निष्ठाओं का उचित क्रम-निर्धारण यह स्वाभाविक है कि सामाजिक प्राणी होने के नाते नागरिक की निष्ठा अनेक संस्थाओं या संगठनों के प्रति होती है किन्तु एक आदर्श नागरिक का आचरण ऐसा होना चाहिए कि वह अपनी निजी या क्षणिक लाभ देने वाली संस्थाओं के प्रति निष्ठा से ऊपर उठकर उच्चकोटि के हितों और संस्थाओं के प्रति निष्ठावान हों जैसे, इस क्रम में स्वयं की अपेक्षा समुदाय के प्रति, समुदाय की अपेक्षा प्रदेश के प्रति, प्रदेश की अपेक्षा राष्ट्र के प्रति और इन सबसे ऊपर मानव समाज के प्रति उसकी निष्ठा हो। इस प्रक्रिया को निष्ठाओं का उचित क्रम-निर्धारण कहते हैं।
Right wing party (rightist party)
दक्षिणपंथी दल ऐसे दल जो अनुदारवादी नीतियों का पालन करते हैं और प्रायः यथापूर्व स्थिति को बनाए रखने के पक्ष में होते हैं। सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में यदि वे परिवर्तन स्वीकार करते भी हैं तो उनका दृष्टिकोण यह होता है कि ये परिवर्तन धीरे-धीरे लाए जाएँ। वर्तमान समय में लोक-तंत्रात्मक राज्यों में राजनीतिक दलों का वर्गीकरण मोटे रूप से तीन भागों में किया जाता है :- 1. दक्षिणपंथी (अनुदार) 2. वामपंथी (समाजवादी/प्रगतिवादी) 3. मध्यपंथी (उदार) बहुधा दलों के आर्थिक व्यवस्था के प्रति दृष्टिकोण को देखकर उनको उपरोक्त वर्गों में से किसी एक वर्ग में रखा जाता है।
Rio Treaty
रियो संधि 1947 में 21 अमेरिकी गणराज्यों के बीच हुई पारस्परिक सहायतार्थ अंतर-अमेरिकी संधि। इस संधि द्वारा इन राज्यों में यह समझौता हुआ कि यदि किसी अमेरिकी राज्य पर किसी अन्य राज्य द्वारा आक्रमण होता है तो यह इन सब पर आक्रमण माना जाएगा। ऐसी स्थिति में सारे राज्य आपसी विचारविमर्श के बाद यह निर्णय लेंगे कि अपनी व्यक्तिगत कार्रवाई की स्वतंत्रता रखते हुए वे सामूहिक रूप से कौन-से कदम उठाएँ। इस संधि में यह बात भी मानी गई कि अमेरिकी राज्य आपसी झगड़ों का समाधान शांतिमय उपायों से करेंगे जिनका उल्लेख भी इस संधि में किया गया है। इस संधि के अंतर्गत लिए गए निर्णयों को लागू करने का दायित्व अमेरिकी राज्य संगठन के अंगों पर है।
Riparian states
तटवर्ती राज्य समुद्र अथवा अंतर्राष्ट्रीय नदियों के तट पर बसे राज्य। अंतर्राष्ट्रीय विधि के अंतर्गत समुद्र अथवा अंतर्राष्ट्रीय नदियों में व्यवस्था बनाए रखने में तटवर्ती राज्यों का विशेष दायित्व होता है। अंतर्राष्ट्रीय नदियों के उपयोग के मामले में तटवर्ती राज्यों के अधिकार अंतर्राष्ट्रीय विधि एवं तत्संबंधी संधियों द्वारा नियमित होते हैं।
Roll call voting
नामावली मतदान, नामोच्चारण द्वारा मतदान यह प्रक्रिया जिसके अंतर्गत विधानमंडल में किसी विधेयक पर प्रत्येक सदस्य को `हाँ` या `न` कहकर अपना मत व्यक्त करने के लिए पुकारा जाता है। वर्तमान काल में विधान मंडलों में मतसंग्रह प्रायः सामूहिक रूप से `हाँ` या `न` कहकर कराया जाता है जिसे ध्वनि मतदान कहते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में विभिन्न दल राष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार का नामांकन करने के लिए राष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन करते हैं। उनमें सभी राज्यों के प्रतिनिधि भाग लेते हैं। सम्मेलन का सभापति अंग्रेजी वर्णमाला के क्रमानुसार बारी-बारी से प्रत्येक राज्य के प्रतिनिधि से अपना मत व्यक्त करने के लिए कहता है। इसे भी नामोच्चारण द्वारा मतसंग्रह का एक दृष्टांत माना जा सकता है।
Rome-Berlin axis
रोम-बर्लिन धुरी दोनों युद्धों के अंतराल में विश्व की महाशक्तियाँ दो शिविरों में बंटती जा रही थीं जिनमें एक पक्ष का प्रणेता हिटलर के अधीन नाज़ी जर्मनी था और दूसरा पक्ष इंग्लैंड और फ्रांस के नेतृत्व में गठित हो रहा था। हिटलर ने अपनी प्रसारवादी नीति को साकार करने के लिए सर्वप्रथम समान विचारधारा वाले देश इटली से गठबंधन किया जिसे `रोम-बर्लिन घुरी` कहा जाता है। कुछ समय पश्चात् इसी विचारधारा का पक्षपाती जापान भी इस द्विपक्षीय पारस्परिक सहायता संधि मं शामिल हो गया और तब यह गठबंधन रोम-बर्लिन-टोकियो धुरी कहलाया जाने लगा। द्वितीय महायुद्ध में ये राष्ट्र धुरी युद्धकारी राष्ट्र कहलाए।
Roman Catholic Church
रोमन कैथोलिक चर्च ईसाइयों का वह विश्वव्यापी धार्मिक संगठन जिसके परमगुरु पोप माने जाते हैं। इनका निवास स्थान और मुख्यालय रोम के निकट वैटिकन नगर में है। यह माना जाता है कि परम गुरु पोप की गद्दी ईसा समीह के बारह शिष्यों में से एक संत पॉल से आरंभ होती है। मध्य युग में इस चर्च का वर्चस्व राजनीतिक, धार्मिक, शैक्षिक आदि सभी क्षेत्रों में था। सुधारवादी आंदोलन के बाद विश्व के ईसाई दो भागों में बंट गए-एक, प्रोटेस्टेन्ट और दूसरे कैथोलिक। अब केवल कैथोलिक संप्रदाय की निष्ठा ही रोमन कैथोलिक चर्च के प्रति है।
Roving ambassador
भ्रमणशील दूत वह विशिष्ट दूत जो किसी एक देश को प्रत्यायित न होकर राष्ट्रपति अथवा शासनाध्यक्ष के निजी प्रतिनिधि के रूप में देश की नीति अथवा नीतियों के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए विदेशों में भेजा जाता है। एक देश में स्थिर न रहने और विभिन्न देशों का दौरा करते रहने के कारण इसे `भ्रमणशील दूत` या राजदूत कहते हैं। इसके सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं राष्ट्रपति रूजवेल्ट के प्रतिनिधि के रूप में हैरी हॉपकिन्स, राष्ट्रपति टुमैन के प्रतिनिधि के रूप में एवरैल हैरीमैन और भारतवर्ष में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के प्रतिनिधि के रूप में कृष्ण मेनन।
Royal charter
शाही फ़रमान, शाही प्राधिकार पत्र ब्रिटिश इतिहास के संदर्भ में सम्राट द्वारा लिखित रूप से दी गई आज्ञा। इस प्रकार जारी किए गए प्राधिकारपत्र के द्वारा सम्राट किसी व्यक्ति या निकाय को किसी विशेष कार्य के लिए अधिकृत करते थे। इसमें उन अधिकारों तथा कर्त्तव्यों का उल्लेख रहता था जिनका पालन इसके प्राप्तकर्ता के लिए अनिवार्य था। 1600 ई. में ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना भी शाही प्राधिकार पत्र द्वारा की गई थी।
Rule
नियम विधायिका के क़ानूनों के अधीन तथा उसके द्वारा प्रदत्त अधिकारों के अंतर्गत कार्यपालिका द्वारा बनाई गई विधियाँ जिन्हें प्रशासकीय विधियाँ अथवा अधीनस्थ विधि-निर्माण कहते हैं। प्रशासकीय विधियों का दृष्टांत और स्वरूप `नियम` है। नियमों के अतिरिक्त अधिनियम, उपनियम आदि भी प्रशासकीय विधियों के स्वरूप हैं। नियम आदि प्रायः प्रशासकीय अधिकारियों अथवा निकायों द्वारा बनाए जा सकते हैं। यह मूल विधायिनी व्यवस्था पर निर्भर करता है।