Bharatiya Bhasha Kosh (Multilingual, Devanagari Script)
हिंदी :घर का सब सामान, माल असबाब
असमिया :गृहस्थी, घर-गृहस्थी
मणिपुरी :इमुङगी पोत्वै, माल चाङ्
कन्नड :मनेय-सामानु, गृहवस्तु
हिंदी :घर की मालकिन, पत्नी
मणिपुरी :युंबुरेंबी, नुपी
तमिल :बीट्टु, ऐजमानि, मनैवि
हिंदी :लाल रंग का खनिज, जो रंगने और दवा के काम आता है
बंगला :गौरिक, गेरिमाटि, गिरिमाटि
मणिपुरी :खोनीदगी फङ्बा अङाङबा मचुगी लैबाक मचु शङ्बा, अमदि हिदाक कान्नबा
हिंदी :कुछ विशिष्ट पौधों तथा वृक्षों से निकलने वाला चिपचिपा पदार्थ
संस्कृत :श्लेषकः, वृक्षनिर्यासः
हिंदी :शरीर को जल में इस प्रकार डुबाना, जिससे शरीर का कोई अंग बाहर न रह जाए, डुबकी
संस्कृत :निमज्जनम्, अवगाहनम्
हिंदी :जाँघों के ऊपर का भाग, जिस पर बच्चों आदि को बैठाया जाता है, अंक
हिंदी :वह बड़ा स्थान, जहाँ तिजारती माल जमा करके रखा जाता है।
मराठी :कोठार, वखार, गोदाम
गुजराती :गोदाम, गोडाउन, वखार
हिंदी :सायंकाल का वह समय, जब जंगल से चरकर लौटती हुई गायों के खुरों से धूल उड़ती है और जो शुभ कार्यों के लिए अच्छा मुहूर्त्त माना जाता है
बंगला :गोधूलि, संध्यार पुर्बकाल
मणिपुरी :नुङ्दाङ् वाइरम, शन् कारक्या मतम
ओड़िआ :गोधुलि, संज, संध्या
तेलुगु :संजवेळ, गोधूळि-वेळ
तमिल :माडुगळ् मेयंदु विट्टु मालै तिरुंबुम् नेरम्
मलयालम :गोधूळिवेळ, सायं संध्यावेळ
हिंदी :जिसे सार्वजनिक न किया जा सके
सिंधी :गु॒झो, गुप्तु, मुख़्फी
असमिया :गोपनीय, गोपन, अप्रकाशित
ओड़िआ :गोपनीय, गुप्त, अप्रकाशित, लुक्कायित, निभृत, निर्जन
तेलुगु :गोप्यमु, दाचव-लसिन
कन्नड :गट्टाद, गोप्यवाद, रहस्यवाद
हिंदी :गाय, भैंस आदि का मल जो लीपने पोतने और सुखा कर जलाने के काम में आता हैं