प्रवचनशास्त्र
धर्मशास्त्र की प्रवचन-कला और उसके प्रशिक्षण से संबंधित शाखा-विशेष।
Homme Moyen
सामान्य मानव
(कल्पितार्थ) मनुष्य का संप्रत्यय, जो कि मिथ्या होते हुए भी उपयोगी है।
Homo Absconditus
दुर्ज्ञेय मानव
मानवमीमांसा अर्थात् मानवविज्ञान का एक संप्रत्यय, जिसके अनुसार, मनुष्य को दार्शनिक धारणाओं के अन्दर नहीं बाँधा जा सकता और न वैज्ञानिक अनुसंधान की प्रणालियाँ ही उस पर लागू होती हैं।
Homo Creator
स्वसर्जक मानव, स्वनिर्माता मानव
नीत्शे की वह अवधारणा कि मनुष्य निर्माता स्वयं है।
Homo Dionysiacus
डायोनिससीय मानव
ह्रास या पतन की अवस्था में कल्पित मानव, शेपेनहावर, नीत्शे इत्यादि के चिंतन से प्रेरित मनुष्य की स्वयं अपने पतन की कल्पना।
Homoeomeries
समांग, समावयव
अरस्तू के दर्शन में, वे पिंड जिनका ऐसे अवयवों में विभाजन किया जा सकता है जो गुण की दृष्टि से परस्पर समान हों और पूर्ण के भी समान हों। जैसे : धातुएँ।
Homoiousios
सदृशद्रव्य
ईसाई धर्मशास्त्र में इस धारण का सूचक पद कि ईसा, ईश्वर के समान है किन्तु पूर्णतः ईश्वर नहीं है।
Homo Mensura
मनुष्य एवं प्रमाणम् (मनुष्य ही प्रमाण है)
प्राचीन यूनानी दार्शनिक प्रोटेगोरस की एक प्रसिद्ध उक्ति का लैटिन रूपांतर। इस उक्ति की अनेक प्रकार से व्याख्या की गई है। पर यह निश्चित है कि प्रोटेगोरस हर वस्तु को मनुष्य सापेक्ष समझता था और सच्चाई, अच्छाई इत्यादि का आधार मनुष्य के लिये उनकी उपयोगिता को मानता था।
Homoousios
समद्रव्य
ईसाई धर्म में प्रयुक्त पद जिसके अनुसार ईसा व ईश्वर समान हैं।
Homo Religiosus
धार्मिक मानव
वह मत कि मनुष्य एक धर्मनिष्ठ या धर्मभीरू प्राणी है। यह मनुष्य की स्वविषयक धारणा के विकास की एक अवस्था है।