वर्गवाद वह प्रवृत्ति जिसके अंतर्गत राषट्रीय हित की परवाह न करते हुए समाज के किसी वर्ग अथवा खंड विशेष की स्वार्थपूर्ति के लिए अनेक प्रकार की युक्तियाँ अपनाई जाएँ।
Secularism
पंथ निरपेक्षता आधुनिक अवधारणा के रूप में पंथ निरपेक्षता का प्रादुर्भाव पश्चिमी राजदर्शन में हुआ। इसके अनुसार धर्म का राजनीति से कोई सरोकार नहीं होना चाहिए और राज व्यवस्था में इस विचार का महत्व नहीं होना चाहिए कि किसी व्यक्ति का धर्म क्या है। मानवीय मामलों में नियामक तत्व विवेक जनित ज्ञान होना चाहिए, न कि धार्मिक विश्वास। अनेक आधुनिक लोकतांत्रिक देशों में इस आदर्श को अपनाया गया है। परंतु विभिन्न देशों में इसके विभिन्न रूप पाए जाते हैं। अतः यह पद एक विवादास्पद पद बन गया है। उन्नीसवीं शताब्दी ने पंथ निरपेक्षता में सब प्रकार की संकीर्णताओं के विरुद्ध सर्वदेशीय अथवा विश्वव्यापी भ्रातृत्व भावना को प्रोत्साहन दिया। भारत में अनेक लोग पंथनिरपेक्षता को `सर्व धर्म समभाव` के अर्थ में प्रयोग करते हैं जिससे अभिप्राय है कि राज्य का प्रत्येक धर्मावलंबी पंथ के प्रति समान भाव होना चाहिए और उसके द्वारा इन पंथों में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। इस विचारधारा के अनुसार राज्य का धर्म के मामलों में तटस्थ होना आवश्यक नहीं।
Security pact
सुरक्षा अनुबंध दो या अधिक राज्यों के बीच ऐसी अंतर्राष्ट्रीय संधि (या समझौता) जो उन राज्यों पर किसी शत्रु राज्य द्वारा सशस्त्र आक्रमण किए जाने की स्थिति में, उन राज्यों को एक-दूसरे को सैनिक एवं अन्य प्रकार की सहायता प्रदान करने के लिए वचनबद्ध करती है।
Sedition
राजद्रोह विधिवत स्थापित सत्ता के विरुद्ध इस प्रकार के लेखन, भाषण एवं अन्य कार्य जिनका उद्देश्य अवैध उपायों से उस सत्ता को विस्थापित करना हो अथवा उसके विरुद्ध विद्रोह, विप्लव, अशांति अथवा असंतोष उत्पन्न करना हो।
See saw policy
डाँवाडोल नीति किसी राज्य अथवा उसकी सरकार की ऐसी नीति जिसमें स्थिरता, सुदृढ़ता, संकल्प एवं निरंतरता का अभाव हो।
Select committee
प्रवर समिति किसी विशेष विषय अथवा विधेयक पर विस्तारपूर्वक विचार करने के लिए नियुक्त की गई संसदीय समिति। भारत की लोक सभा में इसका गठन स्पीकर द्वारा किया जाता है और इसमें सदन के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व होता है। कभी-कभी दोनों सदनों की संयुक्त प्रवर समिति का गठन भी किया जाता है।
Self government
स्वशासन नागरिकों द्वारा निर्वाचित संस्थाओं के माध्यम से शासन संचालन।
Separatist movement
पृथकतावादी आंदोलन, अलगाववादी आंदोलन ऐसा आंदोलन या कार्यक्रम जिसका लक्ष्य मूल संगठन अथवा राज्य अथवा इकाई से अलग होकर एक स्वतंत्र सत्ता अथवा संगठन स्थापित करना हो।
Sessional committee
सत्रीय समिति ऐसी समिति जिसका अस्तित्व सदन के किसी सत्र विशेष तक ही सीमित रहता है। सदन के सत्र की समाप्ति के साथ ही उसका भी अंत हो जाता है।
Sine die
अनिश्चित काल तक अनियत काल के लिए अथवा बिना कोई अगली तिथि निर्धारित किए हुए (जैसे, संसद का अनिश्चित काल तक स्थगन)।