युद्ध क्षेत्र वे समस्त भू, समुद्री तथा आकाशी प्रदेश जो प्रत्यक्ष रूप से युद्ध एवं विभिन्न प्रकार की युद्धात्मक कार्रवाइयों, गतिविधियों, क्रियाकलापों एवं संक्रियाओं में अंतर्ग्रस्त हो जाते हैं।
Theocratic state
धर्मतंत्रीय राज्य ऐसा राज्य जिसके शासन संचालन में धर्म और धार्मिक-अधिकारियों को प्रधानता दी जाती हो। इस प्रकार के राज्य में ईश्वर किसी दृष्टा अथवा पैग़म्बर के माधय्म से जनता के लिए अपनी विधियाँ प्रकट करता है। कुछ धार्मिक नेता, पुरोहित, पादरी और मुल्ला समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप इन विधियों की व्याख्या करने की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले लेते हैं। राज्य में शासनाध्यक्ष केवल राज्य द्वारा मान्य धर्म का अनुयायी ही हो सकता है और धर्म के मूलभूत सिद्धांत (जैसे कुरान या बाईबिल) समाज और राज्य के लिए सर्वोपरि माने जाते हैं। वर्तमान काल में कोई धर्मतंत्रीय राज्य का विशुद्ध उदाहरण नहीं है परन्तु अनेक इस्लामी देशों में कुरान को देश का सर्वोच्च क़ानून माना जाता है और इस्लाम देश का मान्यताप्राप्त धर्म माना जाता है।
Third estate
साधारण वर्ग, तृतीय वर्ग, जनता पारंपरिक तीन राजनीतिक वर्गों या श्रेणियों में से तीसरा वर्ग या श्रेणी। फ्रांस में ये क्लर्जी, नोबल्ज़ और कामन्स के नाम से जाने जाते थे तथा इंगलैंड में इन श्रेणियों को स्पिरिचुअल लाईस, टेम्पोरल लाईस तथा कॉमन्स कहते थे। इस प्रकार तृतीय श्रेणी में सामान्य जन आते थे।
Third internationale
तृतीय इंटरनेशनाले सन् 1919 में लेनिन द्वारा स्विद्ज़रलैंड में स्थापित विश्व के समाजवादियों अथवा साम्यवादियों का संघ। इस संघ ने मार्क्सवादी सिद्धांतों का समर्थन किया। युद्ध की अवधि में मित्र राष्ट्रों के साथ होने के कारण और उनके प्रति सद्भावना दिखाने के लक्ष्य से स्टालिन ने सन् 1943 में इस संगठन को समाप्त कर दिया। परंतु सन् 1947 में कोमिनफॉर्म के नाम से इसका पुनर्गठन किया गया।
Third world
तीसरी दुनिया द्वितीय महायुद्ध के उपरांत पूरा संसार दो शिविरों में बंट गया-एक पश्चिमी औद्योगिक लोकतंत्रीय राष्ट्र और दूसरे साम्यवादी अधिनायकवादी राष्ट्र। इसी के साथ उपनिवेशवाद का पतन होना प्रारंभ हआ और एशिया-अफ्रीका-लातिनी अमेरिका के महाद्वीपों में अनेक उपनिवेश स्वतंत्र अथवा स्वाधीन हुए जो आर्थिक दृष्टि से अविकसित और सामाजिक दृष्टि से पिछड़े हुए थे। प्रायः इन देशों को `तीसरी दुनिया` कहा जाता है।
Timocracy
सम्मान तंत्र प्राचीन यूनानी विचारकों के अनुसार वह राजतंत्र जिसमें सार्वजनिक पद के लिए अर्हता सम्पत्ति अथवा सम्मान पर आधारित होती थी।
Totalitarianism
सर्वाधिकारवाद वह अधिनायकवादी व्यवस्था जिसके अंतर्गत राज्य सामाजिक और आर्थिक जीवन के सभी पक्षों को अपने हाथों में समेट लेने का प्रयत्न करता है। सर्वाधिकारवाद उदारवाद के प्रतिकूल है। उदारवाद के अंतर्गत राज्य को केवल कुछ ही कार्य सौंपे जाते हैं और शेष कार्य व्यक्ति अथवा समाज के लिए छोड़ दिए जाते हैं। फासिस्ट इटली, नाजी जर्मनी सर्वाधिकारवादी राज्यों के वर्तमान उदाहरण हैं।
Totalitarian state
सर्वाधिकारी राज्य वह राज्य जिसमें किसी निरंकुश नेता अथवा निरंकुश सोपानिकी का केंद्रीयकृत शासन तथा नियंत्रण होता है और जो जीवन के सब क्षेत्रों तथा सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक क्षेत्रों पर कड़ा नियंत्रण रखता है और किसी प्रकार की व्यक्तिगत स्वतंत्रता सहन नहीं करता।
Total mobilization
पूर्ण लामबंदी राज्य की समस्त सेना की विभिन्न टुकड़ियों, जंगी बेड़ों इत्यादि को युद्ध करने के लिए एकत्रित करने तथा तत्परता की स्थिति में रखने का कार्य।
Total war
पूर्णयुद्ध, सर्वागीण युद्ध, सकल युद्ध युद्ध की वर्तमानकालीन अवधारणा जिसके अनुसार युद्धकारी राज्यों की न केवल थल, नौ तथा वायु सेनाएँ बल्कि उनकी समग्र जनता भी किसी न किसी रूप में युद्ध की संक्रिया में भागीदार समझी जाती है। पूर्ण युद्ध के अंतर्गत अणुबमों, विषैली गैसों और प्रेक्षपास्त्रों के निस्संकोच प्रयोग से सैनिक-असैनिक लक्ष्यों, योधी और अयोधी, तटस्थ और शत्रु में भेद नहीं रह जाते और राज्य के समस्त संसाधन, उत्पादन व्यवस्था, यातायात और संचार, साधन, आर्थिक प्रणाली, आदि युद्ध के लिए समर्पित हो जाते हैं।