व्यष्टिक अंतःप्रज्ञावाद
नीतिशास्त्र में वह मत कि प्रत्येक व्यक्ति में कर्म के औचित्य-अनौचित्य का अंतःप्रज्ञा से तत्काल बोध हो जाता है। तुलना के लिए देखिए `general intuitionism`और `universal intuitionism`।
Individualism
व्यष्टिवाद
व्यष्टि के हित को समष्टि या समूह के हित की अपेक्षा वरीयता देने वाला अथवा व्यष्टि को प्रधान या साध्य मानने वाला सिद्धांत।
Individualistic Hedonism
व्यष्टिपरक सुखवाद
स्वसुखवाद का दूसरा नाम। देखिए `egoistic hedonism`।
Individualistic Relativism
व्यष्टि-सापेक्षवाद
कर्म की अच्छाई और उसके औचित्य को व्यष्टियों के मनोभावों या उनकी अभिवृत्तियों पर आधारित मानने वाला सिद्धांत।
Individual Variable
व्यष्टि-चर
तर्कशास्त्र में, कोपी द्वारा प्रस्तावित प्रयोग के अनुसार, अंग्रेजी वर्णमाला का छोटा अक्षर x, y, z जो उस स्थान का सूचक होता है जिसमें a से w तक का कोई व्यष्टि-अचर रखा जाना है। तुलना के लिये देखिए `individual constant`।
Induction
आगमन, सामान्यानुमान
अनुमान का वह प्रकार जिसमें विशेष तथ्यों से सामान्य निष्कर्ष निकाला जाता है।
उदाहरण : राम मर्त्य है;
मोहन मर्त्य है;
सोहन मर्त्य है;
∴ सभी मनुष्य मर्त्य है।
Induction By Colligation Of Facts
तथ्यानुबंधी आगमन
सर्वप्रथम ब्रिटिश दार्शनिक हेवल (Whewell) द्वारा प्रयुक्त एक पद। व्याख्या के लिए देखिए `colligation of facts`।
Induction By Complete Enumeration
पूर्णगणनाश्रित आगमन
वह आगमन जो अपने क्षेत्र के सभी दृष्टांतों के प्रेक्षण पर आधारित होता है, जैसे `इस पुस्तकालय में 164 नम्बर वाली सभी किताबें तर्कशास्त्र की हैं`।
Induction By Parity Of Reasoning
तर्क साम्य-आगमन
एक प्रकार का आगमन जिसमें एक सामान्य प्रतिज्ञप्ति इस आधार पर निष्कर्ष के रूप में प्राप्त की जाती है कि जो तर्क एक विशेष दृष्टांत पर लागू होता है वही उसके अंतर्गत आने वाले प्रत्येक अन्य समान दृष्टांतों पर लागू होगा, जैसे ज्यामिति की यह उपपत्ति कि सभी त्रिभुजों के अंतः कोणों का योग दो समकोण के बराबर होता है`।
Induction By Simple Enumeration
सरल गणनाश्रित आगमन
वह आगमन जिसका आधार बार-बार-प्रत्यक्ष अथवा अबाधित अनुभव मात्र होता है और जिसमें कारण-संबंध ढूढने का कोई प्रयास नहीं किया गया होता, जैसे, `सभी कौवे काले होते हैं`।