क्षेत्रीय असंतुलन किसी देश के विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक व औद्योगिक विकास असमान होने से उत्पन्न विषमताएँ। यह स्थिति उन देशों में विशेष रूप से पाई जाती है जहाँ भौगोलिक, ऐतिहासिक तथा अन्य कारणों से कुछ क्षेत्र पिछड़े रह गए हैं और वर्तमान काल में देश के विकास-कार्य का समान रूप से लाभ नहीं पा सके हैं।
Regional organisation
क्षेत्रीय संगठन किसी क्षेत्र-विशेष में स्थित क्षेत्रीय स्तर पर संगठित राज्यों के अंतर्राष्ट्रीय संगठन जिनका उद्देश्य सदस्य राष्ट्रों का आर्थिक विकास तथा उनका सैनिक सुरक्षा एवं अन्य समान हितों के मामलों में पारस्परिक सहयोग सुनिश्चित करना होता है। मूल रूप से, इस प्रकार क संगठनों को दो भागों में बाँटा जाता है :- 1. सैनिक संगठन, 2. असैनिक संगठन। सैनिक संगठनों का मुख्य उदाहरण है उत्तरी एटलांटिक संधि संगठन (नाटो) और असैनिक संगठनों के प्रमुख उदाहरण है यूरोपीय आर्थिक समुदाय (ई. ई. सी.), दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क), दक्षिणी पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन (एसियान)। यह उल्लेखनीय है कि क्षेत्रीय संगठन संयुक्त राष्ट्र की व्यवस्था के प्रतिकूल नहीं हैं।
Regional representation
क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व इसका आशय है किसी इकाई की संस्थाओं में उसके भागों अथवा भूखंडों का समुचित प्रतिनिधित्व। संयुक्त राष्ट्र संघ के विभिन्न अंगों के संगठन में इस बात का प्रयास किया जाता है कि उनमें संसार के सभी भौगोलिक क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व प्राप्त हो। इसी प्रकार राष्ट्रीय व्यवस्था में विधान मंडल, न्यायपालिका एवं कार्यपालिका के संगठन में इस बात का प्रयास किया जाता है कि यथा संभव देश के विभिन्न प्रदेशों को उनमें प्रतिनिधित्व प्राप्त हो।
Remedial rights
उपचारात्मक अधिकार समाज के दुर्बल वर्गों की सामाजिक एवं आर्थिक दशा को सुधारने तथा उनको समाज के अन्य वर्गों के समकक्ष लाने के उद्देश्य से दी गई विशेष वैधानिक सुविधाएँ एवं अधिकार जैसे नौकरियों और शिक्षा संस्थाओं में स्थान-आरक्षण, निःशुल्क शिक्षा आदि।
Renaissance
पुनर्जागरण, पुनरोदय चौदहवीं-पंद्हवीं शताब्दी में इटली तथा यूरोप के अनेक राज्यों में कला, साहित्य वाणिज्य, उद्योग आदि के क्षेत्रों में होनेवाली उथल-पुथल जिसके परिणामस्वरूप यूरोप में मध्ययुगीन धर्मांधता तथा जड़ता का युग समाप्त हुआ और विवेक एवं विज्ञान के आधार पर नई खोजों तथा आविष्कारों का युग प्रारंभ हुआ। नए-नए देशों तथा व्यापार-मार्गों की खोज हुई। कला, साहित्य एवं वास्तुकला के क्षेत्रों में एक बार पुनः यूनानी-रोमन शैली एवं पद्धति का प्रवर्तन हुआ। सामाजिक, आर्थिक, कला एवं साहित्य के क्षेत्रों में होने वाले इस संपूर्ण परिवर्तन को `पुनर्जागरण` के नाम से जाना जाता है।
Repairiation
देश-प्रत्यावर्तन, प्रत्यावासन किन्हीं व्यक्तियों अथवा व्यक्ति-समूहों को विदेश से उनके स्वदेश भेजे जाने की प्राक्रिया जैसे, शरणार्थियों अथवा युद्धबंदियों को उनके देश वापिस भेजा जाना। इस शब्द का प्रयोग विदेश में लगी पूँजी को स्वदेश भेजे जाने के लिए भी किया जाता है।
Representation of minorities
अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय संस्थाओं, विशेष रूप से विधान मंडलों में धार्मिक, भाषायी अथवा जातीय अल्पसंख्यकों को स्थान प्रदान करना। इसके लिए अनेक प्रकार की निर्वाचन प्रणालियाँ अथवा प्रशासनिक पद्धतियाँ (जैसे, स्थान-आरक्षण) अपनाई जा सकती हैं। निर्वाचन-प्रणालियों में आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली भी अल्पसंख्यकों (विशेषकर अल्पसंख्यक दलों व समूहों) को प्रतिनिधित्व प्रदान करने का एक उपाय है।
Representative democracy
प्रतिनिधिक लोकतंत्र ऐसी शासन-व्यवस्था जिसमें जनता प्रत्यक्ष रूप से शासन में भाग न लेकर अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से भाग लेती है। शासन व्यवस्था के इतिहास में राजनीतिक विकास एकतंत्रवाद से प्रतिनिधिमूलक लोकतंत्र की दिशा में हुआ है।
Representative government
प्रतिनिधिक सरकार आधुनिक युग के विशाल राज्यों में प्रत्यक्ष लोकतंत्रात्मक शासन-पद्धति के माध्यम से शासन संभव नहीं, अतः उनमें प्रतिनिधिमूलक सरकार की पद्धति द्वारा शासन करने की व्यवस्था की जाती है। इस पद्धति में जनता के निर्वाचित प्रतिनिधि सरकार की नीतियों एवं विधियों का निर्माण करते है। संसदात्मक प्रणाली के राज्यों में कार्यपालिका भी इनके प्रति उत्तरदायी होती है। कार्यपालिका के आय और व्यय भी इनके द्वारा ही निर्धारित किए जाते है। कुछ देशों मं न्यायपालिका का चुनाव (विशेषकर निम्न स्तर पर) भी जनता द्वारा होता है।
Republic
गणराज्य लोकतंत्र का वह स्वरूप जिसमें राष्ट्रध्यक्ष समेत सभी पद निर्वाचन द्वारा भरे जाते हों और साधारण से साधारण नागरिकों क लिए खुले हों। ग्रेट ब्रिटेन लोकतंत्र होते हुए भी गणराज्य नहीं है क्योंकि वहाँ राज्याध्यक्ष वंशक्रमानुगत होता है। इसके विपरीत, भारत एक गणतंत्र है।