहित अनुमान जिसमें आधारवाक्य के उद्देश्य और विधेय को किसी अधिक जटिल संप्रत्यय का अंश बनाकर निष्कर्ष प्राप्त किया जाता है।
जैसे : घोड़ा एक पशु है,
∴ घोड़े का सिर एक पशु का सिर है।
Inference By Converse Relation
परिवर्तित-संबंधानुमान
एक प्रकार का अव्यवहित अनुमान जिसमें आधारवाक्य के उद्देश्य के स्थान पर उसका सहसंबंधी रखकर, विधेयगत सहसंबंधी के स्थान पर उद्देश्य-पद को रखकर तथा संबंध-सूचक पद के स्थान पर विलोम संबंध का सूचक पद रखकर निष्कर्ष प्राप्त किया जाता है।
जैसे : राम सीता का पति है।
सीता राम की पत्नी है।
Inferential Fallacies
आनुमानिक दोष
अनुमान के नियमों का उल्लंघन करने से उत्पन्न दोष जो परिभाषा, वर्गीकरण, प्रेक्षण आदि के दोषों से भिन्न होते हैं।
In Fieri
परिनिष्पाद्य
स्कॉलेस्टिक दर्शन में, उस वस्तु के लिए प्रयुक्त जिसका अस्तित्व अभी शुरू ही हुआ है जो अभी पूर्णतः अस्तित्व में नहीं आई, जैसे एक निर्माणाधीन चित्र।
Infima Species
निम्नतम उपजाति
तर्कशास्त्र में, किसी वर्गीकरण की सबसे छोटी उपजाति, जो और छोटी उपजातियों में विभाजित नहीं की जा सकती।
Infinite Judgement
अपरिमित निर्णय
वह निर्णय जिसका विधेय कोई अनियत पद होता है। जैसे, `अ, अ-प है`।
Infinite Term
अनंत पद
तर्कशास्त्र में, निषेधात्मक और असीमित वस्त्वर्थ वाला पद, जैसे `अमनुष्य`।
Infinity
अनंतता
दिक्-काल अथवा संख्या का कभी समाप्त न होने वाला विस्तार।
Informal Fallacy
अनाकारिक तर्कदोष, अनाकारिक युक्तिदोष
वह तर्कगत दोष जो आकारिक न हो : ऐसे दोष तर्क में तब पैदा होते हैं जब तर्क को व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त भाषा में कोई द्वयर्थकता होती है।
Infralapsarianism
पतनोत्तर-उद्धारवाद
ईसाई धर्म में एक मत, जिसके अनुसार ईश्वर को इस बात का पूर्वज्ञान था कि मनुष्य का पतन होगा और इसके बाबजूद उसने उसका पतन होने दिया तथा कुछ मनुष्यों को अपनी कृपा का पात्र बनाकर उनका उद्धार किया।