राज्यविहीनता, राष्ट्रहीनता वह स्थिति जिसमें किसी व्यक्ति को किसी भी राज्य की नागरिकता प्राप्त न हो। ऐसा कई कारणों से हो सकता है। दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका में भारतीय मूल के लोगों की यही स्थिति है। यद्यपि समय-समय पर इन देशों में इन लोगों को स्थानीय नागरिकता देने के उपाय किए गए हैं परंतु समस्या का पूर्ण रूप से समाधान नहीं हो पाया है।
State of emergency
आपातकालीन स्थिति वह स्थिति जो विशेष विपत्तियों जैसे, बाहय आक्रमण, आंतरिक विद्रोह, संवैधानिक तंत्र की विफलता अथवा वित्तीय संकट के कारण उत्पन्न हो सकती है और जिसका सामना करने के लिए असाधारण उपाय अपनाना आवश्यक हो जाता है। इन उपायों में संविधान के कुछ उपबंधों का निलंबन किया जाना भी शामिल है, यहाँ तक कि नागरिकों के मूल अधिकारों अथवा मूल अधिकारों के न्यायालय द्वारा लागू कराने के अधिकार को भी निलंबित किया जा सकता है। भारतीय संविधान के अंतर्गत आपातकाल संबंधी तीन प्रकार के प्रावधान पाए जाते हैं- (1) बाहय आक्रमण अथवा आंतरिक विद्रोह की स्थिति उत्पन्न होने पर अथवा उसकी संभावना होने पर : इस स्थिति में संसद राज्य सूची के विषयों पर क़ानून बना सकती है, संघ की कार्यपालिका राज्यों को निर्देश दे सकती है, संघ और राज्यों के बीच आय के वितरण में संशोधन किया जा सकता है तथा स्वतंत्रता का अधिकार निलंबित हो जाता है। (2) राज्यों में संवैधानिक तंत्र विफल होने पर : इस स्थिति में राज्य में मंत्रिमंडल भंग कर दिया जाता है और विधान मंडल निलंबित या विघटित कर दिया जाता है और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया जाता है। (3) वित्तीय संकट होने पर : इस अवस्था में केंद्रीय सरकार वित्त संबंधी अनेक प्रकार के आदेश-निर्देश राज्यों को जारी कर सकती है और उच्चाधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन- भत्तों में भी कटौती कर सकती है।
State of war
युद्ध-स्थिति, युद्ध-अवस्था राज्यों द्वारा एक दूसरे के विरुद्ध सशस्त्र सैनिक बल-प्रयोग की स्थिति। यह आवश्यक नहीं है कि युद्धरत राज्य वास्तव में एक दूसरे के विरुद्ध सशस्त्र कार्रवाई में भाग लें। युद्धावस्था का यह अनिवार्य तत्व है कि संबंधित राज्यों के पारस्परिक संबंधों में शांतिकालीन अंतर्राष्ट्रीय विधि के नियम निलंबित हो जाते हैं और उनका स्थान युद्ध विधि के नियम ले लेते हैं। इसके अतिरिक्त युद्धरत राज्यों और अन्य राज्यों के पारस्परिक संबंधों में तटस्थता के नियम लागू होने लगते हैं। संक्षेप में कहा जा सकता है कि युद्धावस्था वह स्थिति है जिसमें युद्धकारियों के परस्पर संबंधों में युद्धविधि के नियम और युद्धकारियों तथा गैर युद्धकारियों के परस्पर संबंधों में तटस्थता के नियम लागू होने लगते हैं।
Statesman
राजमर्मज्ञ शासन कला अथवा उसके नियमों में निपुण व्यक्ति। शासन कार्य का सक्रिय रूप से संचालन करने वाला अथवा राज्य की रीतियों-नीतियों को निरूपित करने वाला दूरदर्शी राजनीतिज्ञ।
State socialsim
राजकीय समाजवाद समाजवाद का एक स्वरूप जो इंग्लैंड के श्रमिक दल के कार्यक्रम के साथ जोड़ा जा सकता है। `राजकीय समाजवाद` की तीन मुख्य विशेषताएँ हैं :- (1) यह समाज की वर्तमान वितरण-व्यवस्था से असंतुष्ट होता है और चाहता है कि धन का वितरण वर्तमान की अपेक्षा अधिक न्याययुक्त आधार पर हो ; (2) उत्पादन और वितरण के साधनों का राष्ट्रीयकरण हो ; तथा (3) वांछित उद्देश्य को हिंसात्मक नीति द्वारा नहीं प्रत्युत निर्वाचनों में विजय प्राप्त कर समाजवादी विधान के द्वारा सिद्ध किया जाए।
Status quo ante bellum
युद्धपूर्व स्थिति युद्ध से पूर्व विद्यमान स्थिति।
Statute
क़ानून, संविधि राज्य के विधानांग द्वारा संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार निर्मित विधि।
Statutory committee
सांविधिक समिति विधान मंडल की विधि के अंतर्गत अधिनियमित, निर्मित एवं नियंत्रित समिति।
Statutory power
क़ानूनी शक्ति, सांविधिक शक्ति विधि द्वारा प्रदत्त शक्ति, अधिकार एवं कार्य।
Steering committee
संचालन समिति वह समिति जो किसी विधायी निकाय के कार्यक्रम एवं प्रक्रियाओँ को निश्चित और निर्धारित करती है।